India Cricketers playing Ranji Trophy Full list: बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में भारत को ऑस्ट्रेलिया से जब 1-3 से हार झेलनी पड़ी तो सुनील गावस्कर और इरफान पठान के बयान बेहद चर्चा में थे. इन दोनों ही पूर्व खिलाड़ियों ने भारतीय टीम में कल्चरल चेंज की मांग की थी और कहा था कि टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में खेलना चाहिए. संभवत: ये बात अब भारतीय टीम के उन खिलाड़ियों ने मान ली है, जो लंबे अर्से से घरेलू क्रिकेट से दूर थे. इस लिस्ट में विराट कोहली, रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत शामिल हैं.
आने वाले रणजी मुकाबलों में कौन से भारतीय खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में खेलने उतरेंगे? आपको इस बारे में विस्तार से बताएंगे, वहीं यह भी बताएंगे कि भारत के स्टार खिलाड़ियों ने आखिरी बार घरेलू क्रिकेट में कब शिरकत की थी, उससे पहले सुनील गावस्कर और इरफान पठान ने क्या कहा था कि वह जान लीजिए.
गावस्कर ने कहा था- भारत के नियमित खिलाड़ियों को खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करना चाहिए. 23 जनवरी को रणजी ट्रॉफी का अगला दौर है, देखते हैं कि इस टीम के कितने खिलाड़ी खेलते हैं? अगर आप उन मैचों में नहीं खेलते हैं, तो मैं कहता हूं कि गौतम गंभीर को कुछ कड़े फैसले लेने होंगे.
emphasizes this strict criteria for selecting players to the National Test team after ’s loss in the series for the first time in a decade. 🏏
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गावस्कर के सुर में सुर में सुर मिलाते हुए इरफान पठान ने 'कल्चरल चेंज' की मांग की. उन्होंने कहा था कि हमें संस्कृति बदलनी होगी. महान सचिन तेंदुलकर ने भी रणजी ट्रॉफी तब खेली जब उन्हें इसकी जरूरत नहीं थी, उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह पिच पर ज्यादा समय बिताना चाहते थे.
Time to shift the spotlight! 🌟 calls for an end to the superstar culture, emphasizing the importance of building a strong team-first mentality in Indian cricket💬🇮🇳
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पंत, रोहित, जायसवाल का खेलना तय... कोहली पर सस्पेंस
अब आपको बताते हैं रणजी ट्रॉफी के आगामी मैचों में कौन से भारतीय स्टार खेलने उतरेंगे. रोहित शर्मा का रणजी में खेलना तय माना जा रहा है. वह मुंबई की टीम के साथ प्रैक्टिस करते हुए भी नजर आए. वहीं यशस्वी जायसवाल भी मुंबई टीम के साथ जुड़ेगे. जिसके बाद माना जा रहा है कि वह भी आगामी रणजी मैचों में जलवा दिखाएंगे. हालांकि यह अनिश्चित है कि रोहित जम्मू और कश्मीर के खिलाफ मुंबई के आगामी मैच में खेलेंगे या नहीं.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई सीरीज के दौरान रोहित शर्मा समेत भारत के शीर्ष बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करने में संघर्ष किया_ रोहित तीन टेस्ट मैचों की पांच पारियों में सिर्फ 31 रन बना पाए, जबकि सीरीज में उनका सर्वोच्च स्कोर 10 रन रहा.
Rohit Sharma is back where it all began—training with the Mumbai Ranji team! 🏏 Preparation, passion, and focus in full swing.
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वहीं ऋषभ पंत ने 23 जनवरी से राजकोट में सौराष्ट्र के खिलाफ होने वाले दिल्ली के अगले रणजी ट्रॉफी मैच के लिए खुद को उपलब्ध बताया है. डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने इस बात की पुष्टि की. पंत ने आखिरी बार रणजी ट्रॉफी मैच 2017-2018 सीजन में खेला था. विराट कोहली की भागीदारी को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है , जिन्होंने आखिरी बार 2012 में दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी में भाग लिया था.
BGT में विराट कोहली का प्रदर्शन भी लचर था. कोहली ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के 5 टेस्ट मैचों में 190 रन 23.75 के एवरेज से बनाए थे. हर्षित राणा को टी20 टीम (इंग्लैंड के मैचों के लिए ) में चुना गया है और इसलिए वह उपलब्ध नहीं हैं. वहीं शुभमन गिल भी रणजी ट्रॉफी में पंजाब टीम के लिए खेलते दिखेंगे.
जब भारतीय टेस्ट टीम के खिलाड़ी अपना अंतिम रणजी ट्रॉफी मैच खेला
1: रोहित शर्मा: नवंबर 2015 में मुंबई में उत्तर प्रदेश के खिलाफ मुंबई का प्रतिनिधित्व किया, 113 रन बनाए
2: जसप्रीत बुमराह: जनवरी 2017 में नागपुर में झारखंड के खिलाफ गुजरात की ओर से खेले थे, 1/103 और 6/29 के आंकड़े हासिल किए.
