Jaishankar met Iran's Deputy Foreign Minister. ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध का आज सातवां दिन है. बीते छह दिनों में ईरान में भयंकर तबाही मची है. गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि खामेनेई के बाद ईरान का नया नेता चुनने में उनकी डायरेक्ट भूमिका रहेगी. दूसरी तरफ भारत ने खामेनेई के निधन पर शोक जताया, साथ ही विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से मुलाकात भी की.
फिलहाल रूस ने यूरोप को चेताया है कि अगर ईरान युद्ध जल्द खत्म नहीं होता है तो वह गैस सप्लाई रोक देगा.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके X अकाउंट से पहली पोस्ट सामने आई है. इस पोस्ट में इजरायल को चेतावनी दी गई है. पोस्ट में एक AI से बनी तस्वीर साझा की गई है जिसमें मिसाइल के निर्माण से लेकर लक्ष्य पर हमला करने तक की प्रक्रिया दिखाई गई है.
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि यदि ईरान ने सरेंडर नहीं किया तो उसके लिए खौफनाक प्लान तैयार है. वहीं ईरान भी लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों से पलटवार कर रहा है.
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तेहरान, इस्फहान और इलम शहर पर इजरायल ने हमला किया है. ईरान के इन शहरों पर इजरायल ने हवाई हमले किए हैं. इजरायल का ये हमला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने ईरान को धमकी देते हुए बिना शर्त सरेंडर के लिए कहा था.
ईरान की सेना ने कुवैत के तट के करीब अमेरिकी टैंकर पर हमले का दावा किया है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक एक टैंकर पर हमला हुआ और वह आग का गोला बन गया. इराक के बसरा एयरपोर्ट पर भी ड्रोन अटैक हुआ है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक कह दिया है कि ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी. ईरान को बिना शर्त सरेंडर करना होगा. उन्होंने कहा कि हम ईरान को शानदार बनाएंगे. ईरान को फिर से महान बनाएंगे. हम ईरान की अर्थव्यवस्था को सुधारेंगे. ट्रंप ने हथियार कॉन्ट्रैक्टर्स से भी मुलाकात की और हथियारों का उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हथियार दुनिया में सबसे बेहतर हैं.
अमेरिका और इजरायल के हमलों को एक हफ्ता पूरा हो चुका है, लेकिन मध्य पूर्व में भड़की आग ठंडी होने के बजाय और फैलती नजर आ रही है. इन सात दिनों में हालात इतनी तेजी से बदले हैं कि संघर्ष अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा.
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व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एन्ना केल्ली ने कहा है कि ईरानी शासन को पूरी तरह से कुचला जा रहा है. उन्होंने दावा किया है कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों से जवाबी हमले हर दिन कम होते जा रहे हैं. ईरान की नौसेना लगभग खत्म की जा रही है और उत्पादन क्षमता को नष्ट किया जा रहा है. उसके सहयोगी ग्रुप भी बहुत मुश्किल से लड़ाई कर पा रहे हैं. हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने ईरान को रूस से मिल रही किसी मदद को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की.
अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा श्रीलंका के तट के पास ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने के बाद यह दावा किया गया कि भारतीय नौसेना ने अमेरिका को खुफिया जानकारी दी थी. सरकार के शीर्ष सूत्रों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और हास्यास्पद बताया है. इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविकों की मौत हुई है.
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इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के ठिकाने पर हमले का वीडियो जारी किया है. इजरायल की ओर से कहा गया है कि खामेनेई के ठिकाने पर 50 फाइटर जेट्स ने बमबारी की थी.
ईरान ने इजरायल के तेल अवीव पर मिसाइल अटैक किए हैं. तेल अवीव में कई धमाकों की आवाज सुनी गई. तेल अवीव में अब भी सायरन बज रहे हैं. इजरायल एयर डिफेंस के मुताबिक कई और मिसाइलें तेल अवीव की ओर आ रही हैं. ईरान की सेना ने इजरायल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है.
ईरानी सेना आईआरजीसी ने इजरायल पर खुर्रम शाह आर-4, खैबर और फतह मिसाइल से हमले का दावा किया है. आईआरजीसी ने कहा है कि ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 22वीं वेव शुरू हो गई है. हमने इजरायल के कब्जे वाले इलाकों को निशाना बनाया है.
