टेलीग्राम
Telegram, एक फ्रीवेयर, क्रॉस-प्लेटफॉर्म, क्लाउड-बेस्ड, इंस्टेंट मैसेजिंग (IM) सेवा है. यह सेवा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड वीडियो कॉलिंग, वीओआईपी, फाइल शेयरिंग और कई अन्य सुविधाएं भी देती हैं. इसे 14 अगस्त 2013 को iOS और अक्टूबर 2013 में Android के लिए लॉन्च किया गया था. टेलीग्राम को 2013 में भाइयों निकोलाई (Nikolai) और पावेल ड्यूरोव (Pavel Durov) ने लॉन्च किया था (Telegram Launching Date). इससे पहले, इस जोड़ी ने रूसी सोशल नेटवर्क VK की स्थापना की, जिसे 2014 में राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगियों ने अपने कब्जे में ले लिया (Founder of VK). पावेल ड्यूरोव ने वीके में अपनी शेष हिस्सेदारी बेच दी और सरकारी दबाव का विरोध करने के बाद रूस छोड़ दिया.
टेलीग्राम के सर्वर पांच डेटा केंद्रों के साथ लगातार डेटा लोड को कम करने के लिए दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में डिस्ट्रिब्यूट किए जाते हैं. लेकिन ऑपरेशनल सेंटर दुबई में स्थित है (Telegram Operational Centre in Dubai).
एंड्रॉइड, आईओएस, विंडोज, मैकओएस और लिनक्स के लिए आधिकारिक ऐप सहित डेस्कटॉप और मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए विभिन्न क्लाइंट ऐप उपलब्ध हैं जिसके पंजीकरण के लिए फोन नंबर की आवश्यकता होती है (Register on Telegram). टेलीग्राम के दो आधिकारिक वेब ट्विन ऐप, वेबके और वेबज हैं ((twin apps, WebK and WebZ)). साथ ही, कई अनौपचारिक क्लाइंट भी हैं जो टेलीग्राम के प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं.
टेलीग्राम एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड वॉयस, वीडियो कॉल और वैकल्पिक एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड "गुप्त" चैट की सुविधा देता है. क्लाउड चैट, ग्रुप ऐप और सर्वर के बीच एन्क्रिप्ट किए जाते हैं, ताकि आईएसपी और नेटवर्क पर अन्य तीसरा पक्ष डेटा तक नहीं पहुंच सकें, लेकिन टेलीग्राम सर्वर कर सकता है. उपयोगकर्ता रिटेन और वॉयस मौसेज भेज सकते हैं, वॉयस और वीडियो कॉल कर सकते हैं, और काउंटलेस पिक्चर, फाइल (2GB), एनिमेटेड स्टिकर, कोन्टैक्ट और ऑडियो फाइल्स शेयर कर सकते हैं (Share Files on Telegram). इसके नए अपडेट में डाउनलोड मैनेजर, रिडिजाइन लॉगिन फ्लो, लाइव ब्रॉडकास्ट का सपोर्ट और दूसरे फीचर्स जारी किए गए हैं.
यह जनवरी 2021 में दुनिया भर में सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला ऐप था.
टेलीग्राम ऐप की वापसी हो गई है और जल्द ही सभी यूजर्स को ये ऐप नजर आने लगेगा. भारत सरकार ने NEET-UR री-एग्जाम पेपर को लीक से बचाने के लिए सावधानी के तौर पर अस्थाई रोक लगाई थी. साथ ही ऐप स्टोर से रिमूव करने का कहा था.
वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर इन दिनों काफी स्कैम हो रहे हैं. स्कैमर्स इन मैसेजिंग ऐप्स के जरिए यूजर्स का अकाउंट तक खाली कर रहे हैं. दरअसल
इन दिनों सतलुज फिल्म काफी चर्चा में है. ये फिल्म आते ही तुरंत बैन हो गई और OTT से हट गई. लेकिन इसकी फुल क्वॉलिटी लोग धड़ल्ले से कई प्लेटफॉर्म से डाउनलोड कर रहे हैं. सवाल ये है कि बैन के बावजूद कैसे टेलीग्राम पर फिल्म उपलब्ध हो जाती है?
भारत सरकार ने टेलीग्राम को एक नया नोटिस भेजा है, जिसमें सरकार ने पायरेसी को लेकर जवाब में मांगा है. इस प्लेटफॉर्म पर लंबे समय से फिल्म, वेब सीरीज की पायरेसी हो रही है. यह जानकारी एएनआई ने दी है.
मैसेजिंग ऐप्स में यूजरनेम फीचर को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. फर्जी प्रोफाइल और धोखाधड़ी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए व्हाट्सऐप और टेलीग्राम से जवाब मांगा गया है. अब कंपनियों को बताना होगा कि यूजर्स की सुरक्षा के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं और जोखिम कैसे कम होंगे.
सिक्योर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को हाल ही में भारत में कुछ दिनों के लिए बैन किया गया था. अब सरकार ने इस ऐप को नोटिस भेज कर यूजरनेम फीचर के बारे में जवाब देने को कहा है. हाल ही में वॉट्सऐप को भी सरकार का नोटिस गया है. इसकी भी वजह यूजरनेम फीचर बना.
इंस्टैंस मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप में एक यूजरनेम फीचर जुड़ा है. हालांकि अभी ये काम नहीं कर रहा है, लेकिन इसे लेकर बवाल मच चुका है. सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा को नोटिस भेज कर इस फीचर को रोकने के लिए कहा है. लेकिन ऐसा क्यों? क्या है ये फीचर, काम कैसे करता है और बवाल क्यों मचा है? आइए जानते हैं.
