वेनेजुएला में भूकंप आने के बाद इमारतें कई इमारतें गिरीं. (Photo: Reuters) Venezuela Earthquake LIVE Updates: वेनेजुएला में बैक-टू-बैक आए दो भूकंपों ने देश में जबरदस्त तबाही मचाई है. देश के उत्तरी तट के पास बुधवार को जोरदार भूकंप आया, जिससे राजधानी काराकस में कई इमारतें ढह गईं. राजधानी में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो बार धरती हिली. पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, वहीं दूसरा 7.5 तीव्रता का था. यह भूकंप मोंटाल्बान के उत्तर-पश्चिम में 28 किलोमीटर यानी करीब 17.3 मील दूर आया, जहां देश की कुछ सबसे बड़ी रिफाइनरियां स्थित हैं. भूकंप से पूरे वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर असर पड़ा है. देश में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया गया है.
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, भूकंप की शुरुआती तीव्रता 7.5 मापी गई. यह भूकंप 7.2 तीव्रता के एक 'फोरशॉक' यानी मुख्य भूकंप से पहले आने वाला झटके के ठीक 40 सेकंड बाद आया. इसके बाद, डरे हुए लोग अपने परिवार वालों और पालतू जानवरों के साथ इमारतें खाली करके सड़कों पर जमा होते नजर आए.
यूएस सुनामी चेतावनी केंद्रों ने कहा कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है, प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स जैसे इलाकों के लिए खतरनाक लहरों की शुरुआती चेतावनी को रद्द कर दिया.
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वेनेजुएला के भूकंप में अब तक 164 लोगों की मौत हुई और 971 लोग घायल हैं. US Geological Survey का कहना है कि 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत का खतरा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या की जानकारी मिलने में देरी हो रही है. ट्रंप ने दक्षिण अमेरिकी देश को मदद की पेशकश की है.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि जहां भी संभव हो, बीजिंग मदद देने के लिए तैयार है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीड़ितों, उनके परिवारों और संकट के समय जमीन पर काम कर रही इमरजेंसी टीमों के साथ एकजुटता ज़ाहिर की है.
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USGS के मुताबिक, ये दो भूकंप काराकस के पश्चिम में याराकुय राज्य में आए थे.
पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था और 22 किलोमीटर (14 मील) की गहराई पर आया था.,इसके एक मिनट से भी कम वक्त के बाद करीब 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई पर 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया.
भूकंप का केंद्र राजधानी के बाहर था, लेकिन इसके झटके पूरे काराकस और वेनेज़ुएला के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में महसूस किए गए, जिनमें काराबोबो, मिरांडा, ला गुआइरा और ट्रूजिलो राज्य शामिल हैं.
पड़ोसी देश कोलंबिया और काराकस से 1,700 किलोमीटर यानी 1,050 मील दूर ब्राज़ील के अमेज़न इलाके में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.
वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद भारत ने राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तैयारी शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में भारी तबाही और बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका के बीच भारत सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. इसी क्रम में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक विशेष टीम को वेनेजुएला भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है.
जानकारी के मुताबिक, सरकार की तरफ से NDRF को अलर्ट मोड पर रहने और संभावित अंतरराष्ट्रीय राहत अभियान के लिए तैयार रहने को कहा गया है. भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और ऐसे में भारत की ओर से मानवीय सहायता पहुंचाने की संभावनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है.
सूत्रों का कहना है कि अगर अंतिम मंजूरी मिलती है, तो NDRF की स्पेशल टीम अत्याधुनिक खोज एवं बचाव उपकरणों, मेडिकल सहायता सामग्री और प्रशिक्षित विशेषज्ञों के साथ वेनेजुएला रवाना की जा सकती है. टीम का मुख्य मकसद मलबे में फंसे लोगों को निकालने, राहत पहुंचाने और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव कार्यों में सहयोग करना होगा.
भारत आपदा के वक्त वैश्विक मानवीय सहायता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है. कई देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारतीय बचाव दलों और विशेषज्ञ टीमों ने राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. ऐसे में वेनेजुएला में संभावित NDRF मिशन को भी भारत की मानवीय प्रतिबद्धता और आपदा प्रबंधन क्षमता के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है.
हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक तैयारियों की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
(इनपुट- जितेंद्र बहादुर सिंह)
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वेनेजुएला में आए जबरदस्त भूकंप से मची तबाही पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस मौके पर गहरी संवेदना जताते हुए मुश्किल में साथ खड़े होने की बात कही है.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "वेनेजुएला में आए जबरदस्त भूकंप से हुई तबाही से मुझे गहरा दुख हुआ है. भारत के लोगों की तरफ से मैं वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के प्रति और खासकर उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. हम घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं और इस मुश्किल वक्त में प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार है."
