यूरोप में पड़ रही गर्मी का असर अब फ्रांस में साफ दिखाई दे रहा है. देश के दक्षिणी हिस्से में कई जगह जंगलों और आसपास के इलाकों में आग लग गई है. तेज हवाओं और लंबे समय से पड़े सूखे की वजह से आग तेजी से फैल रही है. हालात पर काबू पाने के लिए करीब 2000 दमकलकर्मी, हेलीकॉप्टर और फायर फाइटिंग विमान लगाए गए हैं. कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
दक्षिणी फ्रांस के भूमध्यसागर के तटीय इलाकों में सूखी जमीन और तेज हवाओं ने जंगलों की आग को और भड़का दिया. कई जगहों पर धुएं का घना गुबार आसमान में फैल गया और आग रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई.
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स्पेन की सीमा के पास स्थित काने-एन-रूसियों में आग सबसे ज्यादा फैली. यहां एक मरीना में खड़ी यॉट और कई गोदाम आग की चपेट में आ गए. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 1500 लोगों को कैंपसाइट से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया, जबकि पास का पर्पिन्यां एयरपोर्ट अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया.

2000 दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे
फ्रांस में इस समय करीब 2000 दमकलकर्मी राहत और बचाव अभियान में लगे हैं. केवल काने-एन-रूसियों में आग बुझाने के लिए चार हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं. तीन कनाडेयर फायर फाइटिंग विमान तैयार रखे गए हैं.
फ्रांस के दूसरे सबसे बड़े शहर मार्सेई के बाहरी इलाकों में लगी दो आग पर काबू पा लिया गया है. हालांकि ऑड इलाके में लगी बड़ी आग अभी भी चुनौती बनी हुई है. यहां करीब 700 दमकलकर्मी लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं राहत कार्य में बाधा बन रही हैं.
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8700 हेक्टेयर जमीन जल चुकी, फिर बढ़ सकती है गर्मी
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने बताया कि इस साल अब तक देश में 8700 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन आग की चपेट में आ चुकी है. इनमें से 1200 हेक्टेयर इलाका बहुत तेजी से जला. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक आग एक औद्योगिक क्षेत्र के पास तक पहुंच गई है, जहां कई फैक्ट्रियों में ज्वलनशील और प्रदूषण फैलाने वाले पदार्थ रखे हुए हैं. इसलिए वहां ज्यादा सावधानी बरती जा रही है.

WMO ने पहले ही दी थी चेतावनी
वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन (WMO) ने पिछले सप्ताह चेतावनी दी थी कि लंबे समय तक रहने वाली भीषण गर्मी, कम नमी और सूखी वनस्पति जंगलों में आग लगने और उसके तेजी से फैलने का खतरा बढ़ा देती है. फ्रांस की मौसम एजेंसी ने भी अगले सप्ताह एक और भीषण हीटवेव आने की आशंका जताई है, जिससे जंगलों में आग का जोखिम और बढ़ सकता है.
स्वास्थ्य अधिकारियों का अनुमान है कि जून के आखिर में पड़ी रिकॉर्ड हीटवेव के दौरान फ्रांस में करीब 1000 अतिरिक्त लोगों की मौत हुई हो सकती है. फ्रांस में लगी जंगलों की आग यह दिखाती है कि भीषण गर्मी का असर सिर्फ बढ़ते तापमान तक सीमित नहीं रहता. जब सूखी जमीन, कम नमी और तेज हवाएं एक साथ मिलती हैं तो जंगलों में आग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. मौसम विभाग की नई चेतावनी के बीच फ्रांस में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.