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क्रिस्टियानो रोनाल्डो की मनमानी पड़ी भारी, पुर्तगाल ने ठोका 30 दिन का बैन

क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़ने के मामले में 30 दिन के निलंबन की सजा सुनाई है. कोच जॉर्ज जीसस के साथ टीम में अपनी भूमिका को लेकर हुए विवाद के बाद रोनाल्डो कैंप से चले गए थे. महासंघ ने उन पर 255 यूरो का जुर्माना भी लगाया है. हालांकि, निलंबन किन मैचों या टीम गतिविधियों पर लागू होगा, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है.

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रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन! कोच से पंगा पड़ा भारी. (Photo, AFP)
रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन! कोच से पंगा पड़ा भारी. (Photo, AFP)

फुटबॉल की दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो को बड़ा झटका लगा है. पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ (FPF) ने राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़ने के मामले में उन्हें 30 दिन के निलंबन की सजा सुनाई है. महासंघ की अनुशासन समिति ने 41 साल के स्ट्राइकर के खिलाफ आरोपों को पूरी तरह बरकरार रखा. रोनाल्डो पर 255 यूरो का जुर्माना भी लगाया गया है.

यह पूरा मामला पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम में रोनाल्डो की भूमिका को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, टीम में अपनी जिम्मेदारी और खेलने के मौके को लेकर रोनाल्डो और कोच जॉर्ज जीसस के बीच तनाव पैदा हो गया था. इसके बाद रोनाल्डो ने डेनमार्क के खिलाफ मुकाबले से पहले कोपेनहेगन में टीम का ठिकाना छोड़ दिया था. इसी घटनाक्रम के बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई.

टीम में भूमिका को लेकर कोच से भिड़े रोनाल्डो

रोनाल्डो की नाराजगी की वजह टीम में उनकी भूमिका को लेकर बनी असहमति बताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार, स्टार स्ट्राइकर का आरोप था कि कोच जॉर्ज जीसस ने टीम में उनकी भूमिका को लेकर किए गए वादे से दो बार पीछे हटने का काम किया. नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में रोनाल्डो को मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला था. वह पूरे मैच में स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर बेंच पर ही बैठे रहे.

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इसके बाद दोनों के बीच मतभेद बढ़ने की खबरें सामने आईं. हालांकि, जीसस ने रोनाल्डो के साथ किसी तरह का समझौता होने से इनकार किया था. विवाद के बावजूद पुर्तगाल की टीम ने जीत दर्ज की, जिसके बाद कोच ने रोनाल्डो की वापसी की संभावना से दरवाजे बंद नहीं किए.

पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ की अनुशासन समिति ने अपने नियमों के अनुच्छेद 160(1) के तहत रोनाल्डो को जानबूझकर उल्लंघन करने का दोषी माना. महासंघ ने आरोपों को पूरी तरह सही ठहराते हुए निलंबन और जुर्माने का फैसला सुनाया.

रोनाल्डो ने मांगी माफी, सजा स्वीकार करने की कही बात

विवाद बढ़ने के बाद रोनाल्डो ने अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी थी. उन्होंने स्वीकार किया कि नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले के बाद प्रशंसकों का अभिवादन नहीं करना और टीम के साथियों को छोड़कर कैंप से चले जाना उनकी गलती थी. उन्होंने यह भी कहा कि फुटबॉल में नियम सभी के लिए समान हैं और उन्हें अपने किए की सजा स्वीकार है.

रोनाल्डो की माफी को सजा तय करते समय ध्यान में रखा गया. महासंघ ने उनके पछतावे और बाद के व्यवहार को राहत देने वाले पहलुओं में शामिल किया. इसके बावजूद टीम के कप्तान होने के कारण उनसे अधिक जिम्मेदारी की अपेक्षा भी की गई.

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क्या नवंबर में खेल सकेंगे रोनाल्डो?

30 दिन के निलंबन के बावजूद रोनाल्डो की पुर्तगाल की अगली अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वापसी की संभावना बनी हुई है. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी सजा 1 अक्टूबर से प्रभावी मानी गई है. इस हिसाब से वह अक्टूबर के अंत तक निलंबन पूरा कर सकते हैं.

पुर्तगाल को 14 नवंबर को डेनमार्क की मेजबानी करनी है, जबकि 17 नवंबर को टीम वेल्स के खिलाफ खेलेगी. ऐसे में रोनाल्डो के इन मुकाबलों के लिए उपलब्ध रहने की संभावना है. हालांकि, राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी को लेकर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और संबंधित परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.

पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष पेड्रो प्रोएंसा भी रोनाल्डो की टीम में वापसी की इच्छा जता चुके हैं. रोनाल्डो पुर्तगाल के सबसे बड़े खिलाड़ियों में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं.

पुर्तगाल ने रोनाल्डो की गैरमौजूदगी में भी अपने चारों नेशंस लीग मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है. अब देखना होगा कि विवाद के बाद रोनाल्डो और कोच जॉर्ज जीसस के बीच संबंध किस तरह आगे बढ़ते हैं और क्या अनुभवी स्ट्राइकर नवंबर में फिर राष्ट्रीय टीम की जर्सी में नजर आते हैं.
 

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