आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में Anthropic कंपनी अपने एडवांस AI मॉडल्स के लिए जानी जाती है, जिसकी मदद से बहुत सारे नए ऑटोमेशन और एडवांस लेवल के काम किए जा सकते हैं. लेकिन अब यही कंपनी सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहना चाहती.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, एंथ्रोपिक अब मेडिकल रिसर्च में भी कदम बढ़ा रही है. कंपनी ने सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में चुपचाप एक बायोलॉजी लैब तैयार की है. इस लैब की मदद से बायोलॉजी और दवा से जुड़े रिसर्च में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती है. आइए जानते हैं कि कंपनी ने आखिर इस नई लैब को क्यों सेटअप किया है.
अब AI सिर्फ कंप्यूटर तक सीमित नहीं है
एंथ्रोपिक अब अपने AI मॉडल Claude को सिर्फ सवालों के जवाब देने या कोड लिखने तक सीमित नहीं रखना चाहती. कंपनी इसका इस्तेमाल साइंटिफिक रिसर्च में भी करना चाहती है. इसके लिए एंथ्रोपिक ने एक ‘वेट लैब’ बनाई है. यानी एक ऐसी जगह, जहां साइंटिस्ट एक्सपेरिमेंट करते हैं. इसमें केमिकल, ड्रग्स और बायोलॉजिकल मटेरियल के साथ काम किया जाता है, जिसमें कंपनी के AI का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
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AI और रोबोट मिलकर करेंगे एक्सपेरिमेंट
एंथ्रोपिक अपने Claude AI को रोबोटिक लैब सिस्टम के साथ जोड़कर काम करने की प्लानिंग कर रही है. इसका मतलब है कि AI कुछ वैज्ञानिक कामों को समझने और प्लान करने में मदद कर सकता है.
जबकि रोबोट लैब में जरूरी काम कर सकते हैं. हालांकि, कंपनी के मुताबिक इन प्रयोगों में इंसानों की निगरानी जरूरी रहेगी. AI को अकेले सभी फैसले लेने देने की योजना नहीं है.
मुश्किल बीमारियों पर भी फोकस
Anthropic का कहना है कि वह ऐसी बीमारियों से जुड़े रिसर्च पर भी ध्यान देना चाहती है, जिन पर बड़ी फार्मा कंपनियां ज्यादा काम नहीं करतीं. कंपनी का मकसद AI की मदद से ऐसे रिसर्च को तेज करना है. इससे ऐसी बीमारियों के लिए दवा बनाने में मदद मिल सकती है, जिनका अभी कोई इलाज नहीं है.
इसका मतलब यह नहीं है कि एंथ्रोपिक ने कोई नई दवा तैयार कर ली है. नई दवा को लैब से मरीजों तक पहुंचने में कई साल लग सकते हैं और हर रिसर्च सफल हो, यह जरूरी नहीं है.
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अभी शुरुआती स्टेज में है काम
Anthropic फिलहाल अपने काम को शुरुआती यानी प्री-क्लिनिकल रिसर्च तक रख रही है. कंपनी अभी इंसानों पर दवा के क्लिनिकल ट्रायल चलाने की दिशा में नहीं बढ़ रही है.
इस कदम से साफ है कि AI कंपनियां अब सिर्फ सॉफ्टवेयर बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं. एंथ्रोपिक भी AI को बायोलॉजी और मेडिकल रिसर्च जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.