आजकल डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के दौर में किसी से मिलना पहले के मुकाबले आसान हो गया है. लेकिन किसी से मिलना और उसके साथ रिश्ता बन पाना, दोनों अलग बातें हैं. कई बार लोग सालों तक डेटिंग की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें मनचाहा पार्टनर नहीं मिल पाता. ऐसा ही कुछ एक 26 साल के जेन जी के साथ हो रहा है. उन्होंने रेडिट पर अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि सालों से कोशिश करने के बाद भी उसे डेटिंग में सफलता नहीं मिल रही है.
कॉलेज से लेकर डेटिंग ऐप्स तक, हर जगह की कोशिश
रेडिट यूजर ने बताया कि वो 26 साल का है और जल्द ही कॉलेज से ग्रेजुएट होने वाला है. पढ़ाई शुरू करने से पहले उन्होंने कुछ वक्त काम किया, ताकि कॉलेज के लिए पैसे बचा सके. वो एक अच्छी सैलरी वाली फिजीकल मेहनत वाली नौकरी भी करता है और हफ्ते में दो बार जिम जाता है. उनका कहना है कि वो अपनी फिटनेस और पर्सनल केयर का भी ध्यान रखते हैं.
यूजर के मुताबिक, जब वो करीब 14 साल का थे, तब से उन्हें लडकियां पसंद आती रही हैं. अक्सर वो पहले किसी लड़की से दोस्ती करते है और फिर उसे डेट पर चलने के लिए पूछते हैं. लेकिन उनका कहना है कि ज्यादातर बार उन्होंने मना ही सुनने को मिला.

डेटिंग ऐप्स पर भी नहीं बनी बात
यूजर आगे बताते है कि उन्होंने बार, क्लब, कॉलेज कैंपस और दूसरी जगहों पर भी लड़कियों से बात करने की कोशिश की. उन्होंने कई लड़कियों से खुद जाकर बातचीत शुरू की, लेकिन इन कोशिशों से उसे सिर्फ एक डेट मिली. वो मुलाकात भी आगे नहीं बढ़ सकी. लड़की ने उन्हें बताया कि उसे उससे बात करके अच्छा लगा, लेकिन वो उसकी पसंद का लड़का नहीं है.
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इसके अलावा, वह पिछले 5 से 7 साल से हिंज, टिंडर और बम्बल जैसे डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा है. उसने अपने प्रोफाइल को बेहतर बनाने की भी पूरी कोशिश की. इसके बावजूद उन्हें करीब 25 से 30 मैच ही मिले. इनमें से भी सिर्फ 8 से 10 लड़कियों ने उनसे ठीक से बात की, जबकि बाकी ने बातचीत शुरू होने से पहले ही उसे इग्नोर कर दिया.
एक डेट का एक्सपीरियंस भी रहा खराब
रेडिट यूजर ने अपने एक खराब डेटिंग एक्सपीरियंस के बारे में भी बताया. उनके मुताबिक, एक लड़की उसके साथ डेट पर गई, खूब खाना ऑर्डर किया और बिल उसे चुकाने के लिए कहा. वो बचा हुआ खाना भी अपने साथ ले गई. बाद में उसने यूजर को गलत फोन नंबर दे दिया.
इस एक्सपीरियंस के बाद भी यूजर ने बताया कि उन्होंने डेटिंग की कोशिशें बंद नहीं कीं. वे बताते हैं कि लड़कियों से अच्छे से बात करने, उनकी बात ध्यान से सुनने और साफ-सुथरा रहने की कोशिश करते हैं. वो अच्छे कपड़े भी पहनते हैं, इसके बावजूद उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर उनसे कहां गलती हो रही है.
एडवाइज मिलने के बाद भी नहीं बदली सिच्युएशन
जेन जी यूजर ने अपनी पोस्ट में ये भी बताया कि जब वह लोगों से डेटिंग को लेकर एडवाइज मांगते हैं, तो उन्हें बार-बार वही बातें सुनने को मिलती हैं, जिन्हें वो पहले से अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें समझ नहीं आता कि अब उन्हें क्या करना चाहिए.
पोस्ट पर लोगों का रिएक्शन
इस पोस्ट पर एक यूजर प्रतिक्रिया देते हुए कहते हैं कि डेटिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के बाद उनका नजरिया इतना बदल गया है कि किसी भी इन्सेल प्रोपेगेंडा ने उन्हें इतना निराश नहीं किया था. सच में, अब लगता है कि सब कुछ खत्म हो चुका है. वहीं दूसरे यूजर का कहना हैं कि लड़कियां और महिलाएं डेटिंग और रिश्तों में इंटरेस्ट रखती हैं, लेकिन डेटिंग ऐप्स उन्हें ऐसा महसूस कराते हैं कि उनके पास चुनने के लिए अनगिनत ऑप्शन्स हैं. वहीं, इतने सारे आदमी के उनसे बात करने में इंटरेस्ट दिखाने से वे घबरा भी सकती हैं. इन दोनों चीजों के कारण वे परेशान हो सकती हैं और उनके लिए फैसला लेना मुश्किल हो सकता है.