सर्दियों और बारिश के मौसम में भुट्टा खाना हर किसी को पसंद होता है. लेकिन भुट्टा छीलने के बाद हम उसकी हरी और सूखी पत्तियों को बेकार कचरा समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं. क्या आप जानते हैं कि भुट्टे के ये छिलक्के बहुत ही मजबूत, प्राकृतिक रूप से फ्लेक्सिबल और फाइबर से भरपूर होते हैं.
इनका इस्तेमाल न सिर्फ किचन में मोमोज, इडली या ढोकला स्टीम करते समय बटर पेपर के विकल्प के रूप में किया जा सकता है, बल्कि ये पौधों की सुरक्षा, क्राफ्टिंग और घर की सजावट में भी कमाल का असर दिखाते हैं. अगर आप भुट्टे के छिलकों को फेंकने की बजाय इकट्ठा करके सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो गार्डनिंग से लेकर कुकिंग तक कई काम मुफ़्त में हो जाएंगे. आइए जानते हैं भुट्टे के छिलकों के 5 शानदार इस्तेमाल!
भुट्टे के छिलकों के 5 अनोखे इस्तेमाल
भुट्टे के छिलके हैं बटर पेपर का देसी विकल्प
इस्तेमाल: इडली, ढोकला, मोमोज या बाटी बनाते समय स्टीमर की थाली में भुट्टे के छिलकों की परत बिछा दें. इसके ऊपर बैटर या मोमोज रखें. यह भोजन को तली से चिपकने नहीं देता और खाने में मक्के की हल्की सोंधी प्राकृतिक खुशबू भी जोड़ता है.
बर्तनों की सफाई
भुट्टे के हरे और थोड़े खुरदरे छिलकों को समेटकर आप इससे इलेक्ट्रिक सामान जैसे केटल, इलेक्ट्रिक चूल्हा, चिमनी, स्टोव या बर्तनों की जिद्दी चिकनाई साफ करने के लिए स्क्रबर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं जो बर्तनों पर निशान नहीं छोड़ेगा और उन्हें हल्के से साफ कर देगा.
पौधों का रखेंगे ख्याल
इस्तेमाल: गर्मियों या तेज धूप में गमलों की मिट्टी के ऊपर भुट्टे के छिलकों की एक परत बिछा दें. यह मिट्टी की नमी को उड़ने से रोकता है, गमले को ठंडा रखता है और धीरे-धीरे सड़कर पौधों के लिए प्राकृतिक कंपोस्ट (खाद) बन जाता है.
ग्रिलिंग और बेकिंग में इस्तेमाल
इस्तेमाल: पनीर, सब्जियां या कबाब ग्रिल या बेक करते समय उन्हें भुट्टे के ताजे छिलकों में लपेटकर धागे से बांध दें और फिर ग्रिल करें. इससे अंदर की नमी बरकरार रहती है और खाना बिना जले बेहद जूसी और स्मोकी बनता है.
इको-फ्रेंडली होम डेकोर और क्राफ्ट
इस्तेमाल: भुट्टे के छिलकों को सुखाकर उनसे सुंदर हस्तनिर्मित गुड़िया, प्राकृतिक फूल, तोरण या टोकरियां बनाई जा सकती हैं. इन्हें आप घर के सजावटी सामान या बच्चों के स्कूल क्राफ्ट प्रोजेक्ट में इस्तेमाल कर सकते हैं.
बगीचे के लिए फ्री कंपोस्ट
इस्तेमाल: भुट्टे के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर अपने कंपोस्ट बिन (खाद के गड्ढे) में ब्राउन मैटर के रूप में मिलाएं. यह मिट्टी को हल्का बनाता है और उसमें हवा का प्रवाह सही रखता है.