फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली. डलास के एटीएंडटी स्टेडियम (AT&T Stadium) में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने मैच की शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और दोनों हाफ में एक-एक गोल दागकर फ्रांस की चुनौती खत्म कर दी.
अब न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में 20 जुलाई को होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन का सामना अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच 16 जुलाई को अटलांटा स्टेडियम में होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा. यूरोपीय चैंपियन स्पेन पिछले 37 मैचों से अजेय है. टीम ने टूर्नामेंट में अब तक सात मैचों में सिर्फ एक गोल खाया है. फ्रांस के खिलाफ भी उसकी मजबूत डिफेंस लाइन ने विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया.
ओयार्जाबेल ने पेनल्टी पर दिलाई बढ़त
स्पेन को 22वें मिनट में बढ़त मिली. फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिन्ये ने लामिन यमाल पर फाउल किया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दी. मिकेल ओयार्जाबेल ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी. ओयार्जाबेल का टूर्नामेंट में यह 5वां गोल था. पहले सेमीफाइनल का फर्स्ट हाफ समाप्त होने पर स्पेन ने फ्रांस पर एक गोल की बढ़त बना ली थी और उम्मीद थी कि किलियन एम्बाप्पे की टीम दूसरे हाफ में वापसी करेगी.
पेड्रो पोरो ने दोगुनी की स्पेन की बढ़त
दूसरे हाफ के 58वें मिनट में स्पेन ने शानदार मूव के जरिए दूसरा गोल किया. डैनियल ओल्मो ने बेहतरीन पास देकर पेड्रो पोरो के लिए मौका बनाया. पोरो ने इस मौके का पूरी तरह फायदा उठाया और शांत अंदाज में गोल कर स्पेन को फ्रांस पर 2-0 की बढ़त दिला दी. फ्रांस ने वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन स्पेन की अनुशासित डिफेंस के सामने उसके खिलाड़ियों की एक नहीं चली.
दूसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन
2018 की विश्व चैंपियन और 2022 की उपविजेता फ्रांस पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में थी. उसने सेमीफाइनल तक छह मैचों में 16 गोल किए और सिर्फ दो गोल खाए थे. लेकिन स्पेन के खिलाफ टीम पूरे मैच में लय हासिल नहीं कर सकी. कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने दूसरे हाफ में कई बदलाव किए, लेकिन कोई भी रणनीति काम नहीं आई. 2010 में अपना पहला विश्व कप जीतने वाली स्पेनिश टीम अब 2026 में दूसरी बार खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है.