भारत और न्यूजीलैंड के बीच शनिवार (7 नवंबर) को वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में पांच मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया. इस मुकाबले में मेजबान टीम न्यूजीलैंड को तगड़ा झटका लगा. तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर को सिर में चोट लग गई, ऐसे में वो न्यूजीलैंड के लिए गेंदबाजी नहीं कर सके.
ब्लेयर टिकनर की जगह तेज गेंदबाज मैथ्यू फिशर को कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर प्लेइंग-11 में शामिल किया गया. दाएं हाथ के फास्ट बॉलर फिशर ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और अपने पहले ही ओवर में अक्षर पटेल को पवेलियन भेजा.
न्यूजीलैंड की पारी के 41वें ओवर में भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कम्बोज की बाउंसर टिकनर के सिर पर लगी थी. चोट के बावजूद उन्होंने बल्लेबाजी जारी रखी, लेकिन इसी ओवर में दो रनों के निजी स्कोर आउट हो गए और न्यूजीलैंड की इनिंग्स 134 रनों पर सिमट गई. मेडिकल आकलन के बाद उन्हें दूसरे मुकाबले में गेंदबाजी ना करने की सलाह दी गई.
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क्या है कन्कशन सब्स्टीट्यूट रूल?
आईसीसी के नियमानुसार जब किसी खिलाड़ी को मुकाबले के दौरान मैदान पर सिर या आंख में चोट लगती है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट रूल लागू होता है. हालांकि सब्स्टीट्यूशन लाइक फॉर लाइक होना चाहिए. मान लीजिए कि यदि कोई फास्ट बॉलर इंजर्ड हुआ है, तो उसकी जगह फास्ट बॉलर ही प्लेइंग-11 में शामिल किया जाएगा.
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मैथ्यू फिशर ने जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना वनडे इंटरनेशनलडेब्यू किया था. वह अब पहली बार न्यूजीलैंड की धरती पर इस फॉर्मेट में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने उतरे. फिशर ने अपनी रफ्तार से न्यूजीलैंड के कोच रॉब वाल्टर का ध्यान तब खींचा था, जब वह पिछले साल जिम्बाब्वे दौरे से पहले टीम के नेट गेंदबाज थे. इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली.
पांच मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है. ऑकलैंड में खेले गए पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत जीत दर्ज की थी.वनडे सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैच भी खेले जाएंगे.