'आजतक पंचायत राजस्थान' के कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिरकत की और अपनी सरकार के ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. इस दौरान उन्होंने सभी सवालों का बेबाकी से जवाब दिया और राज्य के विकास के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा रखा.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल को विकास के रोडमैप पर आगे बढ़ने वाला दौर बताया है., प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि राजस्थान में उनकी सरकार ने पिछले ढाई साल में विकास के लिए लगातार काम किया है,
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार घोषणा पत्र के करीब 78 प्रतिशत वादे पूरे कर चुकी है. हालांकि, इस दौरान उनसे यह भी पूछा गया कि घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने का आकलन किस आधार पर किया गया है.
भजनलाल ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया
भजनलाल शर्मा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई, तब राजस्थान की स्थिति एक खंडहर मकान जैसी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में किसानों के साथ कुठाराघात हुआ, युवाओं के सपने टूटे और भ्रष्टाचार का माहौल रहा.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद राजस्थान की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास का रोडमैप तैयार किया और जनता के विश्वास के आधार पर काम शुरू किया. उन्होंने कहा कि राजस्थान की सबसे बड़ी जरूरत पानी की थी। इसके लिए केंद्र सरकार के सहयोग से अंतरराज्यीय समझौतों को आगे बढ़ाया गया.
भजनलाल शर्मा ने दावा किया कि दशकों से अटकी परियोजनाओं को गति मिली है और इनमें से चार अंतरराज्यीय समझौते राजस्थान से संबंधित हैं. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है या उन्हें शुरू किया जाना ह. उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया.
राजस्थान में विरोध प्रदर्शनों पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
सरकार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों और विपक्ष की आलोचना को लेकर पूछे गए सवाल पर भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं और जनता पर भरोसा है. उन्होंने भाजपा की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता साल के 365 दिन जनता के बीच रहते हैं और लोगों के सुख-दुख में भागीदारी निभाते हैं.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा जनता को सर्वोपरि मानकर काम करती है और चुनावों में पार्टी को मिलने वाला समर्थन कार्यकर्ताओं की मेहनत तथा जनता के विश्वास का परिणाम है. मुख्यमंत्री ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष वही है जिसे जनता ने नकार दिया है., उनके मुताबिक, भाजपा को जनता का समर्थन प्राप्त है और सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता का आशीर्वाद सबसे महत्वपूर्ण है.
निकाय चुनावों में रोड शो को बताया जनता से जुड़ाव का हिस्सा
निकाय चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री के शहर-शहर रोड शो करने को लेकर भी सवाल पूछा गया. इस पर भजनलाल शर्मा ने कहा कि विपक्ष क्या कहता है, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने दोहराया कि भाजपा का भरोसा अपने कार्यकर्ताओं और जनता पर है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जनता के बीच रहकर काम करना ही पार्टी की ताकत है.
भजनलाल शर्मा के इन बयानों से साफ है कि सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल को विकास, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण के कामों के आधार पर पेश कर रही है.वहीं, घोषणा पत्र के 78 प्रतिशत वादे पूरे होने के दावे और सरकार की उपलब्धियों का वास्तविक आकलन इस बात पर निर्भर करेगा कि इन वादों की सूची, उन्हें पूरा करने के मानदंड और संबंधित योजनाओं की प्रगति के आंकड़े किस तरह सामने रखे जाते हैं.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निकाय चुनावों में परिसीमन को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने परिसीमन नियमों के अनुसार और जनसंख्या के आधार पर किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आपत्तियों पर उन्होंने कहा, “दर्द जनता देती है, कोई नहीं देता है।” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा को जनता के बीच किए गए कामों के आधार पर समर्थन मिल रहा है.
राजस्थान के परिसीमन पर बोले भजनलाल शर्मा
भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले और दूसरे साल में जनता के बीच जाकर कामकाज का हिसाब दिया है। उन्होंने विधानसभा में पेश किए गए ‘दो साल बनाम पांच साल’ के प्रतिवेदन का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसमें कई क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार के पांच साल के कामकाज की तुलना में भाजपा सरकार के दो साल के काम तीन गुना से लेकर 28 गुना तक अधिक बताए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने आज तक इस प्रतिवेदन का जवाब नहीं दिया है।
परिसीमन में भाजपा समर्थित क्षेत्रों को फायदा पहुंचाने के कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने परिसीमन के रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान तीन नगर परिषदों को छह में बदल दिया गया था। निकाय चुनावों में वोट प्रतिशत और सीटों के अंतर को लेकर उठाए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल उन जगहों की चर्चा करना उचित नहीं है, जहां भाजपा को हार मिली. उन्होंने बीकानेर और अन्य निकायों के परिणामों का भी जिक्र करते हुए कांग्रेस से अपने प्रदर्शन की समीक्षा करने को कहा.
अशोक गहलोत के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में वार्डों के परिसीमन को लेकर लगाए गए आरोपों पर भजनलाल शर्मा ने कहा कि परिसीमन जनसंख्या और निर्धारित नियमों के आधार पर किया गया. उन्होंने गहलोत की चुनावी हार पर तंज कसते हुए कहा कि उनका दूसरा दर्द यह है कि वे अपने बाड़े से भी हार गए। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में बार-बार पंचायत और निकाय चुनाव होने से विकास कार्य प्रभावित होते थे और सरकारी धन खर्च होता था.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन पर क्या बोले सीएम
दिल्ली के जंतर-मंतर समेत अलग-अलग जगहों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और सरकार पर असहमति की आवाज दबाने के आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का रुख समझने के लिए राष्ट्रहित में काम करने के नजरिये को भी देखना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर गांवों में लोग किसी का विरोध करते हैं और वह व्यक्ति वहां जाकर बैठता है, तो इसमें कोई क्या कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध करने वाले भी समाज का हिस्सा हैं, लेकिन सरकार और राजनीतिक दलों को राष्ट्रहित के सवालों पर भी ध्यान देना चाहिए,
मुख्यमंत्री के इस बयान में एक ओर अपनी सरकार के कामकाज और परिसीमन प्रक्रिया का बचाव दिखा, तो दूसरी ओर कांग्रेस पर चुनावी नतीजों को लेकर सवाल उठाए गए। परिसीमन में पक्षपात और विरोध प्रदर्शनों को लेकर उठे सवालों पर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने के आसार हैं.