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Telegram Delhi High Court Verdict Live: टेलीग्राम को झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने बैन हटाने से किया इनकार

RE-NEET 2026 Exam Telegram Ban Live Updates: दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर अपना बड़ा फैसला सुना दिया है. हाई कोर्ट ने भारत सरकार के उस फैसला को बरकार रखा है, जिसमें सरकार की तरफ से RE-NEET एग्जाम के चलते टेलीग्राम पर अस्थाई बैन लगाया जा चुका है. भारत में RE-NEET की परीक्षा 21 जून को होगी.

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Telegram ने सरकार के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चैलेंज किया. (Photo: Pixabay )
Telegram ने सरकार के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चैलेंज किया. (Photo: Pixabay )

दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर अपना बड़ा फैसला सुना दिया है. हाई कोर्ट ने भारत सरकार के उस फैसला को बरकार रखा है, जिसमें सरकार की तरफ से RE-NEET एग्जाम के चलते टेलीग्राम पर अस्थाई बैन लगाया जा चुका है. भारत में RE-NEET की परीक्षा 21 जून को होगी.  

टेलीग्राम को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा दावा किया है. सरकार ने कोर्ट में कहा है कि टेलीग्राम आतंकवादी गतिविधियों  के लिए सबसे आसान और सुविधाजनक प्लेटफॉर्म बन चुका है. 

टेलीग्राम पर पहले भी लगते रहें आरोप

टेलीग्राम पर पहले भी कई बार पेपर लीक और फर्जी पेपर सर्कुलेट होने के आरोप लगते रहे हैं. यहां तक की कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि जालसाज और साइबर ठगी को अंजाद देने वाले भी इस प्लेटफॉर्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करते हैं. 

यह भी पढ़ें: Telegram पर अस्थाई बैन 'सेंसरशिप' है या ठगी से बचाने का 'सर्जिकल स्ट्राइक'? सरकार का तर्क समझ‍िए

फैसले से पहले टेलीग्राम से बातचीत हो चुकी है

सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में बताया है कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार की तरफ से बताया जा चुका है कि इस मामले की सुनवाई एक कमेटी ने की थी, जिसकी अगुवाई कैबिनेट सचिव ने की है. 

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टेलीग्राम के फीचर्स ही उसको बैन करने की वजह 

टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर ढेर सारे ऐसे फीचर्स हैं, जिसकी वजह से टेलिग्राम को अस्थाई प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है. टेलीग्राम के एक ग्रुप में 2 लाख मेंबर्स तक को शामिल किया जा सकता है. ऐप पर हैवी फाइल्स को सेव किया जा सकता है. यहां बिना मोबाइल नंबर के भी अकाउंट बनाया जा सकता है. 

यह भी पढ़ें: Telegram के पांच फीचर्स जिसकी वजह से भारत में हुआ बैन

कई लोगों का सवाल सामने आया है कि टेलीग्राम और व्हाट्सऐप दोनों ही मैसेजिंग ऐप हैं. हालांकि प्राइवेसी के मामले में टेलीग्राम ऐप काफी आगे और अलग है. टेलीग्राम यूजरनेस बनाने की भी सुविधा देता है. 

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