3: यशस्वी जयसवाल: महाराष्ट्र के खिलाफ मुंबई का प्रतिनिधित्व किया जनवरी 2023 में, मैच मुंबई मे हुआ. पहली पारी में डक और दूसरी पारी में 14 रन बनाए_
4: शुभमन गिल: जनवरी 2022 में अलूर में मध्य प्रदेश के खिलाफ पंजाब के लिए खेले, 9 और 19 रन बनाए.
5: विराट कोहली: नवम्बर 2012 में गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश के खिलाफ दिल्ली की ओर से खेलते हुए 14 और 43 रन बनाए.
6: अभिमन्यु ईश्वरन: अक्टूबर 2024 में लखनऊ में उत्तर प्रदेश के खिलाफ बंगाल का प्रतिनिधित्व किया, 5 रन और नाबाद 127 रन बनाए.
7: केएल राहुल: मार्च 2020 में कोलकाता में बंगाल के खिलाफ कर्नाटक के लिए खेले, 26 और 0 रन बनाए.
8: सरफराज खान: जनवरी 2024 में पटना में बिहार के खिलाफ मुंबई के लिए खेले, 1 रन बनाया.
9: ध्रुव जुरेल: जनवरी 2024 में अलप्पुझा में केरल के खिलाफ उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया, 63 रन बनाए.
10: रवींद्र जडेजा: जनवरी 2023 में चेन्नई में तमिलनाडु के खिलाफ सौराष्ट्र के लिए खेले, 1/48, 7/53, और 15 और 25 रन बनाए.
11: मोहम्मद सिराज: फरवरी 2020 में हैदराबाद में विदर्भ के खिलाफ हैदराबाद का प्रतिनिधित्व किया, 1/91, 1/37 के आंकड़े रहे और 22 और 46 रन बनाए.
12: आकाश दीप: फरवरी 2024 में थुम्बा में केरल के खिलाफ बंगाल की ओर से खेले, 1/65 के आंकड़े प्राप्त किए और 4 और 1 रन बनाए.
13: प्रसिद्ध कृष्णा: अक्टूबर 2024 में इंदौर में मध्य प्रदेश के खिलाफ कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया, 1/20 के गेंदबाजी आंकड़े दर्ज किये गये.
14: हर्षित राणा: अक्टूबर 2024 में दिल्ली में असम के विरुद्ध दिल्ली की ओर से खेले, 5/80 और 2/61 विकेट लिए, 59 रन बनाए.
15: नीतीश कुमार रेड्डी: अक्टूबर 2024 में अहमदाबाद में गुजरात के खिलाफ आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया, 1/48 गेंदबाजी में प्रदर्शन रहा. 47 और 34 रन बनाए.
16: वॉशिंगटन सुंदर: अक्टूबर 2024 में दिल्ली के विरुद्ध तमिलनाडु की ओर से दिल्ली में खेले, 152 रन बनाए तथा 3/43 और 3/45 विकेट लिए.
17: ऋषभ पंत: दिसंबर 2017 में इंदौर में विदर्भ के खिलाफ दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया, 21 और 32 रन बनाए.
जय शाह ने दी थी चेतावनी, श्रेयस-ईशान को हुआ नुकसान
अगस्त 2024 में बीसीसीआई के तत्कालीन सचिव जय शाह ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों को चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने घरेलू क्रिकेट की जगह टी20 इंडियन प्रीमियर लीग ( आईपीएल ) को प्राथमिकता दी तो उन्हें 'गंभीर परिणाम' भुगतने पड़ेंगे. उन्होंने तब अनुबंधित खिलाड़ियों को लिखे पत्र में कहा था घरेलू क्रिकेट हमेशा से भारतीय क्रिकेट की नींव रहा है और खेल के प्रति हमारे दृष्टिकोण में इसे कभी कम करके नहीं आंका गया है. इसके बाद श्रेयस अय्यर और ईशान किशन पर एक्शन हुआ और उन्होंने बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट को खो दिया था.
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दिखी टीम की कमजोरियां
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ BGT में 3-1 से मिली हार में एक चीज तो साफ तौर पर नजर आई कि भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी 'रेड बॉल' के आगे कमजोर पड़ जाते हैं. शॉट सेलेक्शन लापरवाही बरती गई, नतीजतन ऋषभ पंत बार-बार जोखिम भरे स्ट्रोक खेलकर आउट हो रहे थे. बल्लेबाज बार-बार एक ही गलती कर रहे थे. कोहली ऑफ-स्टंप के बाहर की गेंदों को नहीं खेल पा रहे थे. गेंदबाज लंबे स्पैल फेंकने के लिए तैयार नहीं थे. सिराज अक्सर लय खो रहे थे और हर्षित राणा तेजी बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे थे. कुल मिलाकर खिलाड़ियों में टेस्ट को नेचर का अपनाने की कमी नजर आई. गिल क्रीज से बाहर निकलकर कोशिश करते दिखे. वहीं रोहित शर्मा अपनी पारी की शुरुआत में स्ट्रोक लगाते दिखे.