दक्षिण दिल्ली के मोती बाग के पास मौजूद सत्य निकेतन कॉलोनी में 6 सितंबर को एक इमारत हादसे का शिकार हो गई. हादसे के बाद से वहां पुलिस के आलाकमान अधिकारी और दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन मोड पर हैं.
एक अफवाह है कि रेस्क्यू वाली लोकेशन पर मोबाइल जैमर्स लगाए हैं, जो उस इलाके में मोबाइल नेटवर्क को ब्लॉक करने का काम करते हैं. हालांकि इस पर दिल्ली पुलिस ने सच का खुलासा किया है.
दिल्ली पुलिस ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट करके बताया है कि सत्य निकेतन रेस्क्यू लोकेशन पर कोई मोबाइल जैमर्स का इस्तेमाल नहीं किया है. पुलिस ने बताया है कि वहां पर मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से काम कर रहे हैं.
दिल्ली पुलिस, NDRF और फायर टीम मोबाइल से कॉर्डिनेट कर रही
दिल्ली पुलिस के पोस्ट के मुताबिक, पुलिस, NDRF और फायर टीम मोबाइल नेटवर्क के जरिए ही कॉर्डिनेट कर रहे हैं. साथ ही लाइव ब्रॉडकास्टिंग भी हो रही है.
यह भी पढ़ें: LIVE: सत्य निकेतन मामले में 5वां आरोपी गिरफ्तार, ईस्ट दिल्ली के इन 3 इलाकों में आज डिमोलिशन
दिल्ली पुलिस का पोस्ट
फर्जी जानकारी से दूर रहें
दिल्ली पुलिस के पोस्ट में कहा है कि फर्जी जानकारी और फेक न्यूज से दूर रहें. हमेशा सही जानकारी को ही सर्कुलेट करें.
यह भी पढ़ें: पुराना स्मार्टफोन करेगा 8,000 रुपये वाले डिवाइस का काम! ऐसे करें इस्तेमाल
MCD ने कई इमारत को असुरक्षित बताया
सत्य निकेतन में इमारत हादसे के बाद MCD ने कई इमारत को असुरक्षित और खतरनाक घोषित किया है. एक अधिकारी ने बताया है कि हादसे वाले इमारत से सटी हुई इमरातों को गिराने का काम शुरू कर दिया है. इमारतों को एक्सपर्ट की देखरेख में गिराया जाएगा.