scorecardresearch
 

Roti vs Rice for Diabetes: रोटी या चावल...क्या खाने से सबसे तेज बढ़ती है शुगर! डायबिटीज के डॉक्टर ने बताया

डायबिटीज मरीजों के लिए रोटी और चावल की बहस पुरानी है, लेकिन डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. अनूप मिश्रा ने बताया है कि ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए दोनों में से क्या बेहतर है और इसे खाने का सही तरीका क्या है.

Advertisement
X
रोटी और चावल दोनों ब्लड शुगर बढ़ाते हैं. (Photo: AI Generated)
रोटी और चावल दोनों ब्लड शुगर बढ़ाते हैं. (Photo: AI Generated)

Roti vs Rice for Diabetes: रोटी और चावल भारतीय थाली का अहम हिस्सा है और अक्सर इस बात पर बहस होती है कि रोटी ज्यादा हेल्दी है या चावल. खासकर जब बात डायबिटीज के मरीजों की हो तो यह सवाल और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सीधे ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाती हैं. हाल ही में डायबिटीज एक्सपर्ट डॉ. अनूप मिश्रा ने इंटरव्यू में बताया, डायबिटीज डाइट में चावल को पूरी तरह दुश्मन मान लेना या सिर्फ रोटी को ही बेस्ट समझना सही नहीं है. उनका कहना है कि चावल के मुकाबले रोटी ब्लड शुगर कंट्रोल करने में ज्यादा मददगार होती है लेकिन अगर सही स्ट्रैटजी से खाया जाए तो चावल भी नुकसान नहीं करेगा.

रोटी क्यों है चावल से बेहतर ऑप्शंस?

डॉ. अनूप मिश्रा के अनुसार, रोटी एक कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट है जिसे पचाने में शरीर को थोड़ा ज्यादा समय लगता है. इस वजह से खून में ग्लूकोज धीरे-धीरे रिलीज होता है और ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता.

दूसरी तरफ सफेद चावल बहुत जल्दी डाइजेस्ट हो जाता है जिससे खाने के तुरंत बाद शुगर लेवल तेजी से स्पाइक कर सकता है इसलिए डायबिटीज मैनेजमेंट में चावल को रोटी से ज्यादा प्रॉब्लमेटिक माना जाता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स सादा गेहूं की रोटी की जगह उसमें बेसन, बाजरा या ज्वार मिलाकर मल्टीग्रेन रोटी खाने की सलाह देते हैं ताकि फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बढ़ सके.

क्या चावल खाना पूरी तरह छोड़ना पड़ेगा?

डायबिटीज के मरीजों में सबसे बड़ा मिथक यह है कि उन्हें चावल बिल्कुल छोड़ देना चाहिए लेकिन डॉ. मिश्रा इससे सहमत नहीं हैं. उनके मुताबिक, डायबिटीज पेशेंट्स भी चावल का मजा ले सकते हैं बस वह सही टाइप का चावल चुनें और उसे सही तरीके से खाएं.

Advertisement

सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस या पारबॉइल्ड राइस (उबला हुआ चावल) ज्यादा बेहतर है क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंपैक्ट कम होता है. सबसे जरूरी बात यह है कि चावल को कभी भी अकेले न खाएं बल्कि उसे दाल या राजमा जैसे प्रोटीन सोर्स के साथ मिक्स करके खाएं.

मील सीक्वेंसिंग का सीक्रेट फॉर्मूला

ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए डॉ. मिश्रा ने एक खास ट्रिक बताई है जिसे 'प्रीलोड स्ट्रैटेजी' कहते हैं. इसके तहत खाना खाने से करीब 20 से 30 मिनट पहले दो कटोरी सलाद (जैसे खीरा, टमाटर, पत्तागोभी, गाजर या मूली) खाना चाहिए. इसके बाद अगर आप चावल खा रहे हैं तो पहले कुछ चम्मच दाल या राजमा खाएं और फिर चावल खाएं.

रिसर्च से पता चला है कि कार्बोहाइड्रेट खाने से पहले सब्जियां और प्रोटीन खाने से पोस्ट-मील ब्लड शुगर स्पाइक को 50% तक कम किया जा सकता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement