भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज से ठीक पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने टीम चयन और खिलाड़ियों के साथ बार-बार होने वाले बदलावों को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं. कैफ का मानना है कि सिर्फ एक या दो खराब मैचों के आधार पर किसी भी खिलाड़ी का आकलन करना सही तरीका नहीं है. खासकर तब जब वह खिलाड़ी लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहा हो.
मोहम्मद कैफ ने हालिया चयन प्रक्रिया पर खुलकर बात करते हुए कहा कि आज की तारीख में स्थिति यह हो गई है कि एक मैच में मार खाने के बाद खिलाड़ी को तुरंत बाहर कर दिया जाता है. बेंच पर बैठे दूसरे खिलाड़ी को बेहतर मान लिया जाता है.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह तरीका इंटरनेशनल लेवल का नहीं बल्कि लोकल क्लब क्रिकेट जैसा है, जहां मैनेजर या कोच बिना सोचे-समझे पैनिक होकर फैसले लेते हैं. इस तरह के फैसलों में समझदारी नजर नहीं आती है.
द्रविड़-रोहित ने जताया था भरोसा
उन्होंने राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा की कप्तानी और कोचिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप और 2024 के टी20 वर्ल्ड कप के दौरान टीम मैनेजमेंट ने लगातार एक ही गेंदबाजी क्रम पर भरोसा जताया था. भले ही कुछ मैचों में गेंदबाजों को मार पड़ी हो, लेकिन खिलाड़ियों को बार-बार ड्रॉप नहीं किया गया. इसी भरोसे के दम पर भारत ने विश्व कप में ऐतिहासिक सफलता हासिल की थी.
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'भुवनेश्वर को अभी और मौके मिलने चाहिए'
चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के प्रदर्शन पर बात करते हुए कैफ ने उनका समर्थन किया. उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर कुमार अकेले ऐसे गेंदबाज नहीं थे जिन्हें मार पड़ी हो, न्यूजीलैंड दौरे पर लगभग सभी गेंदबाजों की धुलाई हुई थी.
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कैफ ने साफ कहा कि जो खिलाड़ी चार साल बाद इंटरनेशनल सेटअप में उतरा हो, उसके लिए तुरंत अपनी लय हासिल करना आसान नहीं होता. चूंकि भुवनेश्वर ने पिछले दो आईपीएल सीजन में आरसीबी को अपनी गेंदबाजी के दम पर खिताब जिताया है और उनका पुराना रिकॉर्ड शानदार रहा है, इसलिए उन्हें अभी एक-दो सीरीज और दी जानी चाहिए. एक या दो खराब मैचों के आधार पर उन्हें पूरी तरह खारिज कर देना सही नहीं है. अगर इसके बाद भी प्रदर्शन सुधरे नहीं, तब भले ही आगे का रास्ता चुना जा सकता है.