तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर
श्री वेंकटेश्वर स्वामी वारी मंदिर (Venkateswara Temple) भारत के आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के चित्तूर (Chittoor District) जिले के तिरुपति (Tirupati) के पहाड़ी शहर तिरुमाला (Tirumala) में स्थित एक हिंदू मंदिर (Hindu Temple) है. यह मंदिर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के एक रूप वेंकटेश्वर को समर्पित है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे कलियुग (Kali Yuga) की परेशानियों से मानव जाति को बचाने के लिए यहां प्रकट हुए थे. इसलिए इस स्थान को कलियुग वैकुंठ (Kaliyuga Vaikuntha) भी कहा जाता है और यहां के भगवान को कलियुग प्रथ्याक्ष दैवम कहा जाता है. इस मंदिर को तिरुमाला मंदिर, तिरुपति मंदिर, तिरुपति बालाजी मंदिर जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है. यह मंदिर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) निकाय द्वारा चलाया जाता है जो आंध्र प्रदेश सरकार के नियंत्रण में है. टीटीडी के प्रमुख की नियुक्ति आंध्र प्रदेश सरकार करती है. इस मंदिर के राजस्व का उपयोग आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है.
इस मंदिर का निर्माण द्रविड़ वास्तुकला (Dravidian Architecture) में किया गया है और माना जाता है कि इसका निर्माण 300 ईस्वी के आसपास हुआ था. मंदिर में स्थित गर्भगृह को आनंद निलयम कहा जाता है. पीठासीन देवता, वेंकटेश्वर, खड़े मुद्रा में हैं और गर्भगृह में पूर्व की ओर मुख किए हुए हैं. यहां पूजा की वैखानस आगम परंपरा का पालन किया जाता है. यह मंदिर आठ विष्णु स्वयंभू क्षेत्रों में से एक है और इसे 75वें दिव्य देशम (75th Divya Desam) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.
यह प्राप्त दान और धन के मामले में दुनिया का सबसे अमीर मंदिर (Richest Temple of the World) है. मंदिर में प्रतिदिन लगभग 50,000 से 1,00,000 तीर्थयात्री (Pilgrims) आते हैं, जबकि विशेष अवसरों और त्योहारों पर तीर्थयात्रियों की संख्या 5,00,000 तक पहुंच जाती है. वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए वार्षिक बजट (Annual Budget) 2,938 करोड़ रुपये रखा गया है. वहीं 2020-21 में, इस मंदिर की वार्षिक आय (Annual Income) 15 अरब रूपए के आसपास रही.
टीम इंडिया के खिलाड़ी हार्दिक पंड्या ने तिरुपति मंदिर में सिर मुंडवाकर सालों पुरानी परंपरा को निभाया है. कुछ दिन पहले ही इस मंदिर में अनंत अंबानी ने भी बाल दान किए थे. आइए आपको बताते हैं कि आखिर इस मंदिर में बाल क्यों दान किए जाते हैं और इसके पीछे की कथा क्या है.
आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में नई डोनर पॉलिसी लागू होने से पहले 24 घंटे में 96.98 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड दान मिला। नई पॉलिसी के तहत दानदाताओं को मिलने वाली सुविधाएं अब आजीवन नहीं रहेंगी, बल्कि सीमित अवधि के लिए होंगी।
इन दिनों अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और चंदा सिस्टम का मामला चर्चा में है. इसी कड़ी में जानते हैं कि देश के सबसे धनी मंदिर माने जाने वाले तिरुपति बाला जी में आने वाले चढ़ावे, आभूषणों और सोने का क्या होता है? इनका प्रबंधन किस तरह से होता है? हर साल मंदिर में दान और चढ़ावे के तौर पर आने वाले सोने का मंदिर प्रबंधन क्या करती है?
उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने रविवार को आंध्र प्रदेश स्थित तिरुमला तिरुपति मंदिर में अपने केश दान किए हैं. तिरुमला में बाल दान करना वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है. अनंत की इस यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं.
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने श्रीवारी लड्डू प्रसादम के लिए गाय के घी की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई नीतियां लागू की हैं. 2024 से पहले श्रद्धालुओं की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, TTD ने घी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संग्रह सीमा घटाई, GPS लॉक सिस्टम अनिवार्य किया और कड़े मानक लागू किए.
शादी की चर्चा के बीच धनुष तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पहुंचे. धनुष के साथ उनके दोनों बेटे यात्रा और लिंगा भी थे.
