Small Kitchen Ideas: रसोई को लोग काफी मॉडर्न और स्टाइलिश बना रहे है, कुछ लोग ओपन रसोई भी बनवाते हैं. मगर भारतीय घरों में किचन कितना भी सुंदर और मॉडर्न क्यों न हो, अगर सिंक के पास बर्तन रखने की सही जगह नहीं है तो रोज की रसोई में परेशानी बनी रहती है. बर्तन धोने के बाद उन्हें सुखाने के लिए काउंटर पर जगह चाहिए, फिर सूखे बर्तनों को रखने के लिए अलग से जगह तलाशनी पड़ती है. रसोई में बर्तन का सबसे ज्यादा काम होता है, इसलिए अगर रसोई में बर्तन धोने के बाद सुखाने के लिए जगह ना हो तो मुश्किल हो जाती है, क्योंकि बर्तनों से टपकता पानी बार-बार साफ करना पड़ता है.
ऐसे में किचन हमेशा बिखरा हुआ और गीला नजर आता है. इसलिए किचन प्लान करते समय सिर्फ सिंक बनवाना काफी नहीं है, बल्कि बर्तन धोने से लेकर सुखाने और रखने तक का पूरा सिस्टम पहले से तय करना जरूरी है.
सिंक के पास सिर्फ वॉशिंग एरिया न बनाएं
किचन बनवाते समय ज्यादातर लोग सिंक की जगह और उसके नीचे कैबिनेट पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन बर्तन धोने के बाद कहां रखे जाएंगे, इस बारे में लोग किचन बनवाते समय सोचते नहीं है. यही वजह है कि रोज बर्तन धोने के बाद काउंटर पर पानी जमा होता रहता है और गीले बर्तन इधर-उधर रखने पड़ते हैं. सिंक के साथ ही एक छोटा सा ड्राइंग जोन बनाना इस परेशानी को काफी हद तक कम कर सकता है.
सिंक के पास रखें बर्तन सुखाने की जगह
अगर आपके किचन में ज्यादा जगह नहीं है तो सिंक के बिल्कुल बगल में एक छोटा ड्राइंग रैक रखा जा सकता है. इसमें रोज इस्तेमाल होने वाली प्लेट, कटोरी और गिलास आसानी से रखे जा सकते हैं. इससे बर्तन धोने के बाद उन्हें दूर ले जाकर रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और किचन काउंटर पर भी कम सामान फैलेगा.
ऊपर के कैबिनेट में डिश रैक आएगा काम
छोटे इंडियन किचन में काउंटर की जगह पहले से ही कम होती है. ऐसे में ऊपर वाले कैबिनेट के अंदर डिश रैक और ड्रिप ट्रे लगाना एक सही ऑप्शन हो सकता है. बर्तन धोने के बाद उन्हें सीधे रैक में रखा जा सकता है और नीचे लगी ट्रे पानी को इकट्ठा कर लेगी. इससे काउंटर पर पानी टपकने की समस्या भी कम होगी.
रोज के बर्तनों की स्टोरेज सिंक के पास रखें
हर बार प्लेट, कटोरी या चम्मच लेने के लिए किचन के दूसरे कोने तक जाना और फिर इस्तेमाल के बाद उन्हें वापस रखना बेवजह की भागदौड़ बढ़ाता है. इसलिए रोज इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की स्टोरेज सिंक के आसपास रखना ज्यादा आसान हो सकता है. इससे वॉश के बाद उनको ड्राय करके स्टोर करने काम बिल्कुल आसान हो जाता है.
किचन में पानी फैलने की समस्या होगी कम
बर्तन धोने के बाद अगर उन्हें रखने की जगह सिंक से काफी दूर है तो पानी पूरे काउंटर पर पानी ही पानी फैल जाता है. भारत में तो ज्यादातर परिवार एक-साथ रहते हैं और ऐसे घरों में ज्यादा बर्तन धोने पड़ते हैं. इसलिए यह छोटी-सी प्लानिंग आपके रोजाना के काम के भार को हल्का कर सकती है. ड्राइंग एरिया सिंक के पास होने से गीले बर्तनों को ज्यादा दूर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
किचन बनवाते समय इस फ्लो का रखें ध्यान
किचन का डिजाइन सिर्फ देखने में अच्छा होना ही जरूरी नहीं है, बल्कि उसमें रोज का काम भी आसानी से होना चाहिए. इसलिए सिंक के आसपास जगह तय करते समय पहले से सोचें कि बर्तन कहां धोए जाएंगे, कहां सूखेंगे और सूखने के बाद कहां रखे जाएंगे. अगर यह तीनों चीजें रसोई में सही हो तो रोजाना रसोई में बिल्कुल फैलावा नहीं होता है और रसोई एकदम क्लीन नजर आती है.
इसलिए अगली बार किचन बनवाने या रिनोवेट कराने से पहले सिर्फ सिंक की जगह तय न करें. उसके साथ ड्राइंग स्पेस, डिश रैक और रोज इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की स्टोरेज भी प्लान करें.