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Pitra Paksha 2026: पितृपक्ष में बाल कटवाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र

Pitra Paksha 2026: पितृपक्ष को लेकर कई ऐसी मान्यताएं हैं, जिनका लोग पालन तो करते हैं. लेकिन उसके पीछे के मूल कारण को वो नहीं जानते हैं. ऐसी ही एक मान्यता पितृपक्ष में बाल न कटवाने की है. हिंदू धर्म में पितृपक्ष में बाल कटवाना वर्जित माना गया है.

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बाल-दाढ़ी के अलावा कई अन्य कार्य श्राद्ध के दिनों में न करने की सलाह दी जाती है. (Photo: ITG)
बाल-दाढ़ी के अलावा कई अन्य कार्य श्राद्ध के दिनों में न करने की सलाह दी जाती है. (Photo: ITG)

Pitra Paksha 2026: पितृपक्ष चल रहा है. इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक रहने वाला है. इसे श्राद्धपक्ष भी कहा जाता है. पितृपक्ष को लेकर कई ऐसी मान्यताएं हैं, जिनका लोग पालन तो करते हैं. लेकिन उसके पीछे के मूल कारण को वो नहीं जानते हैं. ऐसी ही एक मान्यता पितृपक्ष में बाल न कटवाने की है. हिंदू धर्म में पितृपक्ष में बाल कटवाना वर्जित माना गया है. कुछ लोग मानते हैं कि इससे पितृ रुष्ट हो जाते हैं. हिंदू धर्म का प्रमुख ग्रंथ धर्म सिंधु इस बारे में ज्यादा सटीक जानकारी देता है.

धर्म सिंधु में एक श्लोक है-
पितृपक्षे न कर्तव्यं क्षौरं श्राद्धदिने क्वचित्।
कृते तु तत्र क्षौरे तु केशाः पितृमुखे पतन्ति॥

इस श्लोक का अर्थ है कि पितृपक्ष में श्राद्ध के दिन कभी भी क्षौर कर्म नहीं करना चाहिए. यानी श्राद्ध के दिनों में दाढ़ी-बाल कटवाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि यदि श्राद्ध के दिन क्षौर किया जाता है, कटे हुए बाल पितरों के मुख में गिरते हैं. इसलिए ज्योतिषिद लोगों को सलाह देते हैं कि श्राद्ध के दिनों में बाल कटवाने से पितरों के मुख में बाल गिरते हैं और इससे वो रुष्ट हो जाते हैं.

श्राद्ध में कौन-कौन से कार्य वर्जित?
बाल-दाढ़ी के अलावा कई अन्य कार्य श्राद्ध के दिनों में न करने की सलाह दी जाती है. इन दिनों में नाखून आदि काटने से बचना चाहिए.  विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे संस्कार से भी परहेज किया जाता है. इन दिनों में नई दुकान या नया व्यापार शुरू करने से भी बचना चाहिए. साथ ही, इस पवित्र अवधि में सात्विक चीजों का ही सेवन करना चाहिए. लहसुन, प्याज, हींग जैसे तामसिक चीजों और अंडा या मांस का सेवन नहीं करना चाहिए.

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पितृपक्ष 2026 का कैलेंडर
पूर्णिमा श्राद्धा- 26 सितंबर 2026, शनिवार
प्रतिपदा तिथि श्राद्ध- 27 सितंबर 2026, रविवार
द्वितीया श्राद्ध- 28 सितंबर 2026, सोमवार
तृतीया श्राद्ध- 29 सितंबर 2026, मंगलवार
चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध- 30 सितंबर 2026, बुधवार
षष्ठी तिथि का श्राद्ध- 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार
सप्तमी तिथि का श्राद्ध- 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
अष्टमी तिथि का श्राद्ध- 3 अक्टूबर 2026, शनिवार
नवमी तिथि का श्राद्ध- 4 अक्टूबर 2026, रविवार
दशमी तिथि का श्राद्ध- 5 अक्टूबर 2026, सोमवार
एकादशी तिथि का श्राद्ध- 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार
द्वादशी तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
मघा तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध- 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार
चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध- 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
सर्वपितृ अमावस्या-10 अक्टूबर 2026, शनिवार

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