scorecardresearch
 

अनंत अंबानी ने तिरुपति में दान किए बाल, जानें इस अनोखी परंपरा का महत्व

उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने रविवार को आंध्र प्रदेश स्थित तिरुमला तिरुपति मंदिर में अपने केश दान किए हैं. तिरुमला में बाल दान करना वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है. अनंत की इस यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं.

Advertisement
X
आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुमला तिरुपति बालाजी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है. (Photo: ITG)
आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुमला तिरुपति बालाजी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है. (Photo: ITG)

देश के जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी एक बार फिर अपनी आस्था के चलते सुर्खियों में आ गए हैं. अनंत ने रविवार को आंध्र प्रदेश स्थित तिरुमला तिरुपति मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए. इतना ही नहीं, अनंत ने सालों पुरानी परंपरा निभाते हुए यहां अपने केश भी दान किए. तिरुमला में केश दान करना वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है. केश दान करने के बाद सोशल मीडिया पर अनंत की इस यात्रा से जुड़ी तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं.

तिरुपति में क्यों दान किए जाते हैं बाल?
तिरुमला में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु समान भाव से भगवान वेंकटेश्वर के चरणों में शीश झुकाते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेते हैं. यहां बहुत से लोग अपना मुंडवाकर बाल दान भी करते हैं. श्रद्धालु इसे ईश्वर के प्रति समर्पण, कृतज्ञता और विनम्रता का प्रतीक मानते हैं. कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी मनोकामना पूरी होने या किसी विशेष संकल्प के तहत अपने बाल भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं. तिरुमला में यह परंपरा हजारों साल पुरानी बताई जाती है.

anant ambani
अनंत अंबानी

कौन हैं भगवान वेंकटेश्वर?
आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुमला तिरुपति बालाजी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है. तिरुमला की पहाड़ियों पर बने इस भव्य मंदिर में सालभर भक्त का तांता लगा रहता है. यहां देश-दुनिया से लोग दर्शन करने आते हैं. यहां विराजमान भगवान वेंकटेश्वर को बालाजी और श्रीनिवास के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान वेंकटेश्वर भगवान विष्णु के अवतार हैं. श्रद्धापूर्वक उनके दर्शन और पूजा-अर्चना से व्यक्ति के पापों का प्रायश्चित होता है. मान्यता है कि यह वही जगह है जहां भगवान विष्णु ने मानव जाति के कल्याण के लिए वेंकटेश्वर का अवतार धारण किया था.

Advertisement
anant ambani
अनंत अंबानी

भक्ति मार्ग पर अनंत
अनंत अंबानी अपनी धार्मिक यात्राओं, दान-पुण्य और अनुष्ठानों की वजह से काफी लोकप्रिय रहते हैं. इस साल 10 अप्रैल को अपने जन्मदिन से पहले अनंत ने पत्नी राधिका के साथ नवी मुंबई के नेरुल स्थित कृष्ण काली मंदिर के दर्शन किए थे. कृष्ण काली मंदिर में विधिवत पूजा के बाद अनंत और राधिका ने दिल खोलकर दान-पुण्य भी किया थी. दोनों ने अपने हाथ से गरीब और जरूरतमंद लोगों को चीजें बांटी थी. इसके बाद अप्रैल के महीने में ही अनंत ने अपने पिता मुकेश अंबानी के साथ नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का दुग्धाभिषेक किया था. इस दौरान उन्होंने भगवान द्वारकाधीश के दरबार में भी अर्जी लगाई थी.

पिछले साल 2025 में भी अनंत ने अपने जन्मदिन से ठीक पहले पदयात्रा की थी. अनंत की यह पदयात्रा 29 मार्च 2025 से शुरू होकर 6 अप्रैल 2025 तक चली थी. इस दौरान उन्होंने जामनगर से द्वारकाधीश मंदिर की 140 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर तय की थी. इस दौरान उन्होंने बताया था कि वो रोजाना 10 से 12 किलोमीटर की दूरी तय करते थे. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement