12 दिवसीय गणेश उत्सव के भव्य और ऐतिहासिक समापन के बाद, मुंबई के गिरगांव चौपाटी और अन्य प्रमुख विसर्जन स्थलों पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा. शहर के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय बप्पा माने जाने वाले लालबागचा राजा और चिंचपोखलीचा चिंतामणि की मूर्तियों के विसर्जन के साथ ही इस साल के गणेशोत्सव का भावुक माहौल के बीच समापन हो गया.
अनंत चतुर्दशी से शुरू हुआ विसर्जन
उत्सव के अंतिम दिन यानी अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार सुबह से ही शहर भर में विसर्जन यात्राएं शुरू हो गई थीं, जो पूरी रात और शनिवार सुबह तक जारी रहीं. विसर्जन में 21 घंटे से भी अधिक समय तक लाखों की संख्या में भक्तों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया.
लालबागचा राजा की भव्य विदाई
प्रसिद्ध लालबागचा राजा की मूर्ति को शनिवार सुबह लगभग 10:50 बजे अरब सागर में विसर्जित किया गया. पारंपरिक पूजा और आरती संपन्न होने के बाद, बप्पा की मूर्ति को एक विशाल बार्ज पर रखा गया और स्थानीय मछुआरों व हजारों भक्तों की सुरक्षा और देखरेख में गहरे समुद्र के बीच ले जाया गया, जहां उनका अंतिम विसर्जन किया गया. इस धार्मिक और ऐतिहासिक पल के दौरान उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी भी विशेष रूप से मौजूद रहे.
अन्य प्रमुख मूर्तियों का विसर्जन
लालबागचा राजा के अलावा, अन्य प्रसिद्ध मूर्तियों के विसर्जन का सिलसिला भी सुबह से जारी रहा. सुबह करीब 10 बजे चिंचपोखलीचा चिंतामणि को विदा किया गया, जिसके बाद लगभग 11 बजे लालबाग के बाल गणेश मंडल की बल्लालेश्वर मूर्ति का भी विसर्जन किया गया. हालांकि मुख्य विसर्जन प्रक्रियाएं शनिवार दोपहर तक काफी हद तक पूरी हो चुकी थीं, लेकिन कुछ बड़ी मूर्तियां शहर के विभिन्न तटों पर विसर्जन की प्रतीक्षा में भी रहीं.
सुरक्षा और प्रशासन के कड़े इंतजाम
इस विशाल उत्सव और भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे. मुंबई पुलिस के 24,000 से अधिक जवानों के साथ-साथ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के 25,000 कर्मचारी, लाइफगार्ड, मेडिकल टीमें और भारी क्रेनें शहर के 67 प्राकृतिक और 383 कृत्रिम झीलों व विसर्जन स्थलों पर पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात थीं.
युद्ध स्तर पर सफाई अभियान
उत्सव के शांतिपूर्ण समापन के तुरंत बाद, बीएमसी के स्वच्छता कर्मचारियों ने विसर्जन स्थलों और मुख्य जुलूस मार्गों पर युद्ध स्तर पर सफाई अभियान शुरू कर दिया है, ताकि शहर को दोबारा पूरी तरह साफ-सुथरा बनाया जा सके.