
अक्सर राह चलते हमारी नजर कई ऐसे घरों और इमारतों पर पड़ जाती है, जिन्हें बस निहारते रहने का मन करता है. फिर चाहे वो अद्भुत वास्तुकला का कोई नमूना हो या फिर किसी के क्रिएटिव दिमाग की उपज. एक हालिया पॉडकास्ट में जाने-माने आर्किटेक्ट संजय पुरी से पूछा गया कि उन्हें भारत की तीन सबसे लाजवाब और यूनीक इमारतें कौन सी लगती हैं. इसके जवाब में उन्होंने जिन तीन इमारतों का नाम बताया, उनके बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना होगा. आइए जानते हैं.
1. कंचनजंगा अपार्टमेंट
आर्किटेक्ट संजय पुरी ने पहले थोड़ा सोचा और फिर मुंबई के कंचनजंगा अपार्टमेंट का नाम लिया. इस बिल्डिंग को आर्किटेक्ट चार्ल्स कोरिया ने लगभग 30-35 साल पहले डिजाइन किया था. लेकिन यह आज भी एक यूनीक रेजिडेंशियल बिल्डिंग दिखाई पड़ती है. संजय ने कहा कि पिछले 30-35 सालों में मुंबई करीब 10 गुना डेवलप हो चुका है. एक से बढ़कर एक अपार्टमेंट और फ्लैट हैं. लेकिन कंचनजंगा अपार्टमेंट का कोई जवाब नहीं. इस बिल्डिंग का शेप चारों तरफ से क्यूबिकल है. हर क्यूब के अंदर कलर कॉम्बिनेशन अलग हैं.
उन्होंने बताया कि कंचनजंगा अपार्टमेंट में एक फ्लोर को दूसरे फ्लोर से इस तरह इंटरलॉक किया गया है कि वो दिखने में एक सैंडविच की तरह लगता है. उन्होंने बताया कि इस अपार्टमेंट को डिजाइन करने में उस वक्त बहुत पैसा खर्च हुआ था.

2. चांद बाओरी
संजय पुरी ने राजस्थान स्थित चांद बाओरी के डिजाइन को दूसरे नंबर पर रखा. यह एक सीढ़ीदार कुआं है जो दिखने में बड़ा सुंदर लगता है. उन्होंने बताया कि सदियों पहले यह राजस्थान के लोगों के लिए एक तरह का कम्यूनिटी प्लेस हुआ करता था. जहां लोग अक्सर गर्मी से बचने के लिए बैठा करते थे. उन्होंने बताया कि राजस्थान एक बेहद गर्म राज्य है. यहां सरफेस पर पानी जल्दी इवेपोरेट (भाप बनकर उड़ना) हो जाता है. इसलिए करीब 12 फीट गहराई में चांद बावरी को डिजाइन किया गया था, क्योंकि इतनी गहराई में पानी जल्दी इवेपोरेट नहीं होता है. इसी वजह से नीचे ठंडक बनी रहती है.

3. इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (अहमदाबाद)
संजय पुरी ने अहमदाबाद स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट को अपनी तीसरी पसंद बताया. इसकी इमारत अमेरिकन आर्किटेक्ट लुइस काह्न ने डिजाइन की थी. यह बिल्डिंग दिखने में वाकई शानदार है. यह पूरी तरह ईंटों से बना है कॉन्क्रीट को खुला रखा गया है. मतलब छत और दीवारों पर किसी तरह की सीलिंग या पैनल नहीं है. इसमें बड़े-बड़े गोलाकार विंडो हैं. यह जगह पुरानी होने के बावजूद अपनी खूबसूरती नहीं खो रही है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि मूल रूप यह बिल्डिंग आर्किटेक्ट स्टूडेंट्स के लिए होनी चाहिए.