Messi Letter Row: लियोनेल मेसी ने पिछले साल कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित अपने चर्चित इवेंट को लेकर बड़ा खुलासा किया है. अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर ने पश्चिम बंगाल पुलिस को भेजे एक ईमेल में इवेंट के दौरान हुई अव्यवस्था और सुरक्षा चूक के लिए तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं, इवेंट के प्रमोटर सतद्रु दत्ता को उन्होंने पूरी तरह क्लीन चिट दे दी है.
17 जून को मेसी के ऑफिस की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया कि इवेंट को समय से पहले समाप्त करने का फैसला प्रमोटर के नियंत्रण में नहीं था और इसके लिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता. लेटर में कहा गया कि यह कदम सुरक्षा कारणों और इवेंट के तय प्रोटोकॉल के उल्लंघन के चलते उठाना पड़ा.
मेसी के कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में दावा किया गया कि स्टेडियम में उनकी मौजूदगी के दौरान पहले से स्वीकृत प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ.
तय व्यवस्था के मुताबिक मैदान पर किसी भी गणमान्य व्यक्ति की मौजूदगी नहीं होनी थी और केवल तीन कैमरा ऑपरेटरों को अनुमति दी गई थी. हालांकि, तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास मैदान में पहुंच गए और इवेंट का हिस्सा नहीं होने के बावजूद कई गतिविधियों में शामिल हुए.
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अरूप बिस्वास ने जानबूझकर की ये हरकत, मेसी का आरोप
पत्र में आरोप लगाया गया कि अरूप बिस्वास ने मेसी के साथ कई बार बिना तय इवेंट के बातचीत की और तस्वीरों के लिए उनके कंधे तथा कमर पर हाथ रखकर फोटो खिंचवाई. मेसी की टीम के अनुसार, यह सब निर्धारित इवेंट का हिस्सा नहीं था.

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ईमेल में आगे कहा गया कि पूर्व मंत्री के अलावा कई अन्य अनधिकृत लोग भी मैदान में मौजूद थे. प्रतिबंधित क्षेत्रों में करीब 40 ऐसे फोटोग्राफर और कैमरा ऑपरेटर पहुंच गए थे, जिनके पास मान्यता नहीं थी. इससे न केवल इवेंट की रूपरेखा प्रभावित हुई, बल्कि मेसी की सुरक्षा, सहजता और निजी दायरे को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा हो गईं.
मेसी कोलकाता इवेंट जल्द छोड़कर क्यों गए, हुआ खुलासा
पत्र के अनुसार, मैदान पर बढ़ती भीड़ और अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी के कारण मेसी के लिए उन लोगों और इवेंटों से जुड़ना संभव नहीं रह गया, जिन्हें पहले से प्लान में शामिल किया गया था. इसी वजह से उन्हें तय समय से पहले इवेंट छोड़ना पड़ा.
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मेसी के कार्यालय ने साफ तौर पर कहा कि उनकी समयपूर्व विदाई का कारण केवल मैदान पर अनधिकृत लोगों का हस्तक्षेप, तय इवेंट में बदलाव की कोशिश और सुरक्षा व्यवस्था का कमजोर होना था.
दिसंबर 2025 में कोलकाता में पहुंचे थे मेसी
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के G.O.A.T इंडिया टूर का आगाज हुआ था. इस इवेंट को लेकर जबरदस्त उत्साह था और हजारों दर्शकों ने महंगे टिकट खरीदकर स्टेडियम का रुख किया था. लेकिन इवेंट के दौरान भारी अव्यवस्था फैल गई. सुरक्षा घेरे में सेंध लगने के बाद कई लोग मैदान पर पहुंच गए और मेसी को कुछ ही मिनटों में वहां से बाहर ले जाना पड़ा.
मेसी के जल्दी चले जाने से नाराज दर्शकों ने स्टेडियम में हंगामा किया था. कई जगह तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं.बड़ी संख्या में ऐसे फैन्स, जिन्होंने महंगे टिकट खरीदे थे, अपने पसंदीदा फुटबॉलर की एक झलक तक नहीं देख पाए थे.
मेसी का यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब बिधाननगर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. इवेंट के प्रमोटर सतद्रु दत्ता ने पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस इस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है. मेसी की ओर से आया यह बयान अब जांच में एक अहम दस्तावेज माना जा रहा है और इससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.