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर दबाव बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकजुट है. इसी के तहत अमेरिका ने चीन, भारत, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, तुर्किये और ताइवान को ईरानी कच्चे तेल की खरीद में कमी करने के आधार पर प्रतिबंधों से छूट दी है.
अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि इन देशों ने ईरान से कच्चे तेल की खरीद में उल्लेखनीय कमी की है या उसे पूरी तरह बंद कर दिया है. इसी आधार पर इन देशों के वित्तीय संस्थानों को नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (NDAA) 2012 की धारा 1245 के तहत लगने वाले प्रतिबंधों से 180 दिनों के लिए छूट दी जाएगी, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है.
अमेरिका के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार ईरान पर दबाव बना रहा है ताकि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर उठी चिंताओं का समाधान करे और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करे. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि अब तक कुल 20 देश और अर्थव्यवस्थाएं ईरान से तेल की खरीद में बड़ी कटौती कर चुकी हैं या उसे पूरी तरह खत्म कर चुकी हैं.
अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए 3 जून को एक नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर भी जारी किया था. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का संदेश साफ है- ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर ठोस कदम उठाए, वरना उसे बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और अलग-थलग पड़ने का सामना करना पड़ेगा.
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान ने इजरायल के खिलाफ बड़ा हमला किया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ के 19वें चरण में खोर्रमशहर-4 नाम की भारी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. ये मिसाइलें आज सुबह तेल अवीव के बीचों-बीच, बेन गुरियन एयरपोर्ट और इजरायली एयर फोर्स के 27वीं स्क्वाड्रन बेस को निशाना बनाकर लॉन्च की गईं.
IRGC के मुताबिक इन मिसाइलों में करीब 1 टन वजन का वॉरहेड लगा हुआ था. इन्हें ‘या हसन इब्न अली’ कोडनेम के तहत दागा गया. दावा किया गया है कि मिसाइलें अटैक ड्रोन के साथ आगे बढ़ीं और इजरायल की 7 परतों वाली एयर डिफेंस सिस्टम को पार कर अपने टारगेट तक पहुंचीं.
ईरान का कहना है कि इससे पहले ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ के 18वें चरण में बहरीन, यूएई और कुवैत में मौजूद अमेरिका के 20 सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया गया था. IRGC के बयान में दावा किया गया है कि हमलों के बाद अमेरिकी सैनिक अपने बेस छोड़कर होटलों में छिपने को मजबूर हो गए.
ईरानी सेना ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना अब फारस की खाड़ी के देशों में आम नागरिकों की इमारतों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही है. हालांकि IRGC का कहना है कि उनकी खुफिया एजेंसियां लगातार नजर रखे हुए हैं और ईरानी सैनिक अमेरिकी ठिकानों की गतिविधियों पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं.
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि कुछ ही देर पहले ईरान की ओर से इजरायल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं. खतरे को देखते हुए इजरायल के डिफेंस सिस्टम उन्हें इंटरसेप्ट करने के लिए सक्रिय हो गए हैं. IDF के मुताबिक, पिछले कुछ मिनटों में होम फ्रंट कमांड ने प्रभावित इलाकों में लोगों के मोबाइल फोन पर प्रारंभिक अलर्ट जारी किया है. नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है, क्योंकि ये निर्देश लोगों की जान बचाने के लिए जारी किए जाते हैं.
लोगों से कहा गया है कि अलर्ट मिलते ही तुरंत सुरक्षित स्थानों (प्रोटेक्टेड स्पेस) में चले जाएं और अगली आधिकारिक घोषणा होने तक वहीं बने रहें. प्रोटेक्टेड स्पेस से बाहर निकलने की अनुमति तभी दी जाएगी जब इसके लिए स्पष्ट निर्देश जारी किया जाएगा. तब तक होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन जारी रखने को कहा गया है.
एतिहाद एयरवेज़ आज से 19 मार्च तक अबू धाबी और आठ भारतीय डेस्टिनेशन के बीच अपनी फ़्लाइट ऑपरेशन फिर से शुरू करेगा, जिससे भारतीय यात्रियों और मिडिल ईस्ट में फंसे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
एयरलाइन अहमदाबाद, बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और कोलकाता के लिए सर्विस चलाएगी क्योंकि यह बदलते क्षेत्रीय हालात के बीच धीरे-धीरे कनेक्टिविटी बहाल कर रही है.
