scorecardresearch
 

'धरती जैसी दुनिया' मिली हमारे बेहद करीब! सिर्फ 25 प्रकाश वर्ष दूर है ये नया ग्रह

धरती से बेहद करीब मिली एक नई दुनिया ने वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा है. GJ 3378b नाम का यह ग्रह पृथ्वी से बड़ा है. अपने तारे से इतनी दूरी पर घूमता है जहां पानी के तरल होने की संभावना है.

Advertisement
X
ये है वो धरती जैसे ग्रह की नासा द्वारा बनाई गई काल्पनिक तस्वीर. (Photo: NASA)
ये है वो धरती जैसे ग्रह की नासा द्वारा बनाई गई काल्पनिक तस्वीर. (Photo: NASA)

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने सौरमंडल से करीब 25 प्रकाश वर्ष दूर एक नए ग्रह को खोजा है. इसका नाम GJ 3378b है. वैज्ञानिकों के मुताबिक यह ग्रह पृथ्वी से दोगुने से ज्यादा भारी है और इसकी सतह चट्टानी हो सकती है. खास बात यह है कि यह अपने तारे के हैबिटेबल जोन यानी उस इलाके में घूम रहा है, जहां सही तापमान होने पर पानी तरल रूप में रह सकता है. इसी वजह से वैज्ञानिक इस ग्रह को दूसरी दुनिया में जीवन की तलाश के लिए अहम मान रहे हैं. इसकी रिपोर्ट एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में छपी है. 

GJ 3378b एक छोटे और कूल रेड ड्वार्फ स्टार GJ 3378 के चारों ओर घूमता है. इसे अपने तारे से उतनी रोशनी मिलती है, जो धरती को सूरज से मिलने वाली रोशनी की करीब 90 फीसदी है. हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि इस ग्रह पर पानी या जीवन जरूर मौजूद है. नासा के वैज्ञानिकों को इसके बारे में और जानकारी जुटानी है. 

यह भी पढ़ें: जिसे बचाने भेजा था, उसी को नहीं बचा पाया LINK... नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप का रेस्क्यू मिशन फेल

पृथ्वी से कितना बड़ा है ये ग्रह?

GJ 3378b का मास पृथ्वी से थोड़ा ज्यादा 2 गुना है. ऐसे ग्रहों को वैज्ञानिक सुपर-अर्थ कहते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि ग्रह बिल्कुल पृथ्वी जैसा है. बस इसका आकार और वजन पृथ्वी से ज्यादा है. इस ग्रह की दूरी भी इसे खास बनाती है. GJ 3378b हमसे करीब 25 प्रकाश वर्ष दूर है. एक प्रकाश वर्ष वह दूरी है, जितनी दूरी रोशनी एक साल में तय करती है. अंतरिक्ष के हिसाब से 25 प्रकाश वर्ष की दूरी काफी करीब मानी जाती है. यह ग्रह उत्तरी आसमान में Camelopardalis नाम के तारामंडल की दिशा में है.

Advertisement

कैसे मिला GJ 3378b?

वैज्ञानिकों ने इस ग्रह को हॉबी-एबअर्ली टेलेस्कोप और WIYN टेलेस्कोप की मदद से खोजा. इसके लिए उन्होंने रेडियल वेलोसिटी नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया. इस तकनीक में ग्रह को सीधे देखने के बजाय उसके तारे में होने वाली बहुत हल्की हलचल को देखा जाता है. जब कोई ग्रह अपने तारे के चारों ओर घूमता है तो उसका गुरुत्वाकर्षण तारे को थोड़ा खींचता है. इससे तारे में हल्की डगमगाहट होती है. वैज्ञानिक इसी बदलाव को मापकर ग्रह के बारे में जानकारी जुटाते हैं.

यह भी पढ़ें: भारत जल्द टेस्ट करेगा 500 किलो का बंकर बस्टर बम, कांप उठेगा पाकिस्तान

रहने लायक इलाके में है ग्रह

GJ 3378b अपने तारे के हैबिटेबल जोन में है. इसे आसान भाषा में रहने लायक इलाका कहा जा सकता है. यहां तापमान सही होने पर पानी तरल रूप में रह सकता है. पानी जीवन के लिए जरूरी माना जाता है. इसलिए वैज्ञानिक ऐसे ग्रहों की खोज करते हैं जहां पानी के रहने की संभावना हो. लेकिन अभी यह पता नहीं है कि GJ 3378b पर सच में पानी है या नहीं.

क्या इस ग्रह पर जीवन है?

फिलहाल इसका कोई सबूत नहीं मिला है. वैज्ञानिकों को यह भी नहीं पता कि इस ग्रह के चारों ओर वातावरण है या नहीं. अगर वातावरण है तो उसमें कौन-सी गैसें हैं, यह भी अभी साफ नहीं है. आने वाले समय में ज्यादा ताकतवर अंतरिक्ष दूरबीनों से इस ग्रह के वातावरण की जांच की जा सकती है. अगर वहां पानी और जीवन के लिए सही हालात मिलते हैं, तो GJ 3378b भविष्य में जीवन की तलाश के लिए एक अहम ग्रह बन सकता है. अभी के लिए इतना ही कहा जा सकता है कि GJ 3378b एक संभावित रहने लायक ग्रह है, लेकिन वहां जीवन होने की पुष्टि नहीं हुई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement