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एक तरफ CM मोहन का कन्या पूजन, दूसरी तरफ BJP नेता ने गरबा पंडाल में बच्ची से किया दुर्व्यवहार

इंदौर के कनकेश्वरी गरबा पंडाल में 15 वर्षीय बच्ची के साथ कथित धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार का मामला राजनीतिक विवाद बन गया है. इस मामले में बीजेपी मंडल अध्यक्ष कमल चौहान की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस ने संबंधित नेता को पार्टी से बर्खास्त करने और पुलिस कार्रवाई की मांग की है.

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गरबा पंडाल में लड़की से दुर्व्यवहार के बाद गरमाई सियासत. (Photo: ITG)
गरबा पंडाल में लड़की से दुर्व्यवहार के बाद गरमाई सियासत. (Photo: ITG)

इंदौर के कनकेश्वरी गरबा पंडाल में 15 वर्षीय बच्ची को कथित तौर पर धक्का देने और उसके साथ दुर्व्यवहार का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल चौहान की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं. वहीं, घटना के कुछ घंटे बाद इसी गरबा पंडाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कन्या पूजन कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है. दूसरी ओर, भाजपा की तरफ से वायरल वीडियो की जांच की बात कही गई है.

दरअसल पूरा मामला इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो के कनकेश्वरी गरबा आयोजन से जुड़ा है. सामने आए वीडियो और लगाए गए आरोपों के मुताबिक गरबा आयोजन में प्रवेश को लेकर हुए विवाद के दौरान 15 वर्षीय बच्ची के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया गया. इस मामले को सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आयोजन में बच्चियों के सम्मान और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.

भाजपा ने की पूरे मामले की जांच कराने की मांग
उन्होंने संबंधित मंडल अध्यक्ष को पद से हटाने के साथ पुलिस कार्रवाई की मांग की है. वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने भी घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ मुख्यमंत्री कन्या पूजन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बच्ची के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आ रहा है. कांग्रेस ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से संबंधित मंडल अध्यक्ष को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की है.

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इधर, विवाद के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कनकेश्वरी गरबा पंडाल पहुंचे, जहां उन्होंने कन्या पूजन किया. इसे लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा कि वायरल वीडियो की परिस्थिति, वास्तविकता और उसके एआई से बनाए जाने की आशंका समेत सभी पहलुओं की जांच जरूरी है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल, मामले में जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.

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