शुक्रवार सुबह तेहरान पर इज़राइली बमबारी हुई. जोम्हूरी एवेन्यू, जो एक बड़ी शॉपिंग स्ट्रीट है और ईरानी राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है, उन इलाकों में से एक था जहां हमला हुआ है.
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने बताया कि जोम्हूरी स्ट्रीट के कुछ हिस्से, जामी BRT स्टेशन और पास के रिहायशी इलाके में एक घर पूरी तरह तबाह हो गया. हमलों के बाद सेंट्रल और ईस्टर्न तेहरान की सड़कें ज़्यादातर खाली बताई गईं.
इज़रायली सेना ने शुक्रवार को पहले कहा था कि उसने तेहरान में सरकार के खास इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर 'बड़े पैमाने पर हमले' किए हैं.
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादा ने शुक्रवार सुबह दिल्ली में 'रायसीना डायलॉग' के दौरान अमेरिका की कड़ी आलोचना की. उन्होंने फारस की खाड़ी में अमेरिकी रडारों की उपस्थिति पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या वे वहां 'मछली पकड़ने' के लिए तैनात हैं. खतीबजादा ने मौजूदा संघर्ष को ईरान के लिए एक 'अस्तित्व की लड़ाई' बताया, जो अमेरिका की धमकियों के कारण पैदा हुई है.
उन्होंने कहा कि ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को बंद नहीं किया है और वे एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में कार्य कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो शख्स न्यूयॉर्क का मेयर नियुक्त नहीं कर सकता, वह ईरान का नेता तय करने की कोशिश कर रहा है.
खतीबजादा ने जोर देकर कहा कि ईरान 'अमेरिकी फुटबॉल' की मानसिकता के बजाय 'शतरंज की मानसिकता' से कूटनीति का संचालन करता है.
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान में युद्ध की वजह से US में गैस की कीमतों के बढ़ने की चिंता नहीं है. रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है. जब यह खत्म हो जाएगा तो कीमतें बहुत तेज़ी से गिरेंगी. अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो बढ़ती हैं, लेकिन यह गैसोलीन की कीमतों के थोड़ा बढ़ने से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है.”
ईरान के साथ युद्ध की वजह से गैस की कीमतें कुछ ही दिनों में 20 सेंट प्रति गैलन, या 7% बढ़ गई हैं. ट्रंप ने रॉयटर्स को बताया कि वह देश के स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व का इस्तेमाल करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यकीन है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा क्योंकि ईरान की नेवी “समुद्र के नीचे” है.
US मिलिट्री ने शुक्रवार सुबह कहा कि एक ईरानी ड्रोन कैरियर पर हमला किया गया और उसे आग लगा दी गई. मिलिट्री के सेंट्रल कमांड के मैसेज में IRIS शाहिद बाघेरी का ब्लैक-एंड-व्हाइट फुटेज दिखाया गया, जिस पर कई हमले हुए और वह जल गया. सेंट्रल कमांड ने कहा, “US सेना पूरी ईरानी नेवी को डुबोने के मिशन से पीछे नहीं हट रही है.”
यूनिसेफ ने ईरान में चल रही मिलिट्री बढ़ोतरी से बच्चों पर बढ़ते असर पर गहरी चिंता जताई है. उसने कहा है कि करीब 180 बच्चे मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं. मरने वालों में 168 लड़कियां भी शामिल हैं, जिनकी मौत 28 फरवरी को मिनाब के शाजारेह तैयबेह गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल में उस समय हुई जब क्लास चल रही थीं.
एजेंसी ने कहा कि मरने वालों में ज़्यादातर 7 से 12 साल के स्कूली बच्चे थे, जबकि पांच जगहों पर स्कूलों पर हुए हमलों में 12 और बच्चे मारे गए.
इन मौतों को "बच्चों पर युद्ध की क्रूरता की कड़ी याद दिलाने वाला" बताते हुए, यूनिसेफ ने कहा कि स्कूल और बच्चे इंटरनेशनल ह्यूमनिटेरियन कानून के तहत सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित जगहें ही रहना चाहिए.
एजेंसी ने आगे कहा कि कम से कम 20 स्कूल और 10 अस्पताल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे शिक्षा और हेल्थकेयर में रुकावट आई है. एजेंसी ने सभी पार्टियों से नागरिकों की रक्षा करने और इंटरनेशनल कानून का पालन करने की अपील की है, जबकि वह स्थिति पर नज़र रखना और प्रभावित परिवारों की मदद करना जारी रखे हुए है.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने नई प्राथमिकता का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि अभी उनका फोकस ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने पर है, लेकिन इसके बाद अमेरिकी विदेश नीति का रुख क्यूबा की ओर मुड़ सकता है.