संसदीय समिति ने सिर्फ परीक्षाएं अलग करने की बात नहीं की है, बल्कि 'मल्टी-फेज नीट' यानी चरणबद्ध तरीके से परीक्षा कराने की संभावना तलाशने को भी कहा है. इसका सीधा मतलब यह है कि पूरे देश में एक ही दिन परीक्षा कराने के बजाय, इसे अलग-अलग राज्यों या क्षेत्रों के हिसाब से अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाए. समिति के अनुसार, इससे परीक्षा का इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकेगी.
भारत सरकार वॉट्सऐप के नए यूजरनेम फीचर की जांच करने की तैयारी में है. दरअसल कल यानी 30 जून को ही वॉट्सऐप ने यूजरनेम फीचर ग्लोबली लॉन्च किया है. हालांकि अभी सिर्फ यूजरनेम रिजर्व करने का ऑप्शन है.
आज बात सोशल मीडिया और सुरक्षा से जुड़े एक ऐसे बड़े विवाद की, जिसने देश के कानूनी और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. भारत में 15 करोड़ से ज़्यादा लोग एक मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं, जिसका नाम है टेलीग्राम (Telegram). लेकिन अब यह ऐप एक बहुत बड़े कानूनी बवंडर के केंद्र में है. सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में साफ कह दिया है कि टेलीग्राम अब सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं रहा, बल्कि यह अपराधियों के लिए एक नया 'डार्क वेब' बनता जा रहा है. देखें कूटनीति.
RE-NEET 2026 Exam Telegram Ban: दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर अपना बड़ा फैसला सुना दिया है. हाई कोर्ट ने भारत सरकार के उस फैसले को बरकार रखा है, जिसमें सरकार की तरफ से RE-NEET एग्जाम के चलते टेलीग्राम पर अस्थाई बैन लगाया है. भारत में RE-NEET की परीक्षा 21 जून को होगी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम को बड़ा झटका दिया है और भारत सरकार द्वारा लगाए गए अस्थाई बैन को हटाने से इनकार कर दिया है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सरकार के पास पावर है और वह चाहे तो हमेशा के लिए बैन भी लगा सकती है. यह एक ऐसी लाइन है, जो सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए रेड लाइन है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर लगे अस्थायी प्रतिबंध को हटाने से इनकार कर दिया. अदालत ने साफ कहा कि सरकार ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया और आदेश उचित कारणों पर आधारित था. पेपर लीक और साइबर ठगी के आरोपों के बीच यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है.
नीट परीक्षा के दौरान टेलीग्राम को ब्लॉक करने के मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट फैसला अपना फैसला सुनाया. सरकार के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने अपने आदेश में टेलीग्राम पर सरकार की लगाई गई रोक को जारी रखा है. कोर्ट ने कहा कि सरकार को अधिकार है कि वह इस तरह का अस्थाई बैन जारी करे. देखें पूरा फैसला.
21 जून को होने वाली नीट (NEET) री-एग्जामिनेशन की तैयारी कर रहे कोटा के हजारों छात्रों का कहना है कि टेलीग्राम, व्हाट्सएप और फोन कॉल्स के जरिए उन तक पेपर लीक के दावे लगातार पहुंच रहे हैं. हालांकि सरकार ने परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर पाबंदी लगाने का कदम उठाया है, लेकिन जमीनी स्तर पर हो रही बातचीत से साफ है कि छात्र और शिक्षक इस प्लेटफॉर्म को अफवाहों, तनाव और गलत सूचनाओं से भरे एक बहुत बड़े चक्रव्यूह का सिर्फ एक हिस्सा मानते हैं.
टेलीग्राम को NEET एग्जाम से पहले पेपर लीक के डर से भारत में हफ्ते भर के लिए बैन कर दिया गया. कोर्ट में ऐप ने चैलेंज किया है. इसी बीच सरकार ने कहा है कि ये ऐप आतंकी गतिविधियों के लिए यूज होता है.
टेलीग्राम पर जारी कानूनी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में कहा कि यह प्लेटफॉर्म आतंकी गतिविधियों के लिए सुविधाजनक माध्यम बनता जा रहा है. मामले में सुरक्षा और प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर अदालत में सुनवाई जारी है. मामले में अब अदालत की अगली सुनवाई और फैसला अहम माना जा रहा है.
केंद्र सरकार ने टेलीग्राम को 'नया डार्क वेब' करार दिया है. सरकार ने बताया कि कि ऐप के फीचर्स सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्दी बन चुके हैं.
टेलीग्राम पर सरकार की पकड़ बनाना इतना मुश्किल क्यों है? क्लाउड स्टोरेज, यूजरनेम और बड़े नेटवर्क जैसे फीचर्स इसे WhatsApp से अलग बनाते हैं. जानिए पूरा मामला!
टेलीग्राम पर लगे बैन के बीच ऐप के उन 5 फीचर्स की चर्चा तेज हो गई है, जो इसे व्हाट्सऐप से अलग बनाते हैं. जानिए आखिर क्यों टेलीग्राम लगातार विवादों में बना हुआ है.
आखिर टेलीग्राम ही क्यों? व्हाट्सएप या अन्य ऐप्स क्यों नहीं? इसके पीछे टेलीग्राम का एक खास तकनीकी फीचर है, जिसे स्कैमर्स ने अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया. बता दें कि टेलीग्राम पर कोई भी एडमिन अपने पुराने से पुराने मैसेज को कभी भी 'एडिट' कर सकता है, और सबसे खतरनाक बात यह है कि इससे मैसेज का मूल टाइमस्टैम्प नहीं बदलता.