आंखें हमारे चेहरे का सबसे खूबसूरत और संवेदनशील हिस्सा होती हैं और काजल उनकी सुंदरता में चार चांद लगा देता है. लेकिन आज बाजार में मिलने वाले ज्यादातर काजल में लेड, कार्बन ब्लैक, पैराबेंस और कई तरह के केमिकल्स मिले होते हैं, जो आंखों में जलन, सूखापन, एलर्जी और डार्क सर्कल्स का कारण बन सकते हैं. खास तौर पर छोटे बच्चों और संवेदनशील आंखों वालों के लिए बाजारू काजल का इस्तेमाल काफी जोखिम भरा हो सकता है.
ऐसे में बाजार के इस मिलावटी काजल को अलविदा कहें और अपनी रसोई में मौजूद प्राकृतिक चीजों से 100% शुद्ध, हर्बल और सुरक्षित 'नेचुरल बादाम काजल' तैयार करें. यह काजल न सिर्फ आपकी आंखों को गहरा काला और सुंदर लुक देगा, बल्कि इसमें मौजूद बादाम और देसी घी आंखों की रोशनी बढ़ाने और उन्हें ठंडक देने में भी मदद करेंगे. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान और पारंपरिक विधि!
सामग्री:
4-5 साबुत बादाम
2-3 बड़े चम्मच शुद्ध देसी घी
1 बड़ा चम्मच अजवाइन या थोड़ी-सी भीमसेनी कपूर (आंखों में ठंडक के लिए)
1 सूती या मलमल का कपड़ा (दीया बाती बनाने के लिए)
एक मिट्टी का दीया
2 कटोरियां या ग्लास (दीये को सहारा देने के लिए)
एक भारी स्टील या तांबे की प्लेट/कटोरी
बनाने की विधि:
बादाम से बनाएं: एक फोर्क (कांटे वाले चम्मच) में बादाम को फंसाकर दीये की लौ के ठीक ऊपर पकड़ें. बादाम के जलने से जो काला धुआं निकलेगा, उसे ऊपर रखी स्टील की प्लेट के निचले हिस्से पर जमने दें.
दीया से बनाएं : या फिर दीये के ऊपर कटोरियों के सहारे स्टील की प्लेट को उल्टा करके रख दें, ताकि दीये की लौ सीधे प्लेट के तले से टकराए. 15-20 मिनट में प्लेट के नीचे गहरे काले रंग की राख की मोटी परत जम जाएगी.
गैस/दीया बंद करें और प्लेट को ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद एक साफ चम्मच की मदद से जमे हुए काले पाउडर को खुरच कर एक छोटी साफ डिब्बी में निकाल लें.
काजल का रूप दें: अब इस काले पाउडर में 2-3 बूंदें पिघला हुआ शुद्ध देसी घी मिलाएं. इसे चम्मच के पीछे से या साफ उंगली से अच्छी तरह ब्लेंड करें जब तक कि यह एकदम स्मूथ, क्रीमी और गहरे काले काजल का टेक्सचर न ले ले.
तैयार है आपका 100% शुद्ध, हर्बल और ऑर्गेनिक काजल! इसे किसी कांच या पीतल की छोटी डिब्बी में भरकर रखें.