भारत समेत दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की चर्चा है. हर जगह किसी दफ्तर की प्लानिंग तक में AI छाया हुआ है. इसके बावजूद भारत में AI स्टार्टअप नौवें स्थान पर मौजूद है, जबकि IT सेक्टर के स्टार्टअप सबसे ज्यादा हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
सूचना के अधिकार (RTI) के तहत डिपार्टमेंट ऑफ प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) से मिले एक जवाब में बताया है कि भारत में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या के मामले में इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी सर्विस सबसे टॉप पर बनी है. वहीं, मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में अब उत्तर प्रदेश अब कर्नाटक के काफी करीब पहुंच चुका है.
DPIIT के मुताबिक, स्टार्टअप इंडिया सेक्शन की तरफ से 13 अगस्त 2026 को दिए गए जवाब में बताया गया है कि साल 2016 से अब तक 31 जुलाई 2026 तक कुल 2.45 लाख संस्थाओं को स्टार्टअप का सर्टिफिकेट दिया जा चुका है.
डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया कि इस आंकड़े में अप्रूव्ड, कैंसिल और एक्पायर हो चुकी मान्यताएं भी शामिल हैं. मान्यता प्राप्त स्टार्टअप ने मिलकर 25,07, 365 नौकरियां देने की जानकारी दी है.
AI के हिस्से में सिर्फ 3.2% स्टार्टअप
जानकारी के मुताबिक, 2,45,433 मान्यता प्राप्त संस्थाओ में से सिर्फ 7,825 स्टार्टअप ने AI को अपना मुख्य बिजनेस बताया है. टोटल स्टार्टअप में AI स्टार्टअप के हिस्सेदारी की बात करें तो यह सिर्फ 3.2 परसेंट है. AI इंडस्ट्री लिस्ट में 9वें स्थान पर मौजूद है.
इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी सर्विस की बात करें तो इसके 27,830 स्टार्टअप भारत में रजिस्टर्ड हैं और सूची में सबसे ऊपर है. IT इंडस्ट्री की कुल मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में हिस्सेदारी 11.3 परसेंट की है.
हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेस इंडस्ट्री के 22,500 स्टार्टअप मौजूद हैं और यह इंडस्ट्री दूसरे स्थान पर है. यह आंकड़े उस मुख्य इंडस्ट्री के आधार पर है, जिसमें स्टार्टअप ने मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन के समय बताया था. ऐसे में हो सकता है कि कई स्टार्टअप जो अपने प्रोडक्ट या सर्विस में AI का इस्तेमाल करते हैं, वे IT सर्विस हेल्थकेयर या किसी अन्य सेक्टर के तहत रजिस्टर्ज हो सकते हैं.
कृषि, शिक्षा ने भी AI को पीछे छोड़ा
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में कंस्ट्रक्शन/निर्माण के 14265 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के साथ तीसरे नंबर पर है, जो संख्या AI स्टार्टअप की संख्या में करीब दोगुना है.
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वहीं फूड एंड बेवरेजेज के स्टार्टअप की संख्या 13,877 है. वहीं, एग्रीकल्चर संबंधित स्टार्टअप की संख्या 13,753 और एजुकेशन स्टार्टअप की संख्या 13,426 है.
टॉप-10 इंटस्ट्रीज में कुल 1,40,677 स्टार्टअप्स शामिल हैं. यह संख्या मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का करीब 57 परसेंट है. इससे यह साफ हो जाता है का भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम सिर्फ सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं है. भारत में कंस्ट्रक्शन, फूड, कृषि और एजुकेशन जैसे पारंपरिक सेक्टरों में भी बड़ी संख्या में नए प्लेयर्स आ रहे हैं.
स्टार्टअक के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे
स्टार्टअप के मामले में अगर राज्यों के लेवल पर बात करें तो महाराष्ट्र सबसे आगे है, जहां पर करीब 42,396 रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं. इन स्टार्टअप ने 4,42,296 नौकरियां प्रोवाइड कराई हैं. दोनों ही मामलों में महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर है.
दूसरे नंबर पर कर्नाटक मौजूद है. पहले और दूसरी रैंक में 17,800 स्टार्टअप का अंतर है. तीसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश (24,245 ) और चौथै पर नंबर दिल्ली ( 22,720) मौजूद है. वहीं, गुजरात में 21,521 स्टार्टअप्स और 2,35,458 नौकरियां रिपोर्ट दी है.
स्टार्टअप की टॉप-10 सूची में तमिलनाडु (16,082), तेलंगाना (13,941), हरियाणा (12,776), केरल (9,278) और राजस्थान (8,960) भी शामिल हैं.
हरियाणा भी नहीं है किसी से पीछे
रोजगार के मामले में हरियाणा ने काफी बढ़त बनाई है. राज्य में 12,776 स्टार्टअप्स मौजूद हैं, जिन्होंने करीब 1.50 लाख रोजगार दिए है, जिसकी जानकारी रिपोर्ट में दी है. टॉप-10 राज्यों में प्रति स्टार्टअप औसतन रोजगार के मामले में यह सबसे ज्यादा है. यह संख्या करीब 11.8 नौकरी प्रति स्टार्टअप का एवरेज है.
स्टार्टअप काउंट में कर्नाटक के करीब पहुंचा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े स्टार्टअप हब में अपनी जगह तेजी से बना रहा है. उत्तर प्रदेश में 24,245 रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं. वहीं कर्नाटक में 24,546 रजिस्टर्ड स्टार्टअप मौजूद हैं. दोनों में सिर्फ 301 का अंतर है.
कर्नाटक को लंबे समय से भारत की स्टार्टअप इकोनॉमी का केंद्र माना जाता रहा है. अब उत्तर प्रदेश भी कर्नाटक के बराबर पहुंच रहा है और यह उसके काफी करीब पहुंच चुका है.
रोजगार को लेकर बात करें तो कर्नाटक का स्टार्टअप एवरेज 10.7 नौकरिया देता है. वहीं, उत्तर प्रदेश में यह आकड़ा सिर्फ 9.4 नौकरियां प्रति स्टार्टअप का है.
भारत में बढ़ रही है स्टार्टअप की संख्या
भारत में स्टार्टअप की संख्या बढ़ रही है. DPIIT ने साल 2024 में 34,294 में रजिस्टर्ड स्टार्टअप थे और साल 2025 में 49,429 स्टार्टअप को अप्रूवल दिया गया. बीते साल 44 परसेंट का इजाफा हुआ था.
साल 2026 में 31 जुलाई तक सिर्फ सात महीने में 38,298 स्टार्टअप को रजिस्ट्रेशन के सर्टिफिकेट दिए गए, जो 2025 की तुलना में करीब 77 परसेंट तक का इजाफा देखने को मिला. उम्मीद जताई जा सकती है कि साल 2026 में स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन का नया रिकॉर्ड बन सकता है. हालांकि अभी तक यह जानकारी साफ नहीं है कि अभी कितने स्टार्टअप लाइव है और कितने बंद हो चुके हैं.
By: BiswaJeet