आईआरसीटीसी घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को फिलहाल अदालत से राहत मिली है. इस मामले में आरोप तय करने पर राऊज एवेन्यू कोर्ट का फैसला गुरुवार को टल गया.
अब इस मामले में अगला फैसला 31 जुलाई को सुनाया जाएगा. इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी ईडी कर रही है. ईडी ने लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें, यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे. आरोप है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में कार्य करते हुए रेलवे के होटलों के रखरखाव का ठेका निजी कंपनियों को देने में गड़बड़ी की.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, IRCTC के रांची और पुरी स्थित दो होटलों के विकास, देखरेख और संचालन का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया था.
इस ठेके के बदले में लालू यादव के परिवार को पटना में कीमती जमीन बेहद कम दाम पर ट्रांसफर की गई थी. आरोप है कि इस जमीन को बाद में बेनामी संपत्तियों और शेल कंपनियों के जरिए लालू परिवार के सदस्यों के नाम पर ट्रांसफर किया गया था. इसी वित्तीय हेरफेर और अवैध कमाई को लेकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था.