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जिस कांड ने हिला दिया था ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट, 8 साल बाद फिर उसी धरती पर टीम, सैंडपेपरगेट की कड़वी यादें अभी भी ताजा

आठ साल बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम एक बार फिर साउथ अफ्रीका के दौरे पर है. 2018 का सैंडपेपरगेट विवाद आज भी दोनों टीमों की भिड़ंत से जुड़ी सबसे बड़ी यादों में शामिल है. इस बार ऑस्ट्रेलिया टीम उसी इतिहास से बाहर निकलकर नई शुरुआत करना चाहेगा.

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8 साल बाद फिर सैंडपेपर विवाद के बाद टेस्ट सीरीज खेलने दक्षिण अफ्रीका पहुंचा ऑस्ट्रेलिया (Photo: Reuters/Getty Images)
8 साल बाद फिर सैंडपेपर विवाद के बाद टेस्ट सीरीज खेलने दक्षिण अफ्रीका पहुंचा ऑस्ट्रेलिया (Photo: Reuters/Getty Images)

आठ साल पहले ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को हिला देने वाला सैंडपेपरगेट विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है. ऑस्ट्रेलियाई टीम 2018 के उस विवादित दौरे के बाद पहली बार साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज खेलने पहुंची है. दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 9 अक्टूबर से डरबन में शुरू होगी. 

2018 में क्या हुआ था?

2018 में ऑस्ट्रेलिया की टीम साउथ अफ्रीका दौरे पर गई थी. उस समय ऑस्ट्रेलिया एशेज सीरीज 4-0 से जीतकर पूरे आत्मविश्वास के साथ पहुंचा था. लेकिन चार टेस्ट की सीरीज साउथ अफ्रीका ने 3-1 से अपने नाम की और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को एक ऐसे विवाद ने घेर लिया, जिसकी चर्चा आज तक होती है. 

सीरीज का पहला टेस्ट डरबन में हुआ था, जहां ऑस्ट्रेलिया ने 118 रन से जीत दर्ज कर 1-0 की बढ़त बनाई थी. मिचेल स्टार्क ने मैच में 9 विकेट लिए थे. हालांकि, मैदान के अंदर और बाहर दोनों टीमों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था.

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नाथन लियोन को एबी डीविलियर्स के रन आउट के बाद गेंद उनके पास गिराने के मामले में जुर्माना लगा, जबकि डेविड वॉर्नर और क्विंटन डि कॉक के बीच भी ड्रेसिंग रूम की सीढ़ियों पर तीखी झड़प हुई थी. 

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पोर्ट एलिजाबेथ में भी बढ़ा विवाद

दूसरे टेस्ट में भी माहौल शांत नहीं हुआ. साउथ अफ्रीका ने मैच जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर की. कगिसो रबाडा ने 11 विकेट लिए, जबकि एबी डीविलियर्स ने नाबाद 126* रन की शानदार पारी खेली. इस दौरान दर्शकों से जुड़े एक विवाद ने भी माहौल को और गर्म कर दिया. लेकिन असली तूफान अभी बाकी था.

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केपटाउन में सामने आया सैंडपेपरगेट

सीरीज का तीसरा टेस्ट केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेला जा रहा था. इसी मैच में कैमरों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कैमरन बैनक्रॉफ्ट को गेंद पर एक पीले रंग की चीज से छेड़छाड़ करते हुए पकड़ लिया.

बाद में सामने आया कि बैनक्रॉफ्ट सैंडपेपर का इस्तेमाल कर गेंद को खुरदरा करने की कोशिश कर रहे थे, ताकि गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल की जा सके. यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते क्रिकेट जगत में भूचाल आ गया. 

स्मिथ और वॉर्नर पर लगा बैन

विवाद सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट पर जबरदस्त दबाव बना. कप्तान स्टीव स्मिथ, उप-कप्तान डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट को टीम से बाहर कर दिया गया और उन्हें अलग-अलग अवधि के लिए बैन किया गया. स्मिथ को कप्तानी से भी हटा दिया गया. स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक साल वहीं, कैमरन बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीने का बैन लगाया गया था.

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तीनों खिलाड़ियों को घर भेज दिया गया था और टिम पेन ने कप्तानी संभाल ली. उस समय के हेड कोच डैरेन लेहमैन ने घोषणा की कि वे आखिरी टेस्ट के बाद अपने पद से हट जाएंगे, भले ही उन्हें इस मामले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी. इस घटना ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया. स्टीव स्मिथ की भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा चर्चा में ला दिया था.

8 साल बाद फिर वही मैदान

अब आठ साल बाद ऑस्ट्रेलिया फिर साउथ अफ्रीका में टेस्ट क्रिकेट खेलने आया है. दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा टीम में स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और नाथन लियोन जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जो 2018 के उस दौरे का हिस्सा थे. 

तीन टेस्ट डरबन, गक्बेरहा और केपटाउन में खेले जाएंगे. तीसरा टेस्ट एक बार फिर न्यूलैंड्स में होगा, वही मैदान जहां 2018 में सैंडपेपरगेट ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की दिशा बदल दी थी. 

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इस बार हालांकि कहानी अलग है. ऑस्ट्रेलिया की टीम पैट कमिंस की कप्तानी में एक मजबूत टीम के तौर पर लौटी है, जबकि साउथ अफ्रीका मौजूदा विश्व टेस्ट चैम्पियन है. दोनों टीमों के लिए यह सीरीज मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप चक्र के लिहाज से भी बेहद जरूरी है. 

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आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन 2018 का वह काला विवाद अभी पूरी तरह मिटा नहीं है. ऑस्ट्रेलिया के सामने अब चुनौती सिर्फ साउथ अफ्रीका को हराने की नहीं, बल्कि उस पुराने दौर से आगे निकलने की भी है.

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