Android Oreo इस समय का लेटेस्ट एंड्रॉयड ओएस है. गूगल का अगला एंड्रॉयड वर्जन Android P होगा, क्योंकि कंपनी ऐल्फाबेट यूज कर रही है. Android Oreo एक ऐसा वर्जन है जो काफी जल्दी नए एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में दिया जा रहा है. लेकिन फिर भी हालत ये है कि अब तक यह सिर्फ महज 1.1 फीसदी एंड्रॉयड स्मार्टफोन में ही मिला है. अब बारी है Android P की.
Android P से जुड़ी कुछ खबरें आ रही हैं जिनके बारे में आपको जानना चाहिए, क्योंकि कंपनी Android P पर काफी मेहनत कर रही है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी सॉफ्टवेयर का लुक चेंज करने पर काम कर रही है ताकि iPhone यूजर्स एंड्रॉयड के नए लुक की वजह से स्विच कर सकें.
गूगल का ये दांव इसलिए भी सफल हो सकता है, के नए वर्जन के डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा बल्कि इस बार कंपनी परफॉर्मेंस और यूजर एक्सपीरिएंस को बेहतर करने का काम करेगी. ऐसे में अगर गूगल ने नए डिजाइन के साथ एंड्रॉयड पेश किया तो निश्चित तौर पर ऐपल यूजर्स जो काफी पहले से एक तरह के iOS से बोर हो चुके हैं वो नए डिजाइन वाले एंड्रॉयड यूज करना चाहेंगे.
रिपोर्ट में सबसे दिलचस्प ये है कि गूगल इस बार नए एंड्रॉयड में iPhone X जैसा ही नॉच सपोर्ट देगा. ऐसा नॉच ना सिर्फ iPhone X में है, बल्कि एंड्रॉयड के को फाउंडर एंडी रूबीन ने एक स्मार्टफोन बनाया था Essential Phone इसमें भी ऐसा ही नॉच दिया गया था. इसके अलावा Android P में मल्टिपल स्क्रीन का भी सपोर्ट दिया जा सकता है. इससे फायदा ये होगा कि अगर सैमसंग फोल्डेबल डिस्प्ले वाला स्मार्टफोन लाता है तो यह एक अलग तरीके का अनुभव होगा.
गूगल इस बार एंड्रॉयड में थर्ड पार्टी ऐसिस्टेंट को भी जगह दे सकता है ताकि गूगल ऐसिस्टेंट और भी बेहतर हो सके. रिपोर्ट्स के मुताबिक गूगल मार्च तक Android P का पहला डेवेलपर प्रिव्यू जारी कर सकता है. हमेशा की तरह इस बार भी Google I/IO के दौरान यानी मई में इसका फाइनल बिल्ड पेश किया जाएगा.
2018 के आखिर तक बाजार में अंडर डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर में जाहिर है उसका सपोर्ट बेहतर तरीके से दिया जाएगा. होम बटन का कॉन्सेप्ट लगभग खत्म हो जाएगा और इस वजह से गूगल के लिए एक तरह से एंड्रॉयड को रिडिजाइन की मजबूरी भी है और कंपनी को पता है कि यह सबसे बेहतर समय है ऐसा करने के लिए.
आने वाले कुछ महीनों में Android P के फीचर्स को लेकर तस्वीरें और साफ होंगी.