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Raksha Bandhan 2026: किस दिशा में बैठाकर भाई को बांधें राखी? दोगुना होगी रिश्तों की मिठास

रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पहली महत्वपूर्ण दिशा ईस्ट-नॉर्थ-ईस्ट यानी पूर्व-उत्तर-पूर्व है. यह दिशा जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और आपसी संबंधों को बेहतर बनाने से जुड़ी मानी जाती है. यदि संभव हो तो बहन और भाई ऐसी स्थिति में बैठ सकते हैं कि राखी बांधते समय यह दिशा अनुकूल रहे.

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राखी बांधते समय दिशाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है. (Photo: ITG)
राखी बांधते समय दिशाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है. (Photo: ITG)

आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है. यह भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आपसी सहयोग का पर्व है. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा का संकल्प लेता है. भारतीय परंपराओं में इस पर्व का विशेष महत्व है. वास्तु के अनुसार, राखी बांधते समय दिशाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है. सही दिशा का चयन सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के साथ भाई-बहन के संबंधों में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का काम करता है.

ईस्ट नॉर्थ-ईस्ट दिशा शुभ
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पहली महत्वपूर्ण दिशा ईस्ट-नॉर्थ-ईस्ट यानी पूर्व-उत्तर-पूर्व है. यह दिशा जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और आपसी संबंधों को बेहतर बनाने से जुड़ी मानी जाती है. यदि संभव हो तो बहन और भाई ऐसी स्थिति में बैठ सकते हैं कि राखी बांधते समय यह दिशा अनुकूल रहे.

इस दिशा से जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा भाई-बहन के बीच प्रेम और सहयोग की भावना को मजबूत करने में सहायक होती है. इससे रिश्ते में अपनापन बढ़ता है और छोटी-छोटी बातों को लेकर होने वाले मतभेदों को कम करने में मदद मिल सकती है. रक्षाबंधन जैसे भावनात्मक पर्व पर इस दिशा का चयन रिश्ते में मधुरता बढ़ाने वाला माना जाता है.

साउथ-वेस्ट दिशा भी दे सकती है लाभ
राखी बांधने के लिए दूसरी अच्छी दिशा साउथ-वेस्ट यानी दक्षिण-पश्चिम है. वास्तु में दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है. यह दिशा संबंधों में मजबूती, भरोसा और लंबे समय तक बने रहने वाली भावनात्मक स्थिरता का संकेत मानी जाती है. भाई-बहन का रिश्ता जीवनभर साथ रहने वाले रिश्तों में शामिल है. समय के साथ दोनों की जिम्मेदारियां और परिस्थितियां बदलती रहती हैं. लेकिन आपसी विश्वास और अपनापन बना रहना महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में दक्षिण-पश्चिम दिशा को रिश्ते में स्थायित्व बढ़ाने वाली दिशा माना जाता है.

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राखी बांधते समय रखें सकारात्मक भाव
वास्तु के साथ रक्षाबंधन में भावनाओं का भी विशेष महत्व है. राखी बांधते समय भाई-बहन के मन में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, स्नेह और शुभकामना का भाव होना चाहिए. इस अवसर पर परिवार के सदस्यों को आपसी मनमुटाव भूलकर प्रेम और सौहार्द के साथ पर्व मनाना चाहिए. घर का वातावरण भी शांत और सकारात्मक रखना शुभ माना जाता है. राखी बांधने के लिए स्थान चुनते समय स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए और पूजा की थाली को भी व्यवस्थित तरीके से तैयार करना चाहिए.

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