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कुवैत-कनाडा-चीन, दुनिया के 19 देशों की करेंसी और 31 करोड़ का चढ़ावा... सांवलिया सेठ के दरबार की कहानी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में इस बार कुल चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख रुपये से ज्यादा रहा. पांच चरणों में मंदिर के भंडार की नकदी गिनी गई. मंदिर को करीब 1.4 करोड़ रुपये कीमत का सोना, लगभग 2 करोड़ रुपये कीमत की चांदी और 19 देशों की विदेशी करेंसी भी मिली.

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सांवलिया सेठ के भंडार में निकली 19 देशों की करेंसी. (Photo: ITG)
सांवलिया सेठ के भंडार में निकली 19 देशों की करेंसी. (Photo: ITG)

राजस्थान का चित्तौड़गढ़... श्रीसांवलिया सेठ का धाम... यहां भगवान कृष्ण को सांवलिया सेठ के रूप में पूजा जाता है. भक्त अपनी श्रद्धा के मुताबिक उनके दरबार में भेंट चढ़ाते हैं. कोई नकदी लेकर पहुंचता है, कोई सोना-चांदी अर्पित करता है और कोई ऑनलाइन दान देता है. इस बार मंदिर के भंडार की गिनती पूरी हुई, तो आंकड़ा 31 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया.

कुल चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार 129 रुपये रहा. इसमें सिर्फ दानपेटी में मिली नकदी शामिल नहीं है, बल्कि भेंटकक्ष, मनीऑर्डर और ऑनलाइन माध्यमों से मिले दान का हिसाब भी जोड़ा गया है. इस बार की कहानी में एक दिलचस्प बात और है. सांवलिया सेठ के दरबार में भारत के अलावा 19 देशों की करेंसी भी पहुंची. कुवैत, कतर, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और सिंगापुर जैसे देशों की मुद्रा इसमें शामिल है.

इसके अलावा मंदिर को करीब 930 ग्राम सोना और 92 किलो से ज्यादा चांदी भी भेंट में मिली. तो आइए, समझते हैं कि सांवलिया सेठ के भंडार में इस बार कितना चढ़ावा आया, उसकी गिनती कैसे हुई और विदेशी मुद्रा से लेकर सोने-चांदी तक की भेंट का पूरा हिसाब क्या है.

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31 करोड़ रुपये से ज्यादा का चढ़ावा आया

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चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान के प्रसिद्ध कृष्ण धामों में शामिल है. यहां हर महीने भंडार खोलकर उसमें जमा चढ़ावे की गिनती की जाती है. इस बार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर भंडार खोला गया था. गिनती पांच चरणों में पूरी हुई. मंदिर मंडल की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, भंडार की नकदी से 23 करोड़ 58 लाख 44 हजार 818 रुपये प्राप्त हुए.

वहीं, भेंटकक्ष, मनीऑर्डर और ऑनलाइन दान समेत सभी माध्यमों से मिला कुल चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार 129 रुपये रहा. यहां एक बात समझना जरूरी है. 31 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम केवल दानपेटी से नहीं मिली. इसमें मंदिर को दूसरे माध्यमों से मिली भेंट भी शामिल है. इसलिए भंडार की नकदी और कुल चढ़ावे के आंकड़े अलग-अलग हैं.

Sanwaliya Seth Temple Receives Rs 31 Crore Donations Currency from 19 Countries

पांच चरणों में गिनी गई रकम

मंदिर के भंडार में जमा नकदी की गिनती पांच चरणों में की गई. हर चरण के बाद रकम का हिसाब तैयार किया गया. पहले चरण में 9 करोड़ 35 लाख 65 हजार 100 रुपये मिले. दूसरे चरण में 5 करोड़ 94 लाख 35 हजार रुपये की गिनती हुई. तीसरे चरण में 6 करोड़ 10 लाख 12 हजार रुपये प्राप्त हुए.

