ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतकर शर्मिला धनखड़ ने इतिहास रच दिया. भारत की शर्मिला धनखड़ ने पैरा-एथलेटिक्स की महिला शॉट पुट (F57 इवेंट) में 9.81 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस थ्रो के साथ ही शर्मिला राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पैरा-एथलेटिक्स का गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली एथलीट बन गई.
शर्मिला धनखड़ की इस सफलता ने राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा-एथलेटिक्स में भारत के 20 साल लंबे मेडल के इंतजार को खत्म कर दिया. इतना ही नहीं, यह मुकाबला भारत के लिए और भी खास रहा क्योंकि देश को इस इवेंट में एक और मेडल हासिल हुआ.
भारत की शिल्पा शायला ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ 7.26 मीटर का थ्रो कर ब्रांज मेडल हासिल किया. शिल्पा को यह मेडल एक सफल पोस्ट-इवेंट विरोध और समीक्षा के बाद मिला, जिसमें नाइजीरियाई एथलीट के थ्रो को अमान्य करार दिया गया.
STORY | CWG: Sharmila wins historic gold in para athletics as India shines with multiple medals
— Press Trust of India (@PTI_News) July 28, 2026
Sharmila Dhankar scripted history by becoming India's first-ever Commonwealth Games para-athletics gold medallist, while high jumper Sarvesh Kushare and weightlifters Valluri Ajaya… pic.twitter.com/U9kMZhsR7R
मां को लेकर कही दिल छू लेने वाली बात
जीत के बाद शर्मिला धनखड़ बेहद भावुक नजर आईं. उन्होंने यह मेडल अपनी मां को समर्पित किया. समाचार एजेंसी आईएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं यह मेडल अपनी मां को समर्पित करती हूं. मेरी मां देख नहीं सकतीं और दुनिया भर के तानों और आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने बचपन से मेरा साथ दिया है. मुझे बेहद खुशी है कि मैं अपनी मां का सपना पूरा कर सकी.
#WATCH | Scotland | Glasgow 2026 Commonwealth Games | Para Shot Putter Sharmila Dhankhar says, "I am extremely happy winning a medal for my country. I feel really proud, and I will continue bringing glory to the nation... This was my dream, and my mother's dream too. I won this… pic.twitter.com/alTqlgHmvE
— ANI (@ANI) July 28, 2026
'यह सपना सच होने जैसा है'
इतिहास रचने के बाद भी शर्मिला के लिए इस बड़ी उपलब्धि पर यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा था. उन्होंने कहा कि मुझे मेडल जीतकर बहुत खुशी है, लेकिन सब कुछ एक सपने जैसा लग रहा है. शायद 2-3 दिनों बाद मुझे पूरी तरह अहसास होगा कि मैंने गोल्ड जीता है.
Breaking barriers. Making history. 🤩
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 27, 2026
A golden first for Indian Para Athletics.🥇
Sharmila Dhankar creates history, becoming India's first-ever Commonwealth Games gold medallist in Para Athletics with a throw of 9.81m. ✨
Watch the Commonwealth Games Glasgow 2026 LIVE &… pic.twitter.com/32yp6fXm48
आगे के लक्ष्यों पर बात करते हुए शर्मिला ने स्पष्ट किया कि उनका अगला निशाना पैरालंपिक खेल हैं. उन्होंने कहा कि यह तो बस शुरुआत है, इस मेडल ने उनके भविष्य की राह और रोशन कर दी है और वे देश के लिए ऐसे ही रिकॉर्ड बनाती रहेंगी.
आसान नहीं रहा है धनखड़ का सफर
शर्मिला धनखड़ के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड पाने का सफर काफी चुनौती भरा रहा है. हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली शर्मिला को दो साल की उम्र में तेज बुखार के बाद पोलियो हो गया था. जिंदगी के शुरुआती दिनों में ही उन्हें कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ा था. हालांकि, जीवन के हर मोड़ पर उनकी मां मजबूत ढाल बनकर उनके साथ खड़ी रही.