भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होने पर दिग्गजों ने कई बार अपनी आपत्ति जताई है. विमेन्स एशिया कप ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान हुए बवाल ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के रिश्ते पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
साल 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के स्टार खिलाड़ी मदन लाल का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि अगर बार-बार यही सब होना है तो भारत को पाकिस्तान के साथ मैच खेलना ही नहीं चाहिए.
दरअसल, एशिया कप ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के समय एशियाई क्रिकेट काउंसिल के चीफ मोहसिन नकवी से जुड़ा एक और विवाद खड़ा हो गया. इस वजह से भारतीय टीम प्रेजेंटेशन से दूर ही रही. मंच पर राजीव शुक्ला जैसे बड़े अधिकारी मौजूद थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने नकवी के हाथ से ट्रॉफी या मेडल लेने से परहेज किया.
𝗧𝗵𝗲 𝗣𝗲𝗿𝗳𝗲𝗰𝘁 𝗢𝗽𝗲𝗻𝗶𝗻𝗴 𝗔𝗰𝘁 🤝
🎥 Architects @mandhana_smriti and @TheShafaliVerma decode their impactful stand that paved the way for #TeamIndia in the final 🙌 - By @mihirlee_58 #WomensAsiaCup | #INDvSL pic.twitter.com/gEfcH4Sjfo— BCCI Women (@BCCIWomen) September 14, 2026
मदन लाल का फूटा गुस्सा
इसी पूरी घटना से नाराज होकर पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने लिखा कि हर बार की वही पुरानी कहानी है. अगर ऐसे ही बर्ताव होना है तो हमें पाकिस्तान के साथ किसी भी टूर्नामेंट में मैच नहीं खेलना चाहिए. हालांकि, मैं जानता हूं कि इसका आखिरी फैसला बोर्ड यानी बीसीसीआई को ही लेना है.
Pure joy and unfiltered emotions 🥳
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 14, 2026
🎥 Catch #TeamIndia's heartwarming 𝙍𝙖𝙬 𝙍𝙚𝙖𝙘𝙩𝙞𝙤𝙣𝙨 moments after sealing the #WomensAsiaCup triumph 🇮🇳🏆#INDvSL pic.twitter.com/e4zYfBAvSE
पिछले साल भी हुआ था बवाल
यह पहली बार नहीं है जब मदन लाल ने इस मुद्दे पर अपना गुस्सा जताया हो. इससे पहले साल 2025 के एशिया कप में भी ऐसा ही ड्रामा हुआ था. उस दौरान भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था.
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती. लेकिन उन्होंने ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया. उस दौरान भी मदन लाल ने कहा था कि अगर बात नहीं बन रही थी तो नकवी को किसी और के हाथों ट्रॉफी दिलवा देनी चाहिए थी. ट्रॉफी जीतने का एहसास खिलाड़ियों की खुशी और फैन्स के जश्न के लिए होता है, राजनीति या आपसी खिंचाव के लिए नहीं.