सड़क पर बाइक चलाती एक लड़की. पीछे से आती एक कार. फिर रास्ता रोकने की कोशिश, गालियां और धमकी. भोपाल की फीमेल बाइक राइडर आबिदा राणा के साथ 2 अगस्त को जो हुआ, उसका एक हिस्सा उनकी बाइक में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गया. वीडियो में कार सवारों की बदसलूकी और आपत्तिजनक भाषा सुनाई देती है. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. आबिदा ने आजतक से बातचीत में बताया कि उन्हें रास्ते में रोका गया, गालियां दी गईं और धमकाया गया. उनका पीछा किया गया.
आबिदा एक फीमेल बाइक राइडर हैं. उनकी बाइक में कैमरा लगा था. इसलिए सड़क पर हुई इस बदसलूकी का एक हिस्सा कैमरे में रिकॉर्ड हो गया. वीडियो में आपत्तिजनक भाषा भी सुनाई देती है. अब यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि कुछ समय पहले गुरुग्राम में फीमेल बाइक राइडर सिया के साथ हुई बदसलूकी का मामला भी सामने आया था.

आबिदा के मुताबिक, 2 अगस्त को वह बाइक से घर से निकली थीं. रास्ते में एक कार सवार से उनकी कहासुनी हो गई. आबिदा का आरोप है कि कार सवार युवकों ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की. इसके बाद उनके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई. आबिदा की बाइक में कैमरा लगा हुआ था. कैमरे में सड़क पर हुआ यह घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया.
वीडियो में कार और बाइक के बीच विवाद दिखाई देता है. साथ ही आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल भी सुनाई देता है. आबिदा का कहना है कि उन्होंने कार सवारों से साफ कहा कि अगर कोई शिकायत है तो पुलिस के पास चलिए. वह खुद पुलिस में शिकायत करने की बात कहती रहीं. लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ.
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आबिदा के मुताबिक, कार सवार युवकों ने उनकी बाइक का पीछा किया. कई बार रास्ता रोकने की कोशिश भी की गई. आबिदा जिस जगह थीं, वहां से निशातपुरा पुलिस स्टेशन करीब 100 मीटर की दूरी पर था. यानी पुलिस स्टेशन बहुत दूर नहीं था. आबिदा लगातार यह कह रही थीं कि अगर कोई विवाद है तो पुलिस के सामने बात कर लेते हैं. लेकिन उनके मुताबिक, कार सवार पुलिस स्टेशन से कुछ पहले ही दूसरी तरफ मुड़ गए. आबिदा इसके बाद वहां से चली गईं. लेकिन उन्होंने इस घटना को नजरअंदाज नहीं किया.

2 अगस्त की घटना के बाद आबिदा ने 4 अगस्त को निशातपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने पुलिस को घटना के बारे में बताया और बाइक में रिकॉर्ड हुआ वीडियो भी दिखाया. इसके बाद पुलिस ने मामले को देखा और कार से जुड़े लोगों को थाने बुलाया. जिस मामले में सड़क पर गाली-गलौज और धमकी के आरोप लगे थे, वही मामला थाने में माफी तक पहुंच गया. आबिदा के मुताबिक, कार सवार लोगों ने उनसे माफी मांगी. उनके पास इस माफी से जुड़ा माफीनामा भी है. इसके बाद मामला शांत हो गया.
'बाइक चलाती हूं तो अक्सर ऐसा होता है'
आबिदा के लिए यह सिर्फ एक वायरल वीडियो की कहानी नहीं है. वह कहती हैं कि बाइक चलाते वक्त उन्हें अक्सर इस तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ता है. कभी सड़क पर बहस, कभी किसी का गलत तरीके से बोलना, तो कभी बेवजह परेशान करना. आबिदा के मुताबिक, ऐसी घटनाएं उन्हें काफी आहत करती हैं. लेकिन उन्होंने इस बार एक अलग फैसला किया. उनका कहना है कि ऐसे लोगों के सामने हिम्मत हारने से बेहतर है कि आवाज उठाई जाए और उन्हें उनकी गलती का एहसास कराया जाए. इस मामले में उन्होंने पुलिस से शिकायत की और आखिरकार सामने वाले पक्ष से माफी भी मंगवाई.
'मेरे साथ जो हुआ, किसी और के साथ न हो'
आबिदा की बातों में सबसे ज्यादा जोर इसी बात पर है. वह चाहती हैं कि उनके साथ जो हुआ, वह किसी दूसरी बाइक राइडर लड़की के साथ न हो. उनका कहना है कि गुरुग्राम में सिया के साथ जो हुआ और अब भोपाल में उनके साथ जो हुआ, ऐसी घटनाओं को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए.
यहां एक बात साफ करना जरूरी है. दोनों घटनाओं की परिस्थितियां और कानूनी स्थिति अलग-अलग हैं. लेकिन दोनों मामलों में सड़क पर बाइक चला रही महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी और उसका वीडियो चर्चा में आया है.

आबिदा का कहना है कि बाइक चला रही लड़की को देखकर किसी को उसके साथ बदतमीजी करने का अधिकार नहीं मिल जाता. सड़क पर उस वक्त जो कुछ हुआ, उसका हिस्सा कैमरे में रिकॉर्ड हो गया. यही रिकॉर्डिंग बाद में पुलिस के सामने पहुंची और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. वीडियो में आपत्तिजनक शब्द हैं, इसलिए उन्हें दोहराने की जरूरत नहीं. इतना जरूर है कि रिकॉर्डिंग से यह पता चलता है कि सड़क पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था.
एक वायरल वीडियो के पीछे की बड़ी कहानी
कहानी को सिर्फ इतना कह देना आसान है कि 'एक लड़की से बदसलूकी हुई और वीडियो वायरल हो गया'. लेकिन आबिदा इसे उससे आगे की बात मानती हैं. उनके मुताबिक, बाइक चलाने वाली लड़कियों को सड़क पर कई बार ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ता है. उनका कहना है कि लड़कियों को डरकर पीछे हटने के बजाय जरूरत पड़ने पर आवाज उठानी चाहिए. उनकी इस कहानी में एक और बात ध्यान देने वाली है. सड़क पर कथित तौर पर गालियां और धमकी मिली. रास्ता रोकने की कोशिश हुई. फिर वही मामला पुलिस स्टेशन तक पहुंचा और माफी पर जाकर रुका.
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यानी आबिदा ने जिस बात को सड़क पर खत्म करने के बजाय पुलिस तक ले जाने का फैसला किया, उसका नतीजा यह हुआ कि सामने वाले पक्ष को थाने में बुलाया गया और माफी मांगनी पड़ी. अब आबिदा की उम्मीद बस इतनी है कि अगली बार कोई दूसरी लड़की बाइक लेकर सड़क पर निकले तो उसे इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े. क्योंकि बाइक चलाने वाली लड़की पहले एक राइडर है. सड़क पर उसके साथ बाकी लोगों की तरह ही व्यवहार होना चाहिए. और अगर कोई विवाद हो भी जाए, तो उसका रास्ता गाली, धमकी या रास्ता रोकना नहीं, बल्कि कानून और बातचीत होना चाहिए.