चौथे चरण में 1 करोड़ 74 लाख 10 हजार रुपये गिने गए. पांचवें और अंतिम चरण में 44 लाख 22 हजार 718 रुपये की गिनती हुई. इस तरह पांच चरणों के बाद भंडार में मिले कैश की गिनती पूरी हुई. इसके बाद मंदिर मंडल ने कुल चढ़ावे के अंतिम आंकड़े जारी किए.

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यह भी पढ़ें: मन्नत पूरी हुई तो किसी ने चढ़ाया 300 ग्राम का सोने का हार, किसी ने मुकुट... गुरुपूर्णिमा पर साईं दरबार में 1.70 करोड़ का चढ़ावा

अब नकदी के अलावा मंदिर में सोने और चांदी के रूप में मिली भेंट पर भी नजर डालिए. सांवलिया सेठ के दरबार में इस बार भक्तों ने सोना और चांदी भी चढ़ाई. मंदिर मंडल के मुताबिक, भंडार और भेंटकक्ष से कुल 930 ग्राम 100 मिलीग्राम सोना मिला. इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये बताई गई है. 

Sanwaliya Seth Temple Receives Rs 31 Crore Donations Currency from 19 Countries

इसके अलावा 92 किलो 242 ग्राम 320 मिलीग्राम चांदी भी मिली. इसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है. यानी सोना-चांदी के रूप में भी चढ़ावा आया है. हालांकि, इनकी कीमतें अनुमानित हैं. बाजार भाव में बदलाव के साथ इनका मूल्य भी बदल सकता है.

कुवैत से कनाडा तक, 19 देशों की करेंसी

अब आते हैं इस कहानी के खास हिस्से पर. सांवलिया सेठ के दरबार में 19 देशों की विदेशी मुद्रा भी मिली है. इनमें कुवैत, कतर, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, भूटान, कनाडा, थाईलैंड, नेपाल, जॉर्डन, रवांडा, दक्षिण कोरिया, जॉर्जिया, घाना, इंग्लैंड, ओमान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और चीन जैसे देशों की मुद्राएं शामिल हैं. इन विदेशी मुद्राओं का भारतीय रुपये में अनुमानित मूल्य करीब 2 लाख 15 हजार 700 रुपये है.

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Sanwaliya Seth Temple Receives Rs 31 Crore Donations Currency from 19 Countries

यहां सवाल उठ सकता है कि मंदिर में इतनी अलग-अलग देशों की करेंसी पहुंचती कैसे है? श्रद्धालु विदेश से लौटते समय अपने पास बची विदेशी मुद्रा भेंट कर सकते हैं, या फिर विदेशों से जुड़े भक्त इसे चढ़ावे के रूप में दे सकते हैं. मंदिरों में भक्तों की ओर से चढ़ाई गई रकम और दूसरी भेंट का हिसाब रखने के लिए भंडार की गिनती की जाती है.

श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में भी यह प्रक्रिया नियमित रूप से होती है. गिनती पूरी होने के बाद रकम का हिसाब तैयार किया जाता है और मंदिर मंडल की ओर से आंकड़े जारी किए जाते हैं. आज दान सिर्फ नकदी या दानपेटी तक सीमित नहीं है. कई मंदिरों में भक्त ऑनलाइन माध्यमों से भी भेंट भेजते हैं. सांवलिया सेठ मंदिर के इस बार के कुल चढ़ावे में भी ऑनलाइन दान और दूसरे माध्यमों से मिली रकम शामिल है.

Sanwaliya Seth Temple Receives Rs 31 Crore Donations Currency from 19 Countries

सांवलिया सेठ के दरबार में इस बार कुल चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार 129 रुपये रहा. नकदी की गिनती पांच चरणों में पूरी हुई. करीब 930 ग्राम सोना और 92 किलो से ज्यादा चांदी मिली. इसके साथ 19 देशों की विदेशी मुद्रा भी भेंट में आई, जिसका अनुमानित मूल्य करीब 2 लाख 15 हजार 700 रुपये बताया गया है.

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