scorecardresearch
 

अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव, CDS ने कहा- अग्निवीरों को मिलेगा 2 साल एक्सटेंशन

सीडीएस ने अग्निपथ में बदलाव की बात बताई. चुनिंदा अग्निवीरों को दो साल सेवा विस्तार मिलेगा. पहला बैच 2026-27 में पूरा होगा. योजना फीडबैक के आधार पर सुधारी जा रही है. प्रशिक्षित जवानों को बनाए रखने का लक्ष्य है.

Advertisement
X
सीडीएस ने अग्निवीरों की नौकरी में 2 साल के विस्तार की घोषणा की है. (Photo: ITG)
सीडीएस ने अग्निवीरों की नौकरी में 2 साल के विस्तार की घोषणा की है. (Photo: ITG)

भारतीय सरकार और सशस्त्र बल अग्निपथ योजना की सक्रिय समीक्षा कर रहे हैं. योजना में बड़े बदलावों पर विचार चल रहा है क्योंकि अग्निवीरों का पहला बैच अपनी चार साल की सेवा अवधि पूरी करने के करीब पहुंच रहा है. यह अवधि 2026-27 में समाप्त होने वाली है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणी ने कहा है कि अग्निवीरों को 2 साल का विस्तार मिल रहा है. 

सरकार चुनिंदा अग्निवीरों के लिए दो साल की सेवा विस्तार दिया जाएगा. ये वे अग्निवीर होंगे जिन्हें नियमित स्थायी कैडर में तुरंत शामिल नहीं किया जाएगा. वर्तमान व्यवस्था में अग्निवीर चार साल सेवा करते हैं जिसके बाद सिर्फ 25% को नियमित कैडर में रखा जाता है. जबकि बाकी 75% को नौकरी के दो साल विस्तार का फायदा मिलेगा. 

यह भी पढ़ें: नॉर्थ कोरिया ने मिसाइलें दागीं या रॉकेट... पता नहीं चला, टेंशन में आए जापान-साउथ कोरिया

यह प्रस्तावित विस्तार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रशिक्षित जवानों को चार साल बाद पूरी तरह छोड़ने के बजाय कुछ और समय तक सेना में रखने से अनुभव और दक्षता बनी रहेगी. सेना के अंदर और राजनीतिक हलकों में रिटेंशन यानी जवानों को बनाए रखने, उनके अनुभव और भविष्य को लेकर चर्चा बढ़ रही है. 

सीडीएस जनरल राजा सुब्रमणी ने जोर देकर कहा कि योजना को जमीनी फीडबैक के आधार पर लगातार सुधारा जा रहा है. यह फीडबैक कमांडरों और खुद अग्निवीरों से आ रहा है. सरकार का रुख साफ है कि अग्निपथ कोई स्थिर योजना नहीं है बल्कि समय के साथ इसमें बदलाव होते रहेंगे.

Advertisement

Agnipath Yojana major review

योजना की मौजूदा चुनौतियां और संभावित लाभ

अग्निपथ योजना शुरू होने के बाद युवाओं को सेना में शामिल होने का नया रास्ता मिला लेकिन चार साल बाद ज्यादातर जवानों के बाहर होने से अनुभव की कमी और भविष्य की अनिश्चितता जैसे मुद्दे उठे. दो साल का विस्तार उन चुनिंदा अग्निवीरों को मिलेगा जो प्रदर्शन में बेहतर होंगे. 

इससे सेना को प्रशिक्षित बल का फायदा मिलेगा और जवानों को अतिरिक्त अनुभव तथा स्थिरता का मौका मिलेगा. सेवा निधि के अलावा विस्तार अवधि में वेतन और अन्य सुविधाएं भी जारी रहेंगी. यह कदम युवाओं के बीच योजना की स्वीकार्यता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है.

यह भी पढ़ें: नागास्त्र सुसाइड ड्रोन, पिनाका रॉकेट... नागपुर बना सेना के हथियारों का सेंटर, ऑपरेशन सिंदूर में दिलाई थी सफलता

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बदलाव से योजना और व्यावहारिक बनेगी. पहली खेप के अनुभवों से सीखकर सरकार अब रिटेंशन रेट बढ़ाने या विस्तार का विकल्प देकर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. सीडीएस के बयान से साफ है कि फीडबैक को गंभीरता से लिया जा रहा है. 

आने वाले महीनों में आधिकारिक घोषणाएं हो सकती हैं. अग्निपथ को और प्रभावी बनाने के लिए यह समीक्षा सकारात्मक कदम है जो सेना की जरूरतों और युवाओं की आकांक्षाओं दोनों को ध्यान में रखती है. कुल मिलाकर यह बदलाव भारतीय सशस्त्र बलों की युवा शक्ति को और मजबूत बना सकता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement