नागौर के कोतवाली थाना क्षेत्र की व्यास कॉलोनी में रहने वाले 54 वर्षीय प्रेमप्रकाश बिहानी ने साहूकारों पर कर्ज के नाम पर प्रताड़ित करने और सोने के आभूषण हड़पने का आरोप लगाया है. प्रेमप्रकाश के मुताबिक उन्होंने कारोबार में नुकसान के बाद फास्ट फूड की दुकान शुरू करने के लिए साहूकारों से करीब 15-16 लाख रुपये उधार लिए थे. उनका पहले पान-मेथी का बड़ा कारोबार था, लेकिन भारी नुकसान के बाद उन्हें जमीन-जायदाद और घर तक बेचने पड़े. इसके बाद कारोबार शुरू करने के लिए उन्होंने अलग-अलग लोगों से रकम उधार ली. शिकायत के मुताबिक लक्ष्मण गौड़ से 11 लाख, अर्जुन गौड़ से 8.50 लाख, आकाश तिवारी से 1.50 लाख, निखिल कच्छावा से 4 लाख और पवन सोनी से 9 लाख रुपये लिए गए थे.
प्रेमप्रकाश ने बताया कि पवन सोनी के पास उन्होंने करीब 6 तोला सोने के आभूषण सुरक्षा के तौर पर गिरवी रखे थे. इनमें नेकलेस, चेन, सात चूड़ियां, मंगलसूत्र, लॉकेट, झुमके और ब्रेसलेट शामिल थे. उनके मुताबिक पवन सोनी से लिए गए 9 लाख रुपये में से 6 लाख रुपये चुकाए जा चुके थे. इसके बावजूद आरोप है कि उनके सोने के आभूषण वापस नहीं किए गए. शिकायत में प्रेमप्रकाश ने आरोप लगाया है कि सोने के दाम बढ़ने के बाद आरोपियों की नीयत बदल गई और ब्याज पर ब्याज जोड़कर रकम को बढ़ाया जाने लगा.
16 लाख की रकम 50-60 लाख करने का आरोप
प्रेमप्रकाश का आरोप है कि साहूकारों ने ब्याज जोड़कर उनकी मूल रकम को करीब 50-60 लाख रुपये तक पहुंचा दिया. उनसे 10 गुना रकम वसूलने की धमकी भी दी गई. शिकायत के अनुसार निखिल कच्छावा को सुरक्षा के तौर पर खाली चेक भी दिए गए थे. वहीं राजेश सांखला और लोकेश सांखला पर आरोप है कि वे प्रेमप्रकाश को धोखे से कचहरी लेकर गए और सादे कागजों पर बिना पढ़े हस्ताक्षर करवा लिए. प्रेमप्रकाश ने फोन पर लगातार धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया है. उनके मुताबिक उन्हें कहा गया कि अगर उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो जान से मार दिया जाएगा और उनके मकान पर कब्जा कर लिया जाएगा.
लगातार तनाव और कथित धमकियों के बीच प्रेमप्रकाश की मानसिक स्थिति बिगड़ गई. उन्होंने 23 अगस्त को आत्महत्या का प्रयास किया. परिवार उन्हें इलाज के लिए जोधपुर ले गया, जहां उनका उपचार कराया गया. परिवार के मुताबिक वर्तमान में प्रेमप्रकाश डिप्रेशन की दवाइयां ले रहे हैं. इलाज और अस्पताल से जुड़ी व्यस्तता के कारण पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई. इसके बाद 25 सितंबर को प्रेमप्रकाश खुद कोतवाली थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई.
कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. मामले की जांच एएसआई रामकैलाश को सौंपी गई है. कोतवाली थाना प्रभारी नंदलाल रिणवा ने बताया कि प्रेमप्रकाश बिहानी ने व्यावसायिक जरूरत के लिए उधार ली गई रकम समय-समय पर चुकाई थी. इसके बावजूद शिकायत में 10 से 20 प्रतिशत तक ब्याज वसूले जाने का आरोप लगाया गया है. थाना प्रभारी के मुताबिक कथित प्रताड़ना बढ़ने के कारण प्रेमप्रकाश को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और वे डिप्रेशन में चले गए. उन्होंने बताया कि मुकदमा सीधे थाने पर दर्ज किया गया है. मामले में जांच की जा रही है और सबूत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी.
सात लोगों के खिलाफ जांच
इस मामले में लक्ष्मण गौड़, अर्जुन गौड़, निखिल कच्छावा, पवन सोनी, राजेश सांखला, लोकेश सांखला और आकाश तिवारी के नाम सामने आए हैं. सभी नागौर क्षेत्र के बताए गए हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस ने प्रेमप्रकाश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं. शिकायत में लगाए गए कर्ज, ब्याज, सोने के आभूषण और धमकियों से जुड़े आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी.