Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. खास बात यह है कि इस बार चंद्र ग्रहण रक्षाबंधन के दिन पड़ रहा है. यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसके समय और धार्मिक मान्यताओं को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है. मान्यता है कि ग्रहण के बाद स्नान, पूजा और दान-पुण्य करना शुभ होता है. ऐसे में जानें चंद्र ग्रहण कितने बजे शुरू होगा, कब खत्म होगा और ग्रहण के बाद किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है.
चंद्र ग्रहण 2026 कितने बजे लगेगा?
28 अगस्त को चंद्र ग्रहण की उपछाया अवस्था सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होगी. इसके बाद आंशिक चंद्र ग्रहण सुबह 8 बजकर 3 मिनट पर शुरू होगा. ग्रहण का चरम सुबह करीब 9 बजकर 43 मिनट पर होगा. इसके बाद आंशिक ग्रहण सुबह 11 बजकर 21 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. वहीं ग्रहण की उपछाया अवस्था दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी.
चंद्र ग्रहण की पूरी टाइमिंग
उपछाया ग्रहण शुरू: सुबह 6:53 बजे
आंशिक चंद्र ग्रहण शुरू: सुबह 8:03 बजे
ग्रहण का चरम: सुबह 9:43 बजे
आंशिक ग्रहण समाप्त: सुबह 11:21 बजे
उपछाया ग्रहण समाप्त: दोपहर 12:31 बजे
क्या भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
28 अगस्त का यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा. ग्रहण का मुख्य चरण उन क्षेत्रों में देखा जा सकेगा जहां उस समय चंद्रमा क्षितिज के ऊपर होगा. भारत में यह दिन के समय पड़ने के कारण दिखाई नहीं देगा.
क्या भारत में लगेगा सूतक काल?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल आमतौर पर दिखाई देने वाले ग्रहण से जुड़ा माना जाता है. चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए कई पंचांग और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा. हालांकि, कुछ लोग अपनी पारिवारिक या क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार ग्रहण से जुड़े नियमों का पालन कर सकते हैं.
ग्रहण के बाद क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके साफ कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. इसके बाद घर के पूजा स्थल की सफाई कर दीपक जलाकर भगवान की पूजा करें. ग्रहण के बाद दान-पुण्य करने की भी परंपरा है.
1. चावल का दान
ज्योतिषीय मान्यताओं में चावल और अन्य सफेद वस्तुओं का संबंध चंद्रमा से माना जाता है. इसलिए ग्रहण के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को चावल का दान करना शुभ माना जाता है. अपनी क्षमता के अनुसार चावल या अन्य अन्न का दान किया जा सकता है.
2. दूध का दान
दूध को भी चंद्रमा से संबंधित वस्तु माना जाता है. ग्रहण के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को दूध या दूध से बनी खाद्य सामग्री देना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है.
3. सफेद वस्त्र दान करें
सफेद रंग को चंद्रमा से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में ग्रहण के बाद साफ उपयोग के योग्य सफेद कपड़े किसी जरूरतमंद को दान किए जा सकते हैं.
4. चीनी का दान
चीनी भी सफेद वस्तुओं में शामिल है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के बाद चीनी का दान करना शुभ माना जाता है. इसे चंद्रमा से जुड़े उपायों में शामिल किया जाता है.
5. अन्न का दान
ग्रहण के बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन या राशन देना भी पुण्यकारी माना जाता है. आप अपनी क्षमता के अनुसार आटा, चावल, दाल या अन्य खाद्य सामग्री दान कर सकते हैं.
6. जरूरतमंदों की मदद करें
ग्रहण के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, कपड़े या जरूरी सामान देना धार्मिक मान्यता के साथ-साथ मानवीय दृष्टि से भी अच्छा कार्य है. दान हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार और बिना किसी दिखावे के करना बेहतर माना जाता है.
ग्रहण के बाद रखें इन बातों का ध्यान
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और पूजा करने की परंपरा है. घर की साफ-सफाई करने के बाद पूजा स्थल पर दीपक जला सकते हैं. इसके बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या अन्य जरूरी चीजों का दान किया जा सकता है.