नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. देशभर में पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में जन्मे प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेताओं में शामिल हैं. उन्होंने कर्नाटक यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड केएस आर्ट्स कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट्स(बीए) की पढ़ाई पूरी की.राजनीति में आने से पहले उन्होंने कारोबार और सामाजिक क्षेत्र में भी काम किया.
प्रह्लाद जोशी 2004 से कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने 2004 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार बीएस पाटिल को हराकर जीत दर्ज की. वह 2014 से 2016 तक कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
आरएसएस से रहा है नाता
प्रह्लाद जोशी अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े रहे. 1992 से 1994 के बीच हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के आंदोलन के बाद वह चर्चा में आए. उन्होंने 'कश्मीर बचाओ आंदोलन' का भी नेतृत्व किया था.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार में प्रह्लाद जोशी ने 30 मई 2019 को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी. उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी. अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है.