अशोक चौधरी (Ashok Choudhary) जनता दल यूनाइटेड के सदस्य हैं (Member of JDU) और शेखपुरा के बरबीघा क्षेत्र से राजनीति करते हैं (Ashok Choudhary constituency). 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बनें. 7 मई 2026 को बिहार कैबिनेट विस्तार हुआ जिसमें अशोक चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली.
बिहार चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार की सरकार में अशोक चौधरी कैबिनेट मंत्री बने.
2020 में जब नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में उन्हें बतौर कैबिनेट मंत्री में शामिल किया गया था तब वह विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे. वह 2020 से बिहार सरकार में भवन निर्माण विभाग के मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं (Ashok Choudhary ministry). वह मंत्री नियुक्त होने के बाद बिहार विधान परिषद के सदस्य बने (Ashok Choudhary MLC).
अशोक चौधरी का जन्म 25 फरवरी 1968 को बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड में हुआ था (Ashok Choudhary age). उनके पिता का नाम महावीर चौधरी हैं (Ashok Choudhary father). जदयू में आने से पहले उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से की थी. वह 2000 में पहली बार बरबीघा निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर बिहार विधानसभा के सदस्य बने. उन्हें तत्कालीन राबड़ी देवी मंत्रिमंडल में कारा राज्य मंत्री बनाया गया था. अशोक चौधरी 2013 में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी का अध्यक्ष भी बनाए गए थे. उन्होंने 2018 में कांग्रेस पार्टी छोड़कर जनता दल (यूनाइटेड) का दामन थाम लिया (Ashok Choudhary political career).
बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार राजनीतिक बैठकें और मुलाकातें कर रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को वह जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर पहुंचे, जहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे.
जनता दल (यूनाइटेड) की नई राष्ट्रीय टीम में नीतीश कुमार अध्यक्ष बने रहे, जबकि निशांत कुमार को कोई पद नहीं मिला, जिससे उत्तराधिकार पर सवाल उठे हैं. संजय कुमार झा कार्यकारी अध्यक्ष बने. उपाध्यक्ष पद एक कर चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को जिम्मेदारी दी गई. कई वरिष्ठ नेताओं को बरकरार रखते हुए संगठन संतुलन और मजबूती पर जोर दिया गया है.
नीतीश कुमार के इस्तीफे से बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है. राज्यसभा जाने के बाद उनके समर्थक भावुक हैं. अशोक चौधरी और संजय सिंह ने कहा कि नीतीश जैसा नेता मिलना मुश्किल है और उनका मार्गदर्शन सदन में अब नहीं मिलेगा. उन्होंने बताया कि नीतीश ने शिक्षा और बेटियों के लिए अहम फैसले लिए, जैसे पोशाक योजना, जिससे लड़कियों की पढ़ाई को बढ़ावा मिला और समाज में सकारात्मक बदलाव आया.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और बिहार की सत्ता छोड़ने की खबरों ने उनके करीबियों को झकझोर दिया है. नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी आज मीडिया के सामने न सिर्फ भावुक नजर आए, बल्कि उन्होंने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को लेकर भी एक बड़ा बयान दे दिया है.
अशोक चौधरी का कहना है कि इस मामले में CBI जांच सुनिश्चित की जाएगी. जो भी व्यक्तिगण या पक्षकार इससे जुड़े हैं, उनकी भूमिका जांच के दायरे में आएगी. सिस्टम में तकनीकी परेशानियों के कारण न्याय प्रक्रिया में देरी हुई थी, जिसके चलते लोगों में आक्रोश व्याप्त था. कई लोगों को लगा था कि कहीं कुछ लोगों को बचाया जा रहा है या अन्याय हो रहा है. लेकिन अब सीबीआई की जांच से साफ़ होगा कि क्या सही है और क्या गलत.
बिहार सरकार के डिप्टी सीएम और कई मंत्रियों की संपत्ति का विवरण सामने आया है. इसमें नकद राशि, बैंक खातों में जमा धन, सोने चांदी के आभूषण, शेयर निवेश, हथियार और अचल संपत्तियों की जानकारी शामिल है.
JDU नेता अशोक चौधरी ने आगामी बंगाल विधानसभा चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होनें कहा कि ममता बनर्जी का पॉलिटिक्स करने का अपना अलग तरीका है और वो काफी लंबे समय से है लेकिन BJP निरंतर कोशिश कर ही है और अगर BJP की सरकार आती है बंगाल में विकास को और ताकत मिलेगी.
JDU नेता और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने नए साल के मौके पर शुभकामनाएं दी. साथ ही उन्होनें बिहार और बिहार वासियों के लिए कामना की. उन्होनें देश और प्रदेश के लिए भगवान शिव से कामना की साथ ही बिहार वासियों के लिए आगे बढ़ने की कामना की.
JDU नेता अशोक चौधरी ने नितिन नबीन के BJP राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होनें कहा कि 'यह एक अच्छा संदेश है उन लोगों के लिए जो पार्टी में पूरी तल्लीनता और समर्पण के साथ काम करते हैं. मात्र 45 वर्ष की उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारियां मिलने की बात न केवल व्यक्तिगत बल्कि बिहार के लिए भी गर्व की बात है.'
अशोक चौधरी ने कहा कि इस वक्त वोट चोरी को कोई बड़ा मुद्दा नहीं माना जा रहा है. जब विपक्ष की सरकार हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और बंगाल जैसे राज्यों में बन जाती है, तो वोट चोरी का आरोप नजरअंदाज कर दिया जाता है. तब राजनीतिक दल सार्वजनिक उत्सव मनाते हैं.
बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि रामलीला मैदान में रैली के बजाय कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण की जरूरत है. पिछले पच्चीस वर्षों से बिहार में लालू प्रसाद यादव के साथ गठबंधन के पश्चात कांग्रेस को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.
LJP नेता शांभवी चौधरी ने अपने पिता अशोक चौधरी के नीतीश कौबिनेट में मंत्री पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होनें बताया कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीधे फोन करके अपना आशीर्वाद दिया है. यह कॉल कुछ देर पहले ही आया था और शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान में बुलावा भी मिला.
बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर पर तीखा हमला करते हुए उनकी पढ़ाई, कमाई और ईमानदारी पर सवाल उठाए. चौधरी ने कहा कि प्रशांत किशोर सबको फेल बताते हैं लेकिन खुद अपनी डिग्री नहीं दिखाते.
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर तीखा पलटवार किया. चौधरी ने प्रशांत किशोर (पीके) को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे एक भी बेनामी संपत्ति साबित कर दें तो वह जन सुराज के दफ्तर में झाड़ू-पोंछा करने को तैयार हैं. 'अगर एक भी प्रॉपर्टी मेरी ऐसी निकल जाएगी, जिसको हमने डिस्क्लोज़ नहीं किया हुआ है, हम गुलामी लिखने के लिए तैयार हैं, जन स्वराज के लिए झाड़ू पोछा करेंगे उनके ऑफिस में'.
बिहार पहले जंगलराज की स्थिति में था जहाँ लगभग पंद्रह साल तक विकास दर केवल साढ़े तीन से चार प्रतिशत के बीच थी. उस समय यहाँ व्यापारी सुरक्षित नहीं थे, अपहरण और रंगदारी का व्यवसाय खूब फल-फूल रहा था.
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर के आरोप पर काउंटर चैलेंज किया है. उन्होंने जन सुराज के सूत्रधार को चुनौती दी है कि घोषित संपत्ति के अलावा एक भी जमीन का कागज दिखा दें, तो गुलाम करने को तैयार हूं.
बिहार चुनाव से पहले नीतीश कुमार पर उनके साथियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का दबाव बढ़ गया है. प्रशांत किशोर ने अशोक चौधरी समेत कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. सवाल ये है कि नीतीश कुमार क्या अपने साथियों को बचा पाएंगे?
जनता दल यू के प्रवक्ता नीरज कुमार अपनी ही पार्टी और गठबंधन के नेताओं को जिस तरह से टार्गेट कर रहे हैं वो सामान्य नहीं है. नीरज कुमार अगर अशोक चौधरी और सम्राट चौधरी पर लग रहे आरोपों पर जिस तरह का सवाल उठा रहे हैं वो बिना किसी ताकतवर की शह के नहीं हो सकता है.
बिहार के सत्ताधीशों के भ्रष्टाचार को जनता के बीच ला रहे प्रशांत किशोर के सामने अजीब स्थिति बन गई है. जदयू नेता अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर के भ्रष्टाचार आरोपों के खिलाफ कानूनी लड़ाई छोड़कर जनता की अदालत में जाने का फैसला किया है. पहले 100 करोड़ का नोटिस भेजने वाले चौधरी ने अचानक यू-टर्न ले लिया है. अब सवाल ये है कि क्या प्रशांत किशोर खुलासे करना बंद कर देंगे?
बिहार की सियासत में किस्मत आजमाने उतरे प्रशांत किशोर विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं की किस्मत बिगाड़ते नजर आ रहे हैं. पीके ने निशाने पर उन नेताओं को ले रखा है, जिनके चेहरे के इर्द-गिर्द विपक्ष चुनावी बिसात बिछा रहा था. पीके ने हर रोज एक नया आरोप लगाकर सियासी माहौल गर्मा दिया है.
प्रशांत किशोर ने देश में करीब सभी प्रमुख पार्टियों की चुनाव रणनीति बनाने का काम किया है. जाहिर है कि अपनी पार्टी के लिए वो अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे होंगे. जिस तरह अपना फोकस पर बीजेपी की ओर शिफ्ट कर रहे हैं उससे तो यही लगता है चुनावों के नजदीक आने तक वो मोदी और शाह को भी टार्गेट करेंगे.