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9 साल की बच्ची को भी आ सकता है हार्ट अटैक? दिल्ली की घटना पर डॉक्टर ने बताया, क्या हो सकती है वजह

दिल्ली के मयूर विहार के एक स्कूल में 9 साल की बच्ची की क्लासरूम में अचानक गिरकर मौत हो गई. इस मामले में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई है. क्या इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक आ सकता है इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.

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स्कूल में बच्ची का निधन
स्कूल में बच्ची का निधन

दिल्ली के मयूर विहार के एक स्कूल में बुधवार को तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली 9 साल की बच्ची की अचानक मौत हो गई. बच्ची अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ी. स्कूल में लगे CCTV कैमरों में यह घटना कैद हुई है. स्कूल प्रशासन के मुताबिक, बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. आशंका जताई जा रही है कि बच्ची को हार्ट अटैक आया था, हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी,  लेकिन ये जानना जरूरी है कि क्या 9 साल की उम्र में हार्ट अटैक आ सकता है? 

इस बारे में मेदांता मूलचंद हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर डॉ तरुण कुमार ने बताया है. उनका कहना है कि ये मामला सडन कार्डियक डेथ का हो सकता है. हालांकि, मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा. उनके मुताबिक, इस उम्र में हार्ट अटैक की तुलना में कार्डियोमायोपैथी और हार्ट की धड़कनों में गड़बड़ी से अचानक मौत की ज्यादा संभावित वजह हो सकती हैं. 

क्या 9 साल की उम्र में आ सकता है हार्ट अटैक?

आमतौर पर हार्ट अटैक को बड़ी उम्र के लोगों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन बच्चों में भी दिल से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. हालांकि, इस उम्र में सामान्य हार्ट अटैक बहुत दुर्लभ है. हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली नस में रुकावट आ जाती है. वहीं, कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक काम करना बंद कर देता है.  

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बच्चों में अचानक मौत की क्या हो सकती हैं वजह?

बच्चों में अचानक मौत की कुछ वजह हो सकती हैं. इनमें कार्डियोमायोपैथी एक ऐसी समस्या है, जिसमें दिल की मांसपेशियों से जुड़ी बीमारी हो जाती है. इसमें दिल की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी, कमजोर या सख्त हो सकती हैं. इससे दिल की खून पंप करने की क्षमता पर असर होता है. कुछ मामलों में यह बीमारी दिल की खराबी का कारण बन सकती है. कम उम्र में हार्ट की बीमारी का कारण अरिदमिया भी हो सकता गै. इसमें दिल की धड़कन सामान्य से बहुत तेज हो सकती है. इसके अलावा जन्म से दिल की बीमारी, दिल की मांसपेशियों में संक्रमण या सूजन अचानक कार्डियक अरेस्ट की वजह बन सकते हैं. जिससे कम उम्र में भी मौत हो सकती है. 

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इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

बच्चे को खेलते या दौड़ते समय चक्कर आना

बेहोश होना

सीने में दर्द

बिना वजह सांस फूलना
 

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