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ट्रेन में रात 11 बजे के बाद फोन चार्ज करना क्यों है खतरनाक? जानिए वजह

ट्रेन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का नियम है. लेकिन क्या ट्रेन में फोन चार्ज करने से बैटरी फट सकती है? आखिर AC और DC करंट में क्या अंतर है और चार्जिंग के दौरान आग लगने का खतरा क्यों बढ़ता है? जानिए इसकी वजह.

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ट्रेन में रात के समय फोन चार्ज करने से जुड़े नियम और फोन में आग लगने का खतरा, जानिए इसकी वजह. (Photo: AI)
ट्रेन में रात के समय फोन चार्ज करने से जुड़े नियम और फोन में आग लगने का खतरा, जानिए इसकी वजह. (Photo: AI)

ट्रेन में सफर करते समय फोन की बैटरी खत्म होने लगती है, तो हम तुरंत चार्जिंग पॉइंट ढूंढने लगते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि ट्रेन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का नियम है? आखिर ऐसा क्यों किया जाता है? क्या ट्रेन में फोन चार्ज करने से वह फट सकता है? और घर में चार्जिंग करना सुरक्षित कैसे रहता है? आइए समझते हैं.

दरअसल, ट्रेन में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के पीछे आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा कम करना है. 24 अक्टूबर को मुंबई-हावड़ा मेल में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फटने और धुआं निकलने की घटना सामने आई थी. इसके बाद रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर को सभी जोनल रेलवे को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के पुराने निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा.

यह भी पढ़ें: मुंबई-हावड़ा मेल के AC कोच में धमाका, "मुंबई-हावड़ा मेल के AC कोच में धमाका, पावर बैंक फटने से मचा हड़कंप

फोन को AC करंट चाहिए या DC?

इसे समझने के लिए पहले बिजली का अंतर जान लीजिए. हमारे घरों में आमतौर पर AC यानी अल्टरनेटिंग करंट की सप्लाई आती है. वहीं, फोन की बैटरी को DC यानी डायरेक्ट करंट से चार्ज किया जाता है.

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जब आप फोन को चार्जर में लगाते हैं, तो चार्जर AC बिजली को DC में बदल देता है. इसके बाद फोन का चार्जिंग सर्किट बैटरी तक पहुंचने वाली बिजली को कंट्रोल करता है.

यह भी पढ़ें: ट्रेन में रात को नहीं चार्ज होगा फोन! रेलवे ने ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया ये कदम

ट्रेन में फोन या पावर बैंक फटने का खतरा क्यों रहता है?

फोन या पावर बैंक की बैटरी खराब होने, अंदर शॉर्ट सर्किट होने या जरूरत से ज्यादा गर्म होने पर आग लग सकती है. खराब चार्जर, डैमेज केबल और बिजली की सप्लाई में गड़बड़ी भी जोखिम बढ़ा सकती है. किसी खास घटना में जांच के बिना यह कहना सही नहीं होगा कि डिवाइस किस वजह से फटा.

यहां एक बात समझना जरूरी है. ट्रेन में मिलने वाली बिजली की सप्लाई और घर की बिजली व्यवस्था अलग है, लेकिन सिर्फ इस अंतर के कारण फोन फट जाएगा, ऐसा नहीं है. DC से DC कन्वर्जन भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में सामान्य है. इसलिए AC या DC को सीधे फोन फटने की वजह बताना गलत होगा.

घर में भी खराब बैटरी या चार्जर से आग लग सकती है. इसलिए ट्रेन हो या घर, हमेशा अच्छी क्वालिटी का चार्जर इस्तेमाल करें. अगर फोन या पावर बैंक ज्यादा गर्म हो रहा है, फूल गया है या उसमें से धुआं निकल रहा है, तो उसे चार्ज करना तुरंत बंद कर दें.

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इसलिए ट्रेन में सफर करते समय फोन और पावर बैंक को पहले ही चार्ज कर लें. चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का मकसद यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है, न कि यह बताना कि ट्रेन की बिजली से हर फोन को खतरा है.

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