अगस्त 2026 में देश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई, लेकिन पूरे भारत में बारिश सामान्य से 16.3% कम रही. मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी, पूर्व-मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में हुई तेज बारिश की बड़ी वजह लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस रहे. अगस्त में बंगाल की खाड़ी से 6 लो प्रेशर सिस्टम बने. इनमें से 2 आगे बढ़कर डिप्रेशन में बदल गए. इसके अलावा 8 पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव रहे.
अगस्त में लो प्रेशर सिस्टम सामान्य से ज्यादा दिनों तक एक्टिव रहे. पूरे महीने में ये सिस्टम 26 दिन तक एक्टिव रहे, जबकि आमतौर पर यह करीब 16.3 दिन रहते हैं. जुलाई में भी इनकी गतिविधि ज्यादा रही थी. जुलाई में 24 दिन तक लो प्रेशर सिस्टम एक्टिव रहे थे, जबकि सामान्य आंकड़ा 13.56 दिन का है. यानी जुलाई और अगस्त, दोनों महीनों में इन सिस्टम की वजह से बारिश का असर ज्यादा रहा.
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बंगाल की खाड़ी से आए लो प्रेशर सिस्टम
अगस्त में सबसे ज्यादा तेज बारिश पूर्वी, पूर्व-मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में हुई. बंगाल की खाड़ी से बने लो प्रेशर सिस्टम उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़े. IMD के मुताबिक, कई सिस्टम आगे बढ़ने के बजाय कुछ समय के लिए एक ही जगह पर रुक भी गए. मौसम बिभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि ऐसा पश्चिमी हवाओं और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से हुआ. इन दोनों के असर से लो प्रेशर सिस्टम की चाल बदली और उत्तर-पश्चिम भारत में कई जगह तेज बारिश हुई.
मॉनसून में भी दिखा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आमतौर पर सर्दियों में उत्तर-पश्चिम भारत में आते हैं. ये भूमध्यसागर के आसपास बनते हैं और भारत की तरफ बढ़ते हैं. इनकी वजह से पहाड़ों में बर्फ और मैदानी इलाकों में बारिश होती है. लेकिन पिछले कुछ सालों में मॉनसून के दौरान भी इनकी गतिविधि बढ़ी है. अगस्त 2026 में भी इसका असर दिखा. लो प्रेशर सिस्टम के साथ वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में कई जगह तेज बारिश हुई.

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भारी बारिश के बाद भी देश में बारिश कम
कई हिस्सों में तेज बारिश होने के बावजूद अगस्त में पूरे देश में बारिश सामान्य से 16.3% कम रही. 1 जून से 31 अगस्त तक पूरे मॉनसून सीजन में बारिश की कमी 13.8% रही. इस दौरान देश के करीब 47% जिलों में सामान्य से कम या बहुत कम बारिश हुई. उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त में बारिश सामान्य से 9.5% कम रही. मध्य भारत में जुलाई में सामान्य से 33% ज्यादा बारिश हुई थी, लेकिन अगस्त में यहां 16.2% कम बारिश हुई. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगस्त में बारिश 16.9% कम रही. जून से अगस्त तक इस क्षेत्र में बारिश की कमी 25.7% रही, जो देश के सभी हिस्सों में सबसे ज्यादा है.
दक्षिण भारत में भी बारिश की कमी
दक्षिण भारत में अगस्त में सामान्य से 27.1% कम बारिश हुई. जून से अगस्त तक इस क्षेत्र में बारिश की कमी 24.2% रही. राज्यों की बात करें तो आंध्र प्रदेश में 1 जून से 31 अगस्त के बीच सामान्य से 42% कम बारिश हुई. कर्नाटक में 23% और केरल में 21% कम बारिश दर्ज की गई. मेघालय में इस मॉनसून सीजन में सामान्य से 58% कम बारिश हुई, जो राज्यों में सबसे बड़ी कमी है. वहीं लद्दाख में सामान्य से 195% ज्यादा बारिश हुई.
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अगस्त में तापमान भी ज्यादा रहा
अगस्त सिर्फ बारिश के लिहाज से अलग नहीं रहा, तापमान भी ज्यादा रहा. देश का औसत अधिकतम तापमान 1901 के बाद अगस्त का चौथा सबसे ज्यादा रहा. वहीं औसत न्यूनतम तापमान पिछले 126 साल में सबसे ज्यादा दर्ज किया गया. यानी अगस्त में कुछ हिस्सों में तेज बारिश हुई, लेकिन देशभर में कुल बारिश कम रही और तापमान सामान्य से ऊपर रहा.