वेनेजुएला की राजधानी में आए भूकंप के बाद तबाही जैसे हालात हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में वेनेजुएला के उत्तरी तट पर एक के बाद एक आए जबरदस्त भूकंप के कारण डरे हुए लोग और गिरी हुई इमारतें दिखाई दे रही हैं.
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वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने डॉक्टरों और नर्सों से कहा है कि वे भूकंप में घायल हुए लोगों के इलाज में मदद के लिए स्थानीय अस्पतालों और इमरजेंसी रूम में रिपोर्ट करें.
वेनेज़ुएला के अख़बार 'एल नैशनल' के मुताबिक, देश को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज ने कहा, "मैं डॉक्टरों, नर्सों और सभी हेल्थ वर्कर्स से काम पर लौटने की अपील करती हूं, जिससे हम उन लोगों का इलाज कर सकें, जिन्हें अस्पतालों और प्राइवेट हेल्थ सेंटरों के इमरजेंसी रूम में लाया जा रहा है."
रोड्रिगेज ने कहा कि राष्ट्रीय, राज्य और नगरपालिका अधिकारी इस संकट से निपटने के लिए काम कर रहे हैं और देश के सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में सबसे पहले मदद भेजी जा रही है.
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अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट भी उन विदेशी अधिकारियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने वेनेज़ुएला के साथ एकजुटता दिखाई है.
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "हम उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है. इस मुश्किल वक्त में प्रभावित सभी समुदायों के लिए हिम्मत, सुरक्षा और जल्द ठीक होने की कामना करते हैं."
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वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने जबरदस्त भूकंपों के बाद इमरजेंसी का ऐलान किया है.
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के बाद अपनी में रोड्रिगेज ने मौतों की पुष्टि की, लेकिन यह नहीं बताया कि कितने लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही, उन्होंने खोज और बचाव कार्यों की देखरेख के लिए एक हाई-लेवल टास्क फोर्स बनाने का भी ऐलान किया है.
वॉचडॉग 'NetBlocks' के मुताबिक, भूकंप से बिजली और टेलीकम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने के बाद वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर बुरा असर पड़ा है. अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती भी हुई है या नहीं.
कनेक्टिविटी में रुकावट की वजह से आने वाले कुछ घंटों में हॉटस्पॉट से मिलने वाली जानकारी और वीडियो की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है.
मेक्सिको के विदेश मंत्रालय ने वेनेज़ुएला में भूकंप आने के बाद वहां के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई है. इसके साथ ही मेक्सिकों ने भूकंप से हुए नुकसान खेद प्रकट की है.
वेनेजुएला की राजधानी कराकास में जब लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए तो लोग हिलती हुई इमारतों से बाहर निकल आए और बाहर ही रहे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मदीदों ने बताया कि दीवारें गिरने से घरों और दुकानों का सामान बाहर दिखने लगा था और क्षतिग्रस्त इलाकों से धूल के गुबार उठ रहे थे.
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US पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की थी. हालांकि, बाद में ये चेतावनियां वापस ले ली गईं.

वेनेज़ुएला के कुछ हिस्सों में सेलफोन सिग्नल न होने से कई परिवारों की परेशानी और बढ़ गई, खासकर उन लोगों की जो देश के लंबे वक्त से चल रहे संकट के दौरान देश छोड़कर चले गए हैं. विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने देश से बाहर रहते हुए एक्स पर कहा, "इस मुश्किल वक्त में हममें हिम्मत, शांति और एकजुटता बनी रहे."
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एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले भूकंपों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. यहां तक कि करीब 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन जैसे शहरों में भी इमारतों को खाली कराना पड़ा. बुधवार देर रात, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि वह देश को संबोधित करने की तैयारी कर रही थीं.
भूकंप के तीन घंटे के अंदर देश को संबोधित न करने और उस दौरान सरकार की ओर से किसी के घायल होने या मारे जाने की कोई रिपोर्ट न दिए जाने पर राजनेताओं और वेनेज़ुएला के लोगों ने रोड्रिग्ज की आलोचना की.
वेनेजुएला में आए लगातार दो जोरदार भूकंपों ने भारी तबाही की आशंका पैदा कर दी है. राजधानी कराकास सहित कई इलाकों में इमारतों के ढहने की खबरें सामने आई हैं, जबकि हजारों लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए. USGS यानी यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या 10 हजार से ज्यादा हो सकती है.
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USGS और AFP पत्रकारों के मुताबिक, बुधवार को वेनेज़ुएला के एक ही इलाके में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए, जिससे इमारतें ढह गईं. इन भूकंपों से काराकस में दहशत फैल गई और लोग सड़कों पर निकल आए.