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गे-डेटिंग ऐप पर दोस्ती करते थे, फिर कहते- अब मिलने आइए... सुनसान जगह पहुंचते ही शुरू कर देते थे खेल

पहले गे-डेटिंग ऐप पर दोस्ती करते थे, फिर कहते थे कि अब मिलने आइए. सामने वाला जब भरोसा करके मिलने पहुंचता, तो सुनसान जगह पर पूरा खेल बदल जाता था. आरोप है कि वहां मारपीट की जाती, सामान लूटा जाता और फिर ब्लैकमेलिंग शुरू हो जाती. जयपुर में ऐसे ही गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है.

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पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार. (Photo: ITG)
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार. (Photo: ITG)

ये कहानी जयपुर की है. यहां एक गैंग सामने आया है, जो गे-डेटिंग ऐप पर लोगों से दोस्ती करता था. फिर मिलने के लिए बुलाता था. फिर समलैंगिक संबंध के मकसद से जब कोई व्यक्ति पहुंचता था, तो उसके साथ ये गैंग खेल कर देता था. आरोप है कि गैंग उसके साथ मारपीट करता और ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता था.

अब इस मामले में करधनी थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की है. पुलिस के मुताबिक, जयपुर में गे-ऐप के जरिए युवकों को निशाना बनाए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं. आरोप है कि गैंग के सदस्य ऐप पर युवकों से संपर्क करते थे. बातचीत और दोस्ती के बाद उन्हें मिलने के लिए ऐसी जगह बुलाया जाता था जहां आसपास ज्यादा लोग मौजूद न हों.

आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद कहानी बदल जाती थी. पीड़ित युवक के साथ मारपीट की जाती और फिर उसे ब्लैकमेल कर पैसे लेने की कोशिश की जाती. पुलिस के सामने मामला पहुंचा तो जयपुर पश्चिम पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और जांच के लिए टीम बनाई.

इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की. तकनीकी इनपुट और सूचना तंत्र की मदद से उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की गई, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते थे.

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जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को दो संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद करधनी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अनिल रूलानिया और मदन नेहरा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की है.

पूछताछ में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों आरोपियों ने अब तक कितने युवकों को अपना निशाना बनाया. क्या सिर्फ जयपुर में ही ऐसी वारदातें की गईं या दूसरे शहरों में भी नेटवर्क सक्रिय था? और क्या इस गैंग में इन दोनों के अलावा और लोग भी शामिल हैं? पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ में दूसरी वारदातों और संभावित सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है.

फिलहाल करधनी पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. पुलिस यह जानना चाहती है कि गे-डेटिंग ऐप पर शुरू होने वाली इन कथित दोस्तियों के पीछे कितनी वारदातें छिपी हैं और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं.

यानी कहानी अभी दो गिरफ्तारियों पर खत्म नहीं हुई है. पुलिस की पूछताछ अगर आगे बढ़ी, तो जयपुर के इस कथित ‘डेटिंग ऐप गैंग’ की और भी परतें खुल सकती हैं.

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