How to make kuttu ka halwa: सावन का पवित्र महीना खत्म होने वाला है और परसों सावन का आखिरी सोमवार है. इस दिन असंख्य लोग व्रत रखेंगे. व्रत में पूजा में भोग और फलाहार में अगर आप बाहर से कुछ मीठा खरीदने की सोच रहे हैं तो रुक जाइए. त्योहारों और सावन के दौरान बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में मिलावट का खतरा ज्यादा रहता है जो सेहत बिगाड़ सकती है.
ऐसे में बाजार की मिलावटी मिठाइयों से परहेज करें और घर पर ही महज 10 मिनट में शुद्ध देसी घी से कुट्टू के आटे का दानेदार हलवा बनाएं. कुट्टू का आटा पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो व्रत में शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. यहां हम आपको कुट्टू के आटे के दानेदार हलवे की आसान रेसिपी बता रहे हैं.
सामग्री
कुट्टू का आटा - 1 कप
देसी घी - 1/2 कप
चीनी या देसी खांड - 3/4 कप
पानी - 2 कप (गुनगुना)
काजू और बादाम (कटे हुए) - 2 बड़े चम्मच
हरी इलायची पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
मखाने (हल्के भुने हुए) - 8 से 10 (ऑप्शनल)
बनाने का तरीका
एक भारी तले की कड़ाई में देसी घी डालें और मध्यम आंच पर हल्का गरम होने दें.
गरम घी में कटे हुए काजू, बादाम और मखाने डालकर 1 मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भूनकर एक कटोरी में अलग निकाल लें.
अब बचे हुए घी में 1 कप कुट्टू का आटा डालें. आंच को धीमा रखें और लगातार चलाते हुए आटे को भूनें.
आटे को तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग हल्का गहरा न हो जाए और उसमें से सोंधी खुशबू न आने लगे. ध्यान रखें कि कुट्टू का आटा बहुत जल्दी जलता है, इसलिए इसे लगातार चलाते रहें.
जब आटा अच्छे से भून जाए, तो इसमें थोड़ा-थोड़ा करके 2 कप गुनगुना पानी डालते जाएं और दूसरे हाथ से कड़ाही को लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें.
जब आटा सारा पानी सोख ले और हलवा गाढ़ा होने लगे, तब इसमें चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं.
चीनी पिघलने के बाद हलवा थोड़ा ढीला होगा. इसे धीमी आंच पर 2-3 मिनट तक तब तक पकाएं जब तक कि हलवा कड़ाही के किनारे न छोड़ने लगे और घी अलग न दिखने लगे.
ऊपर से भुने हुए ड्राई फ्रूट्स मिलाएं. तैयार है आपका सावन स्पेशल 'कुट्टू का दानेदार हलवा'. इसे शिव जी को भोग लगाने के बाद गरमा-गरम फलाहार के रूप में परोसें.