lebanon airstrike ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध का आज सातवां दिन है. बीते छह दिनों में ईरान में भयंकर तबाही मची है. गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि खामेनेई के बाद ईरान का नया नेता चुनने में उनकी डायरेक्ट भूमिका रहेगी. दूसरी तरफ भारत ने खामेनेई के निधन पर शोक जताया, साथ ही विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से मुलाकात भी की.
फिलहाल रूस ने यूरोप को चेताया है कि अगर ईरान युद्ध जल्द खत्म नहीं होता है तो वह गैस सप्लाई रोक देगा.
ईरान की सेना का कहना है कि 'ट्रू प्रॉमिस 4' ऑपरेशन की नई लहर शुरू हो गई है. इसमें खैबर मिसाइलों से तेल अवीव को निशाना बनाया जा रहा है. ड्रोन हमले की किए जा रहे हैं.
इजरायली सेना का कहना है कि उसने बेरूत के दक्षिणी इलाके में हिज़्बुल्लाह पर हमला करना शुरू कर दिया है.
जंग के बीच ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का बयान आया है. उन्होंने कहा इस युद्ध के लिए ईरान भी लंबे वक्त से तैयार था. उन्होंने आगे कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना ये सुनिश्चित कर रही हैं कि जो भी इसे आगे बढ़ाने का फैसला करे, उसके लिए यह एक दलदल बन जाए.
अराघची बोले कि अमेरिकी प्रशासन के साथ दो बार बातचीत की. दोनों बार, बातचीत के बीच में ही हम पर हमला हुआ. इस खून-खराबे के लिए वही प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है.
अमेरिका, बहरीन, सऊदी अरब और दूसरे देशों ने इलाके में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है. इसके लिए संयुक्त राज्य अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की तरफ से साझा बयान जारी किया गया है.
बयान में कहा गया है कि हमलों ने संप्रभु क्षेत्र को निशाना बनाया, नागरिकों को खतरे में डाला और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया. आगे कहा गया कि ईरान का उन देशों को निशाना बनाना जो शत्रुता में शामिल नहीं हैं, गैरजिम्मेदाराना और अस्थिरता पैदा करने वाला व्यवहार है.
ईरानी अधिकारी ने अमेरिका को जमीनी आक्रमण (ईरान में सेना भेजने) के खिलाफ चेतावनी दी. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा कि ऐसे किसी भी ऑपरेशन का जोरदार और निर्दयतापूर्ण ढंग से जवाब दिया जाएगा.
हालांकि, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ समेत अमेरिकी अधिकारियों ने जमीनी आक्रमण शुरू करने पर कोई साफ इरादा जाहिर नहीं किया है. लेकिन उन्होंने इसे खारिज भी नहीं किया.
यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें मिडिल ईस्ट में ईरानी ड्रोन से बचाव के लिए U.S. से मदद की रिक्वेस्ट मिली है. जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने यूक्रेनी एक्सपर्ट के साथ इक्विपमेंट देने का ऑर्डर दिया है. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, 'यूक्रेन उन पार्टनर्स की मदद करता है जो हमारी सिक्योरिटी और हमारे लोगों की जान की सुरक्षा में मदद करते हैं.'