Janmashtami Special Mohanthal: कल जन्माष्टमी है और इस पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को उनके प्रिय माखन-मिश्री के साथ-साथ पारंपरिक मोहन थाल का भोग लगाना भी बेहद शुभ माना जाता है. बेसन, देसी घी, और केसर की मनभावन खुशबू से भरपूर यह मिठाई स्वाद में लाजवाब और मुंह में जाते ही घुल जाने वाली होती है लेकिन इसके लिए आपको बाजार का चक्कर काटने की जरूरत नहीं है और इसे आप घर पर ही बना सकते हैं.
घर पर रखे बेसन और चीनी से आप इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं जिसमें न मिलावट का डर होगा और न ही शुद्धता की चिंता. अगर आप इस बार कान्हा के स्वागत के लिए घर पर झटपट और परफेक्ट हलवाई स्टाइल दानेदार मोहनथाल बनाना चाहते हैं तो तुरंत ये आसान रेसिपी नोट कर लें.
जरूरी सामग्री
बेसन: 2 कप
देसी घी: 3/4 कप (भूनने के लिए) + 3 बड़े चम्मच (मोयन देने के लिए)
दूध: 3 बड़े चम्मच (दानेदार बनाने के लिए) + 1/4 कप
चीनी: 1 कप
पानी: 1/2 कप
इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
केसर: 8-10 धागे (1 चम्मच गुनगुने दूध में भीगे हुए)
बारीक कटे मेवे: बादाम और पिस्ता (सजावट के लिए)
बनाने की आसान विधि
एक बड़े बर्तन में 2 कप बेसन लें. इसमें 3 बड़े चम्मच पिघला हुआ घी और 3 बड़े चम्मच गुनगुना दूध मिलाएं. दोनों हाथों की हथेलियों से बेसन को अच्छी तरह रगड़ते हुए मिलाएं ताकि यह दानेदार हो जाए.
अब इसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें और फिर मोटी छलनी से छान लें. इससे मोहनथाल का दाना एकसार और परफेक्ट बनता है.
एक भारी तले की कढ़ाई में 3/4 कप देसी घी गरम करें. इसमें तैयार दानेदार बेसन डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें. जब बेसन का रंग सुनहरा भूरा हो जाए और उसमें से बेहतरीन खुशबू आने लगे (लगभग 12-15 मिनट), तब इसमें 1/4 कप दूध थोड़ा-थोड़ा करके डालें.
दूध डालते ही बेसन में झाग बनेगा और दाना खिल जाएगा. इसे 2 मिनट और भूनकर गैस बंद कर दें.
एक अलग पैन में 1 कप चीनी और 1/2 कप पानी डालकर गरम करें.
इसमें केसर वाला दूध और इलायची पाउडर डालें.
इसे तब तक उबालें जब तक कि 1-तार की चाशनी तैयार न हो जाए.
भुने हुए बेसन के मिश्रण में तैयार गर्म चाशनी डालें और अच्छी तरह मिलाएं. धीमी आंच पर मिश्रण को 1-2 मिनट लगातार चलाएं जब तक वह कढ़ाई का तला न छोड़ने लगे.
अब एक थाली या मोल्ड में थोड़ा घी लगाकर चिकना कर लें और तैयार मिश्रण को उसमें डालकर बराबर फैला दें. ऊपर से बारीक कटे बादाम और पिस्ता छिड़कें और चम्मच से हल्का दबा दें.
इसे 1-2 घंटे के लिए सेट होने के लिए रख दें. जमने के बाद इसे मनचाहे आकार (चौकोर या बर्फी कट) में काट लें.
टिप: बाल गोपाल के भोग के लिए शुद्ध देसी घी और ताजा मेवों का ही उपयोग करें. इससे मोहन थाल और अधिक स्वादिष्ट, दानेदार और शुद्ध बनेगा.