NSE CEO आशीष चौहान ने परिवार के साथ तिरुपति यात्रा (Tirupati Visit) के दौरान की तस्वीरें शेयर करते हुए NSE IPO के बारे में बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि इसे जल्द SEBI की मंजूरी मिले का संकेत मिला है.
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में 2015 से 2025 तक नकली सिल्क दुपट्टे सप्लाई किए गए, जिससे 54 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. जांच में पता चला है कि ठेकेदार ने पॉलिएस्टर के दुपट्टों सिल्क का बताकर सप्लाई की थी जो दो अलग-अलग लैब में जांच के बाद फर्जी पाए गए. अब इस मामले की जांच ACB को सौंप दी गई है.
तिरुपति मंदिर में मिलावटी लड्डू घोटाले के बाद एक नया सिल्क दुपट्टा घोटाला सामने आया है. विजिलेंस अधिकारियों ने जांच के बाद खुलासा किया कि 2015 से 2025 के बीच नकली सिल्क दुपट्टे सप्लाई किए गए। बिल में इन्हें 100% पॉलिएस्टर और सिल्क मिक्स बताया गया था लेकिन सेंट्रल सिल्क बोर्ड मैसूर की लैब ने पुष्टि की कि ये दुपट्टे असली सिल्क नहीं बल्कि पॉलिएस्टर के थे.
तिरुपति तिरुमला मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में बीफ फैट, फिश ऑयल और एनिमल टैलो जैसी मिलावट की जानकारी सामने आई है, जो श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचा रही है. तिरुपति लड्डू का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व सदियों पुराना है.
तिरुपति तिरुमला देवस्थानम के प्रमुख प्रसाद लड्डू में मिलावट की खबर ने भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है. भगवान वेंकटेश के भोग के रूप में प्रसिद्ध यह लड्डू श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. लड्डू गोपाल की लोककथाएं और इतिहास इसे विशेष महत्व देते हैं.
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् को नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 तक विभिन्न ट्रस्टों में कुल 918 करोड़ रुपये का दान मिला है. इस अवधि के दौरान ऑनलाइन दान में तेजी देखी गई है.
Supreme Court ने Tirupati Venkateswara Balaji Temple में सिर्फ देसी गाय के दूध से पूजन-प्रसाद की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति बालाजी मंदिर में सिर्फ देसी गायों के दूध के इस्तेमाल की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की छूट जरूर दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इससे भी महत्वपूर्ण मामले अदालत में पेंडिंग हैं.
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम लड्डू घी मिलावट मामले में आरोपी डेयरियों के निदेशकों की जमानत का विरोध किया तथा धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में करोड़ों रुपये की साजिश, मुखौटा कंपनियों के इस्तेमाल और गवाहों को धमकाने का आरोप लगाया.
तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बेंगलुरु के तीन श्रद्धालुओं ने चांदी के चार विशाल दीपक भेंट किए. इसी के साथ-साथ मंदिर के कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 555 हेलमेट भी वितरित किए गए.
वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर में एक विवाद तब उभरा जब कुछ श्रद्धालु चप्पल पहनकर महा द्वारम तक पहुंचे, जिसके कारण धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. इस पर वाईएसआरसीपी ने टीटीडी प्रबंधन को दोषी ठहराया और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने घी आपूर्ति की प्रक्रिया में गंभीर उल्लंघन पाए, जिसके बाद इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया गया. SIT ने आरोप लगाया कि वैश्वानी डेयरी ने एआर डेयरी के नाम पर टेंडर लिए थे और वे टेंडर प्रक्रिया में छेड़छाड़ करने में शामिल थे.
सीबीआई के नेतृत्व में प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू में कथित मिलावट के मामले की जांच कर रही SIT ने रविवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए लोगों में रुड़की में भोले बाबा डेयरी के पूर्व निदेशक बिपिन जैन, पोमिल जैन, वैष्णवी डेयरी के सीईओ अपूर्व विनय कांत चावड़ा और एआर डेयरी के एमडी राजू राजशेखरन शामिल हैं. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को सुबह अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
Tirupati Stampede: तिरुपति में हुई भगदड़ में 6 लोगों की जान चली गई. 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है. इस बीच भगदड़ में जान गंवाने वाली एक महिला के पति ने हादसे की पूरी कहानी बताई है.
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