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Guru Gochar 2026: सबसे बड़े ग्रह का गोचर, करवा चौथ के बाद इन 5 राशियों की खुलेगी किस्मत

देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर को कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. इस गोचर का असर शिक्षा, करियर, कारोबार, धन, विवाह और पारिवारिक जीवन से जुड़े मामलों पर देखा जा सकता है. कुछ राशियों के लिए तरक्की और आय बढ़ाने के अवसर बताए गए हैं. जबकि कुछ को खर्च, स्वास्थ्य और रिश्तों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

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31 अक्टूबर को बृहस्पति ग्रह का राशि परिवर्तन होने वाला है. (Photo: ITG)
31 अक्टूबर को बृहस्पति ग्रह का राशि परिवर्तन होने वाला है. (Photo: ITG)

29 अक्टूबर को करवा चौथ का त्योहार मनाया जाएगा. इसके बाद 31 अक्टूबर को सबसे बड़े ग्रह का राशि परिवर्तन होगा. इस दिन देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में गोचर करेंगे. ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, धन-संपत्ति और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है. ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र का कहना है कि यह गोचर सभी राशियों के लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आने वाला है. कुछ राशियों को जबरदस्त लाभ मिलेंगे. तो कुछ को चुनौतियों का संघर्ष करना पड़ेगा. आइए विस्तार से जानते हैं.

मेष राशि
मेष राशि से पांचवें भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. यह समय विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अनुकूल रह सकता है. शिक्षक, प्रोफेसर, गाइड और लाइफ कोच जैसे पेशेवरों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं. जिन लोगों के विवाह की बातचीत चल रही है, उनके लिए रिश्ते की बात आगे बढ़ने की संभावना बताई गई है. काम के सिलसिले में दूर स्थानों की यात्रा भी लाभदायक हो सकती है. कारोबार करने वालों को आय बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रखने चाहिए.

उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु को पीले फल का भोग लगाएं और गरीबों में प्रसाद बांटें.

वृषभ राशि
वृषभ राशि से चौथे भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. घर-परिवार में प्रेम बढ़ाने और संपत्ति से जुड़े लंबित काम पूरे करने के लिए यह समय अनुकूल हो सकता है. मकान खरीदने, घर में निर्माण कराने या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को प्रयास करने की सलाह दी गई है. निवेश और धन कमाने के मामलों में भी अवसर मिलने की संभावना बताई गई है. हालांकि, नौकरी और कारोबार में बेहतर नतीजों के लिए एकाग्रता के साथ काम करना जरूरी होगा. विद्यार्थियों को समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करने पर ध्यान देना चाहिए. रिसर्च से जुड़े लोगों को भी अपना काम समय पर पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए.

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उपाय: एकादशी का व्रत करें और प्रतिदिन भगवान विष्णु की आरती करें.

मिथुन राशि
मिथुन राशि से तीसरे भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. इसके प्रभाव से भाई-बहनों के साथ संबंध बेहतर होने और पुराने मतभेद दूर करने के अवसर मिलने की बात कही गई है. मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है. कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ने और आय के नए रास्ते खुलने की संभावना भी बताई गई है. जो लोग नौकरी बदलना चाहते हैं या कारोबार का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, वे अपनी कोशिशें आगे बढ़ा सकते हैं. हालांकि, किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचना चाहिए. बड़े फैसले लेने से पहले परिवार के सदस्यों की राय लेना बेहतर रहेगा.

उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु को पीली मिठाई का भोग लगाएं और जरूरतमंदों में प्रसाद बांटें.

कर्क राशि
कर्क राशि से दूसरे भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, धन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने और बचत बढ़ाने के लिए यह समय अवसर दे सकता है. शिक्षक, प्रोफेसर, कथावाचक और मार्केटिंग जैसे बोलने से जुड़े पेशों में काम करने वालों को लाभ मिल सकता है. मान-सम्मान बढ़ने की संभावना भी जताई गई है. इस दौरान आय के साथ बचत पर भी ध्यान देना जरूरी होगा. जरूरत से ज्यादा कर्ज लेकर काम करने से बचने की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य के मामले में खानपान पर ध्यान दें और आलस्य के कारण जरूरी काम न टालें.

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उपाय: प्रतिदिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें.

सिंह राशि
बृहस्पति सिंह राशि में ही प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस गोचर से सिंह राशि वालों को करियर, कारोबार और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों को भी सफलता मिलने की संभावना बताई गई है. जिनकी शादी की बातचीत चल रही है, उनके लिए रिश्ता तय होने के योग बताए गए हैं. संतान की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए भी इसे अनुकूल समय माना गया है. रिसर्च के काम में लगे लोगों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. हालांकि, नकारात्मक सोच से बचने और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी गई है. खानपान और वजन को लेकर लापरवाही न करें.

उपाय: एकादशी का व्रत करें और गुरुवार को भगवान विष्णु को पीले फल अर्पित करके प्रसाद बांटें.

कन्या राशि
कन्या राशि से बारहवें भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. इस दौरान गैरजरूरी खर्च बढ़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए बजट बनाकर चलने की सलाह दी गई है. धार्मिक गतिविधियों और तीर्थ यात्रा में रुचि बढ़ सकती है. विदेश जाने, वहां नौकरी तलाशने या विदेश से जुड़े कारोबार की योजना बना रहे लोगों को प्रयास तेज करने के लिए कहा गया है. किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी न करें. स्वास्थ्य और खानपान का ध्यान रखें. किसी से विवाद बढ़ने की स्थिति बने तो संयम बरतना बेहतर रहेगा. खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

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उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु को पीली मिठाई का भोग लगाकर गरीबों में प्रसाद बांटें.

तुला राशि
तुला राशि से ग्यारहवें भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं. कारोबार शुरू करने में आ रही बाधाएं दूर होने और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क बढ़ने की संभावना भी बताई गई है. जो लोग अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत बनाना चाहते हैं, वे इस दिशा में योजना बना सकते हैं. निवेश और संपत्ति खरीदने के मामलों में भी अवसर मिलने की बात कही गई है. हालांकि, किसी विवाद में पड़ने और व्यवहार में अहंकार लाने से बचना चाहिए. विनम्रता से बातचीत करना फायदेमंद रहेगा.

उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु को पीले फल अर्पित करें और गरीबों में प्रसाद बांटें.

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि से दसवें भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. इसे करियर और कारोबार के लिए अनुकूल बताया गया है. नौकरी में प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं. कारोबार करने वालों को अपनी स्थिति मजबूत करने और विद्यार्थियों को पढ़ाई में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. परिवार का सहयोग मिलने और आय बढ़ाने के अवसर बनने की संभावना भी जताई गई है. विवाह की कोशिश कर रहे लोगों के लिए रिश्ते की बात आगे बढ़ सकती है. इस दौरान वाणी में विनम्रता और व्यवहार में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा.

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उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें. पीली मिठाई का भोग लगाकर जरूरतमंदों में प्रसाद बांटें.

धनु राशि
धनु राशि से नौवें भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. धनु राशि का स्वामी भी बृहस्पति माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यह गोचर उच्च शिक्षा, करियर और धार्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल रह सकता है. एमफिल, पीएचडी या अन्य उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता के अवसर मिल सकते हैं. नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जारी रखने की सलाह दी गई है. तीर्थ यात्रा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है. बड़े फैसले लेते समय परिवार के सदस्यों की राय सुनना और समय का सही इस्तेमाल करना जरूरी होगा.

उपाय: प्रतिदिन भगवान विष्णु की आरती करें.

मकर राशि
मकर राशि से आठवें भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. रिसर्च, ज्योतिष या किसी विशेष प्रशिक्षण से जुड़े लोगों के लिए यह समय उपयोगी हो सकता है. विदेश जाने, वहां नौकरी करने या आयात-निर्यात का कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों को भी प्रयास जारी रखने की सलाह दी गई है. रिश्तेदारों के साथ पुराने मतभेद दूर करने की कोशिश करें. बातचीत में कठोर शब्दों का इस्तेमाल करने से बचें. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और यदि नियमित दवाइयां लेते हैं तो उन्हें समय पर लेने का ध्यान रखें.

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उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु को पीले फल अर्पित करें और गरीबों में प्रसाद बांटें.

कुंभ राशि
कुंभ राशि से सातवें भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. इस दौरान आत्मविश्वास और सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी की संभावना बताई गई है. अविवाहित लोगों के विवाह की बातचीत आगे बढ़ सकती है. वैवाहिक जीवन में पहले से चल रही परेशानियों को दूर करने की कोशिश भी सफल हो सकती है. हालांकि, साझेदारी के कारोबार में अहंकार के टकराव से बचना जरूरी होगा. जीवनसाथी के साथ संवाद बनाए रखें और नकारात्मक सोच को रिश्तों पर हावी न होने दें. स्वास्थ्य के लिए खानपान पर ध्यान देने और ज्यादा तैलीय भोजन से बचने की सलाह दी गई है.

उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें.

मीन राशि
मीन राशि से छठे भाव में बृहस्पति का गोचर होगा. नौकरी और कारोबार में मेहनत करने वालों को लाभ मिल सकता है. अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए विनम्र व्यवहार अपनाना और काम में सक्रिय रहना जरूरी होगा. धार्मिक गतिविधियों और तीर्थ यात्रा में रुचि बढ़ सकती है. इस राशि के लोगों को स्वास्थ्य और खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है. नियमित दवाइयां समय पर लें और ज्यादा कर्ज लेकर काम करने से बचें. बड़े फैसले लेने से पहले परिवार से सलाह लेना बेहतर रहेगा. किसी के साथ बेवजह विवाद बढ़ाने से भी बचना चाहिए.

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उपाय: प्रतिदिन भगवान विष्णु की आरती करें और तुलसी की माला से 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें. गुरुवार को पीले फल का भोग लगाकर प्रसाद बांटें.

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