कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की समाप्ति के बाद स्कॉटलैंड के ग्लासगो से खिलाड़ियों के लापता होने का मामला सामने आया है. पाकिस्तान और युगांडा के कई एथलीट अपनी-अपनी टीमों के साथ स्वदेश नहीं लौटे, जिसके बाद पुलिस स्कॉटलैंड ने जांच शुरू कर दी है.
पुलिस स्कॉटलैंड के प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें कई खिलाड़ियों के लापता होने की रिपोर्ट मिली है. मामले की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है और ब्रिटेन के होम ऑफिस के साथ शुरुआती स्तर पर समन्वय किया जा रहा है.
युगांडा के स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर NBS Sport के मुताबिक, टीम के छह मुक्केबाजों में से चार खिलाड़ी मंगलवार को स्वदेश लौटने वाली फ्लाइट से पहले ही लापता हो गए. रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक खिलाड़ी ने प्रसारक से बातचीत में कहा था कि वह ब्रिटेन में शरण (Asylum) लेने की योजना बना रहा है.
पाकिस्तान का बॉक्सर भी लापता
पाकिस्तान टुडे और जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के मुक्केबाज कुदरतुल्लाह भी टीम के साथ वापस नहीं लौटे थे. पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन के सूत्रों ने बताया कि कुदरतुल्लाह को आखिरी बार रात करीब दो बजे होटल के कमरे में देखा गया था.
जब टीम अधिकारियों ने बाद में उनके कमरे की जांच की तो वह वहां नहीं मिले. पाकिस्तान की पूरी टीम को सुबह नौ बजे होटल लॉबी में इकट्ठा होकर एयरपोर्ट रवाना होना था, लेकिन कुदरतुल्लाह वहां नहीं पहुंचे.
रिपोर्ट के मुताबिक, उनका पासपोर्ट और वापसी का टिकट अब भी टीम मैनेजर के पास ही है, जिससे मामला और रहस्यमय हो गया है.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद खिलाड़ियों के लापता होने की घटनाएं नई नहीं हैं. 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स के एक महीने बाद भी करीब 50 खिलाड़ी और अधिकारी लापता बताए गए थे. वहीं लगभग 190 लोगों ने ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने के लिए आवेदन किया था.
पाकिस्तान का सबसे खराब प्रदर्शन
पाकिस्तान का 21 सदस्यीय दल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिर्फ एक पदक जीत सका. महिला 60 किलोग्राम वर्ग में बॉक्सर फातिमा जहरा ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा. वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाली पाकिस्तान की पहली महिला मुक्केबाज बनीं.
हालांकि यह 1998 के बाद पाकिस्तान का सबसे खराब कॉमनवेल्थ गेम्स प्रदर्शन रहा. देश की सबसे बड़ी पदक उम्मीद माने जा रहे ओलंपिक जेवलिन चैंपियन अरशद नदीम भी इस बार कोई पदक नहीं जीत सके.