scorecardresearch
 

Asian Para Games: डिस्कस थ्रो में प्रणव सूरमा का एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड, 200 मीटर में सिमरन चमकीं

एशियन पैरा गेम्स में प्रणव सूरमा ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 11.66 मीटर के एशियन रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड जीता. राम रतन सिंह ने सिल्वर मेडल हासिल किया. महिलाओं की 200 मीटर T12 रेस में सिमरन ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड, जबकि तेजलबेन डामोर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.

Advertisement
X
डिस्कस थ्रो में प्रणव का एशियन रिकॉर्ड. (Photo: X)
डिस्कस थ्रो में प्रणव का एशियन रिकॉर्ड. (Photo: X)

एशियन पैरा गेम्स में मंगलवार को भारत के प्रणव सूरमा ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो की संयुक्त F51/52/53 स्पर्धा में एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि भारत के ही राम रतन सिंह ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. वहीं, महिलाओं की 200 मीटर T12 रेस में सिमरन ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि डेब्यू कर रहीं तेजलबेन डामोर ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.

प्रणव सूरमा ने एशियन रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड

32 साल के प्रणव सूरमा ने अपने चौथे प्रयास में 11.66 मीटर का थ्रो करके नया एशियन रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. उन्होंने चीन में हुए पिछले एशियन पैरा गेम्स में क्लब थ्रो F51 स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीता था. इस बार उन्होंने डिस्कस थ्रो में भी अपनी श्रेष्ठता साबित की.

31 साल के राम रतन सिंह ने अपने दूसरे प्रयास में 10.35 मीटर की दूरी हासिल करके सिल्वर मेडल जीता. प्रणव और राम रतन दोनों F51 कैटेगरी के खिलाड़ी हैं. 

ज्यादा दूरी के बावजूद ईरानी खिलाड़ी को ब्रॉन्ज

ईरान के अलीरेजा हेमामी ने F53 कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करते हुए अपने चौथे प्रयास में 20.20 मीटर का थ्रो किया. उनकी दूरी प्रणव और राम रतन के मुकाबले काफी ज्यादा थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा.

Advertisement

दरअसल, अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के बीच संयुक्त स्पर्धा में पदक विजेताओं का फैसला रजा पॉइंट सिस्टम (Raza Point System) के आधार पर किया जाता है. यह प्रणाली खिलाड़ियों की शारीरिक अक्षमता के वर्गीकरण को ध्यान में रखते हुए उनके प्रदर्शन को मानकीकृत अंकों में बदलती है. इसके बाद इन अंकों के आधार पर खिलाड़ियों की रैंकिंग तय होती है.

इस व्यवस्था में अधिक गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी कम दूरी तय करने या कम प्रदर्शन के बावजूद बेहतर रैंक हासिल कर सकते हैं, क्योंकि उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन उनकी संबंधित कैटेगरी के अनुसार किया जाता है.

क्या है F51 कैटेगरी?

F51 कैटेगरी में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनके धड़, पैरों और हाथों की गतिविधियों पर काफी असर पड़ता है. इन खिलाड़ियों के बाजुओं की गति भी सीमित हो सकती है.

पैरा एथलेटिक्स में F51 से F57 तक की कैटेगरी में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जो बैठकर प्रतिस्पर्धा करते हैं. इनमें शरीर के निचले हिस्से से जुड़ी अक्षमता, अंगों की कमी, मांसपेशियों की ताकत या गति की सीमा में कमी जैसी शारीरिक स्थितियां हो सकती हैं.

यदि किसी स्पर्धा में किसी एक कैटेगरी के पर्याप्त खिलाड़ी नहीं होते, तो समान प्रकार की अक्षमता वाली अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों को संयुक्त स्पर्धा में शामिल किया जा सकता है. प्रणव सूरमा और राम रतन सिंह की F51 कैटेगरी तथा हेमामी की F53 कैटेगरी इसी तरह एक संयुक्त स्पर्धा का हिस्सा थीं.

Advertisement

सिमरन ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता पहला गोल्ड

भारतीय धाविका सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में 24.80 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता. इस दौरान उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया. ईरान की हाजर सफरजादेह 25.02 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि भारत की तेजलबेन डामोर ने 25.23 सेकंड में रेस पूरी करके ब्रॉन्ज मेडल जीता.

तेजलबेन पहली बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं. वहीं, सिमरन का यह एशियन पैरा गेम्स में पहला गोल्ड मेडल है. उन्होंने 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले संस्करण में इसी स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था.

पेरिस पैरालंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली सिमरन वापसी की राह पर हैं. वह अब अपने नए गाइड शिवम के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. उनके पूर्व गाइड उमर सैफी पर डोपिंग उल्लंघन के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया था.

महिलाओं की T12 कैटेगरी में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिन्हें देखने में मध्यम स्तर की अक्षमता होती है.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement