20 अगस्त को शनि का नक्षत्र परिवर्तन होने वाला है. इस दिन शनि बुध के स्वामित्व वाले रेवती नक्षत्र के पहले चरण में गोचर करने वाले हैं. शनि 9 अक्टूबर तक इसी स्थिति में रहेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि यह नक्षत्र परिवर्तन तीन राशियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. ज्योतिषविदों का कहना है कि रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में शनि की वक्री चाल तीन राशियों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है. कार्यक्षेत्र में आपको पहले की तुलना में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है. मेहनत के बावजूद मनचाहा परिणाम मिलने में देरी या रुकावट का सामना करना पड़ सकता है. आर्थिक मामलों में भी आपको सावधान रहने की जरूरत होगी. अचानक सामने आने वाले बड़े खर्च बजट को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा.
उपाय- शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर नियमित सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
कर्क राशि
20 अगस्त के बाद का समय थोड़ा संघर्षपूर्ण रह सकता है. नौकरी या कारोबार में अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद होने की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में बातचीत के दौरान संयम बनाए रखना जरूरी होगा. इस अवधि में नया निवेश करने से बचने की सलाह दी जा रही है. पैसों के लेन-देन में पारदर्शिता रखें और किसी भी आर्थिक फैसले को जल्दबाजी में न लें. स्वास्थ्य के मामले में भी छोटी-मोटी परेशानियां चिंता का कारण बन सकती हैं.
उपाय- गरीबों को काले कपड़े, जूते, छाता या अन्न का दान करें.
वृश्चिक राशि
अपने फैसलों में विशेष सावधानी रखनी होगी. इस अवधि में बनते हुए कामों में रुकावटें आने की स्थिति बन सकती है. किसी काम को पूरा करने में अपेक्षा से अधिक समय लग सकता है. विरोधियों से भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. गुप्त रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिशों से बचने के लिए जरूरी मामलों में सावधानी बरतें. कोर्ट-कचहरी या कानूनी विवाद से जुड़े मामलों में बिना पूरी जानकारी के फैसला लेने से बचना बेहतर होगा. लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है.
उपाय- शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का नियमित जाप करें.