U.S. सेंटकॉम कमांडर ने दावा किया है कि यूएस ने अब तक 30 से ज्यादा ईरानी जहाज डुबोए हैं, जिसमें ईरानी ड्रोन जहाज भी शामिल है.
ईरान पर हमले रोकने के लिए अमेरिकी संसद में प्रस्ताव लाया गया. इसके लिए विपक्षी सांसदों ने war powers resolution लाने की मांग की. लेकिन संसद में ये प्रस्ताव 212-219 से खारिज कर दिया गया. मतलब, अब राष्ट्रपति पर तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने का दबाव नहीं रहेगा.
बता दें कि War Powers Resolution अमेरिका का एक कानून है, जिसे 1973 में पारित किया गया था. इसका उद्देश्य यह तय करना है कि राष्ट्रपति और संसद (कांग्रेस) के बीच युद्ध छेड़ने की शक्ति कैसे बांटी जाएगी.
ईरान पर अटैक के लिए शुरू किए गए Operation Epic Fury पर ट्रंप ने बात की. उन्होंने कहा, 'उनके (ईरान) पास कोई वायुसेना नहीं है, उनके पास कोई एयर डिफेंस नहीं है, उनके सभी हवाई जहाज चले गए हैं, मिसाइलें चली गई हैं, लॉन्चर चले गए हैं - लगभग लगभग 60% और 64% सामान खत्म है.' ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने तीन दिनों में ईरान के 24 जहाजों को नष्ट कर दिया.
ईरान की सेना का कहना है कि 'ट्रू प्रॉमिस 4' ऑपरेशन की नई लहर शुरू हो गई है. इसमें खैबर मिसाइलों से तेल अवीव को निशाना बनाया जा रहा है. ड्रोन हमले की किए जा रहे हैं.
इजरायली सेना का कहना है कि उसने बेरूत के दक्षिणी इलाके में हिज़्बुल्लाह पर हमला करना शुरू कर दिया है.
जंग के बीच ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का बयान आया है. उन्होंने कहा इस युद्ध के लिए ईरान भी लंबे वक्त से तैयार था. उन्होंने आगे कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना ये सुनिश्चित कर रही हैं कि जो भी इसे आगे बढ़ाने का फैसला करे, उसके लिए यह एक दलदल बन जाए.
अराघची बोले कि अमेरिकी प्रशासन के साथ दो बार बातचीत की. दोनों बार, बातचीत के बीच में ही हम पर हमला हुआ. इस खून-खराबे के लिए वही प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है.
अमेरिका, बहरीन, सऊदी अरब और दूसरे देशों ने इलाके में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है. इसके लिए संयुक्त राज्य अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की तरफ से साझा बयान जारी किया गया है.
बयान में कहा गया है कि हमलों ने संप्रभु क्षेत्र को निशाना बनाया, नागरिकों को खतरे में डाला और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया. आगे कहा गया कि ईरान का उन देशों को निशाना बनाना जो शत्रुता में शामिल नहीं हैं, गैरजिम्मेदाराना और अस्थिरता पैदा करने वाला व्यवहार है.
ईरानी अधिकारी ने अमेरिका को जमीनी आक्रमण (ईरान में सेना भेजने) के खिलाफ चेतावनी दी. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा कि ऐसे किसी भी ऑपरेशन का जोरदार और निर्दयतापूर्ण ढंग से जवाब दिया जाएगा.
हालांकि, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ समेत अमेरिकी अधिकारियों ने जमीनी आक्रमण शुरू करने पर कोई साफ इरादा जाहिर नहीं किया है. लेकिन उन्होंने इसे खारिज भी नहीं किया.
यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें मिडिल ईस्ट में ईरानी ड्रोन से बचाव के लिए U.S. से मदद की रिक्वेस्ट मिली है. जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने यूक्रेनी एक्सपर्ट के साथ इक्विपमेंट देने का ऑर्डर दिया है. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, 'यूक्रेन उन पार्टनर्स की मदद करता है जो हमारी सिक्योरिटी और हमारे लोगों की जान की सुरक्षा में मदद करते हैं.'